प्रभु भक्ति सत्य एकता सच्चाई और सद्दभाव की निरंकुश आततायी और असहिष्णु राज्य शक्ति पर जीत का पर्व होली

हमारे मुल्क के अंदर पर्व मनाने के पीछे तर्क यही है कि जिंदगी को एक उत्सव के रूप में जिया जाये, जीवन का हर पल सुखमय और आनंदमय हो | प्रतेयक पर्वों का धार्मिक सामजिक और वैज्ञानिक महत्व होता है | होली के पर्व का सामाजिक पहलू भी है क्योंकि होली का पर्व परिवार, आस-पडोस,समाज, … Read more

खुशहाल समाजों की रैंकिंग से भारत भ्रमित न हो

143 देशों के विश्व खुशहाली रैकिंग में भारत 126वें स्थान पर रहा है जिसमें फिनलैंड ने लगातार छठीं बार सर्वोच्च स्थान पाया है। यह बात भी गौर करने की है कि भारत में दस अंकों का सुधार हुआ है, फिर भी भारत के लिये आश्चर्यकारी एवं विचारणीय है। फिनलैंड को दुनिया का सबसे खुशहाल देश … Read more

होली दिलों से जुड़ी प्रेरक भावनाओं का पर्व

होली एक ऐसा त्योहार है, जिसका धार्मिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक-आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। बदलती युग-सोच एवं जीवनशैली से होली त्यौहार के रंग भले ही फीके पड़े हैं या मेरे-तेरे की भावना, भागदौड़, स्वार्थ एवं संकीर्णता से होली की परम्परा में धुंधलका आया है। परिस्थितियों के थपेड़ों ने होली की खुशी को प्रभावित … Read more

जीवन की राह बताते बंजारा के प्रतिभाशाली पुत्र नितिन को पारखी नजर का इंतजार

मरुधरा की माटी के कण कण में बसे वीर और नौनिहाल लाल अपनी प्रतिभा की चमक बिखेरते रहते हैं। यही चमक राजस्थान को झिलमिल कर देश में नाम रौशन कर देती हैं। कुछ गुदडी के लाल ऐसे हैं जिनकी प्रतिभा पर कभी नजर पडती है तो कभी नहीं पडती। एतिहासिक और धामिर्क दृष्टि से पवित्र … Read more

कविता भावना का संगीत और शब्दों का सौन्दर्य है

विश्व कविता दिवस- 21 मार्च, 2024 कविताएं प्राचीन काल से न ही सिर्फ मानव मन को बल्कि समाज के विभिन्न मुद्दों, संवेदनाओं एवं भावों को कलात्मक ढंग से कहने का एक ठोस तरीका रही हैं। विश्व-साहित्य में कविताओं का सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। भारत में ऋषि-मुनियों ने काव्य व छंदों में कितनी ही बातें … Read more

गौरैया की विलुप्ति की त्रासदी चिंताजनक

विश्व गौरैया दिवस- 20 मार्च, 2024 विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च को दुनियाभर में मनाने का उद्देश्य गौरैया पक्षी की लुप्त होती प्रजाति को बचाना है। पेड़ों की अंधाधुंध होती कटाई, आधुनिक शहरीकरण और लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से गौरैया पक्षी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है। इस दिवस की थीम पिछले कुछ … Read more

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान रहा है वीरांगना अवंतीबाई लोधी का

(वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी के 166वें बलिदान दिवस 20 मार्च 2024 पर विशेष) आज भी भारत की पवित्र भूमि ऐसे वीर-वीरांगनाओं की कहानियों से भरी पड़ी है जिन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश के आजाद होने तक भिन्न- भिन्न रूप में अपना अहम योगदान दिया। लेकिन भारतीय इतिहासकारों ने हमेशा से उन्हें … Read more

*जातिगत वोटों का साधने की मंशा*

-लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले राजस्थान में राजनीतिक नियुक्तियां -आयोगों और बोर्डों में अध्यक्ष नियुक्त कर सात जातियों को साधने की कोशिश ✍️प्रेम आनन्दकर, अजमेर। 👉राजस्थान की भाजपा सरकार ने 16 मार्च को लोकसभा चुनावों की घोषणाएं होने और आदर्श आचार संहिता लागू होने से कुछ घंटे पहले करीब सात आयोगों और … Read more

आम चुनाव में अर्जुन की आंख चाहिए

लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और चुनाव का माहौल गरमा रहा है। चुनावों की तारीखें घोषित किए जाने के साथ ही जैसी कि उम्मीद थी, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी और तेज हो गई। कौरव रूपी विपक्षी दल एवं पाण्डव रूपी भाजपा के बीच इस चुनाव में असली जंग सत्य और … Read more

*रिटायरमेंट के बाद अफसरों व जजों को नहीं मिले पांच साल तक कोई पद*

*बनना चाहिए ऐसा भी कानून* ———————— *■ओम माथुर■* एक कानून ये भी कि बनना चाहिए कि जजों,प्रशासनिक अधिकारियों और सरकारी सेवाओं में उच्च पदों पर रहने वालों को उनके रिटायरमेंट के बाद किसी भी पद पर मनोनीत या नियुक्त नहीं किया जाएगा या फिर रिटायरमेंट के कम से कम पांच साल बाद ही उन्हें पद … Read more

*बज गया लोकसभा चुनाव का बिगुल*

कस लो लुभावनी घोषणाओं और वादों के तीर-कमान -जनता के देवरे धोकने और वर्करों में जोश फूंकने में कमी नहीं छोड़ना -जनता भी पागल है और कार्यकर्ता भी, मजे तो नेताओं को ही लूटने हैं ✍️प्रेम आनन्दकर, अजमेर। 👉लोकसभा चुनाव का बहुप्रतीक्षित बिगुल बज गया है। देश की स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने … Read more

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