भारत की बेमिसाल विरासत से दुनिया स्तंभित

विश्व विरासत दिवस- 18 अप्रैल, 2024 मानव सभ्यता के इतिहास और विरासत को एक साथ सम्मान देने के लिए हर साल 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर की विभिन्न संस्कृतियों को प्रोत्साहित करने, सांस्कृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक स्मारकों और स्थलों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए … Read more

समानता, न्याय और बंधुता के लिए वोट करें

-बाबूलाल नागा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 एक सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को निर्वाचित सरकार के सभी स्तरों के चुनावों के आधार के रूप में परिभाषित करता है। सर्वजनीन मताधिकार से तात्पर्य है कि सभी नागरिक जो 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के हैं, उनकी जाति या शिक्षा, धर्म, रंग, प्रजाति और आर्थिक परिस्थितियों के … Read more

रामनवमी मर्यादा पुरषोंत्तम राम का जन्मोत्सव एवं राम राज्य

भगवान विष्णु ने सातवे अवतार में भगवान राम के रूप में त्रेतायुग में जन्म लिया था | भगवान राम का अवतार रावण के अत्याचारों को खत्म करने एवं पृथ्वी से दुष्टों को खत्म कर धर्म एवं सात्विकता की स्थापना के लिए हुआ था | मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जन्म अयोध्या में चैत्र शुक्ल की … Read more

भारत में लोकसभा चुनाव का इतिहास

-बाबूलाल नागा भारतीय लोकतंत्र को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है। आगामी 18वीं लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। मुख्य निर्वाचन आयोग ने देश में आम चुनाव की तरीखों की मुनादी कर दी है। देश की आजादी के बाद अब तक 17 आम चुनाव हो चुके हैं। वर्ष 1952 से 2019 तक … Read more

भारतीय गणतंत्र के संविधान के शिल्पकार बाबा साहिब डॉक्टर अम्बेडकर

भारत रत्न बाबासाहेब अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू छावनी में गरीब दलित (महार) परिवार मे हुआ था। स्कुली पढ़ाई में सर्वश्रेष्ट होने के बावजूद उन्हें एवं अन्य दलित छात्रों को विद्यालय मे अलग से बिठाया जाता था और दलित छात्रों के साथ भेदभाव कर अमानवीय व्यवहार किया जाता था इन बातोँ से … Read more

*अंधेरे में चुनावी तीर, ना विजन, ना एजेंडा*

मतदाताओं को लुभावने वादों से लुभाने के जतन -भाजपा और कांग्रेस के पास ना विजन, ना एजेंडा -ना भाजपा की कोई उपलब्धि, ना कांग्रेस की ✍️प्रेम आनन्दकर, अजमेर। 👉लोकसभा चुनाव की बयार में मतदाताओं को लुभावने वादों और लच्छेदार बातों-भाषणों से लुभाने की कोशिश की जा रही है। वादों और दावों की चाशनी में झूठ … Read more

भारतीय संविधान के शिल्पकार एवं महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर

14 अप्रैल डॉ.भीमराव अंबेडकर जयंती विशेष लेख बाबूलाल नागा 14 अप्रैल को भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 133वीं जयंती है। बाबा साहेब के नाम से मशहूर अंबेडकर लोकतांत्रिक भारत के सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में से एक हैं जो एक न्यायविद, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाजसुधारक थे। उनका जन्म 14 अप्रैल, 1891 को तत्कालीन … Read more

जलकुम्भी पौधा

जलकुम्भी पानी में तैरने वाला एक अद्वितीय प्रकार का फूलदार पौधा है। यह पौधा मूलतः दक्षिणी अमेरिका का है और भारत में वर्ष 1986 में आया। बंगाल के पहले गवर्नर जनरल बेरिन हेस्टिंग्स इसे भारत में लाए थे। इस पौधे के कई लाभ और नुकसान हैं। इस पौधे ने 1950 तक बंगाल और असम में … Read more

चुनाव में व्यक्ति नहीं, मूल्यों की स्थापना का दौर चले

लोकसभा चुनावों की सरगर्मियां उग्र से उग्रतर होती जा रही है, पहली बार भ्रष्टाचार चुनावी मुद्दा बन रहा है, कुछ भ्रष्टाचार मिटाने की बात कर रहे हैं तो कुछ भ्रष्टाचारियों को बचाने की बात कर रहे हैं। मुसलमान वोटों की राजनीति करने वाले दल अपने घोषणा पत्रों में उनके कल्याण की कोई बात ही नहीं … Read more

लोकसभा चुनाव में एक नये अध्याय की शुरुआत हो

लोकसभा चुनाव में चुनावी मैदान सज गया है, सभी राजनीतिक दलों में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला हमेशा की तरह परवान चढ़ने लगा है। राजनीति में स्वच्छता, नैतिकता एवं मूल्यों की स्थापना के तमाम दावों के अनैतिकता, दल-बदल, आरोप-प्रत्यारोप की हिंसक मानसिकता पसरी है। राजनेता दलबदल की ताल ठोक रहे हैं। दलबदलुओं को टिकट देने … Read more

*राजस्थान में मिशन-25 की हैट्रिक आसान नहीं*

*आधा दर्जन से ज्यादा सीटों पर भाजपा संकट में* *पार्टी को मोदी के मैजिक की उम्मीद* *■ओम माथुर■* राजस्थान में भले ही भारतीय जनता पार्टी इस बार मिशन 25 की हैट्रिक लगाने के दावे कर रही हो, लेकिन यह हकीकत है कि पार्टी के अंदरखाने में भी कम से कम दस सीटों पर टक्कर मानी … Read more

error: Content is protected !!