नेहरू एक गर्वोक्ति

   आज भारत के पहले प्रधानमंत्री प जवाहरलाल नेहरू की पुण्य तिथि है।        उन्हें याद करते हुए मैं राजनीति से इतर एक दृष्टा  या पथ प्रदर्शक के रूप में देखता हूँ। अपनी कल्पना की उड़ान को जब देश की आजादी के मुहाने पर खड़ा करता हूँ तो भीतर तक सिहरन उठ जाती … Read more

क्या एआई मानवता के महाविनाश का कारण बनेगी?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आज केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं रह गई है, बल्कि वह मानव सभ्यता के भविष्य का निर्णायक मोड़ बनती जा रही है। जिस गति से यह तकनीक विकसित हुई है, उसने दुनिया को आश्चर्यचकित भी किया है और चिंतित भी। अभी तक विज्ञान और तकनीक मनुष्य के हाथों में उपकरण थे, … Read more

प्यार-प्यार में फर्क क्यों ?

–श्रीमती संतोष शर्मा स्वतंत्र पत्रकार साकेत नगर         ढाई अक्षर के प्रेम शब्द में वह शक्ति है जिससे दो आत्माओं का पवित्र मिलन होता है। जो प्यार करने वाले दो दिलों को हमेशा हमेशा के लिए एक दूसरे से बांध देता है। यह प्रेम दो आत्माओं में अपनापन होने पर स्वतः ही पैदा होता है। प्रेम … Read more

विपक्ष से सत्ता पक्ष में आने के लिये संगठित होकर शंखनाद तो करना ही होगा

अजमेर कांग्रेस :-पूरे राजस्थान प्रदेश की कांग्रेस और उसमें अजमेर की कांग्रेस हमेशा से ही एक अहम भूमिका मैं अपना वर्चस्व अपनी अलग पहचान प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी बनाए हुए हैं, कार्यशील है, प्रगतिशील है भले ही 20-25 वर्षों से तो लगातार अजमेर के दोनों विधानसभा क्षेत्र हारते आ रहै है। लोकसभा … Read more

यह कैसा समाज है, जिसमें अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म

किसी भी सभ्यता की वास्तविक पहचान उसकी ऊँची इमारतों, चमकती सड़कों, आर्थिक प्रगति या तकनीकी उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों, माता-पिता और निर्बल वर्ग के प्रति कितना संवेदनशील है। लेकिन आज का सबसे पीड़ादायक प्रश्न यही है कि जिस भारत ने “मातृ देवो भवः, पितृ देवो … Read more

कांग्रेस को संसद से संगठन तक युवा नेतृत्व की जरूरत

-निरंजन परिहार भारतीय राजनीति में कांग्रेस के लिए ये बड़ी चुनौतियों का दौर है। एक ओर बीजेपी आक्रामक संगठन, मजबूत नेतृत्व और वैचारिक स्पष्टता के साथ अपनी संगठन और सत्ता दोनों को विस्तार दे रही है, तो उसके मुकाबले कांग्रेस अपने संगठनात्मक पुनर्निर्माण और वैचारिक पुनर्स्थापना की नई प्रक्रिया में है। कांग्रेस के सामने चुनौती केवल चुनाव … Read more

ऐसा भ्राता नही हूं मैं

स्वयं को होशियार समझता ऐसा भ्राता नहीं हूं मैं, गले मिलकर ही गला काटें ऐसी-मात्रा नहीं हूं मैं। गैरों का भी जो दर्द समझते ऐसा एक इंसान हूं मैं, क्या होता है यें प्रेम भली-भांति से समझता हूं मैं ।। दिल में अपनें दुःख समेटे उम्र भर जीता रहा हूं मैं, सब देखकर भी अनजानों … Read more

*कॉकरोच पार्टी ;-व्यंग्य विधा की जीत*

कॉकरोच ..कॉकरोच.. कॉकरोच… सोशल मीडिया की सीलन पर इस कदर फैले हुए है गोया हम  किसी मलबे के ढेर पर खड़े हैं और कॉकरोच हमारे दिमाग में चढ़ गए हैं ..।       जबकि सोशल मीडिया से उठे इस तकनीकी गुबार की बहुत दिनों तक बने रहने की संभावना बहुत कम है। बावजूद इसके … Read more

सेवादल संस्थापक डॉ एन एस हार्डिकर जी की 137वी जयन्ती पर विशेष

अजमेर 7 मई (    ) कांग्रेस सेवादल के संस्थापक डॉ नारायण सुब्बाराव जी हार्डिकर की 137वी जयन्ती के अवसर पर पुरे भारत वर्ष में कांग्रेस सेवादल के साथी उन्हें श्रद्धाभाव से याद कर उनके बताये रास्तों पर चलने का संकल्प ले रहे हैं l राजस्थान प्रदेश कांग्रेस सेवादल के प्रदेश मुख्य प्रशिक्षक पूर्व पार्षद … Read more

बंगाल का जनादेश: जहाँ मन भय से मुक्त हो

रविन्द्रनाथ टैगोर जयंती पर विशेष भारत के सांस्कृतिक आकाश में कुछ ऐसे नक्षत्र हैं, जिनकी आभा समय की सीमाओं को लाँघकर युगों तक प्रकाश देती रहती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर ऐसा ही एक नाम हैं—एक ऐसी चेतना, जिसने न केवल साहित्य को, बल्कि समाज, शिक्षा, राजनीति और मानवता की व्यापक अवधारणाओं को नई दिशा दी। 9 … Read more

किराये की संतान नहीं, अपनत्व का पुनर्जागरण चाहिए

जीवन की सांझ जब अपने पूरे विस्तार के साथ उतरती है, तब मनुष्य को सबसे अधिक आवश्यकता दवाइयों या धन की नहीं, बल्कि अपनों के सान्निध्य और अपनों की होती है। यह वही समय होता है जब व्यक्ति अपने जीवन की संचित स्मृतियों, अनुभवों और भावनाओं को साझा करना चाहता है। लेकिन आज का कठोर … Read more

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