दिल्ली प्रदूषण : पर्यावरण नहीं स्वास्थ्य की समस्या बन चुका है

दिल्ली की हवा अब केवल प्रदूषित नहीं है, वह हमारे समय की सबसे बड़ी चुपचाप फैलती हुई आपदा बन चुकी है। यह संकट अचानक नहीं आया, बल्कि वर्षों की लापरवाही, गलत प्राथमिकताओं और आधे-अधूरे समाधानों का नतीजा है। हर सर्दी में जब स्मॉग की मोटी परत राजधानी को ढक लेती है, तब हम कुछ दिनों के लिए चिंतित होते … Read more

राम वी. सुतार के हाथों में आकर पत्थर बोल उठते थे

राम वी. सुतार का शतायु जीवन केवल वर्षों की गणना नहीं था, वह भारतीय मूर्ति-कला की सदियों लंबी साधना का सजीव विस्तार था। सौ वर्ष की उम्र में उनका जाना ऐसा है जैसे पत्थर बोलने वाली भाषा का कोई मौन हो जाना, जैसे हथौड़े और छैनी के बीच जन्म लेने वाली संवेदनाओं का विराम। वे … Read more

मानव एकजुटता से ही बचेगा मानव-सभ्यता का अस्तित्व

अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस -20 दिसंबर, 2025 अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस हर साल 20 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2005 में घोषित किया था और इसका मुख्य उद्देश्य गरीबी उन्मूलन, सतत विकास और विविधता में एकता को बढ़ावा देने के लिए लोगों को एकजुटता के महत्व के बारे में जागरूक … Read more

अमीरी की जीवनशैली, प्रदूषण का बोझ और गरीब की त्रासदी

देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आज जिस घातक पर्यावरण संकट से गुजर रही है, वह केवल एक शहर की समस्या नहीं, बल्कि पूरे देश के लिये चेतावनी है। विडंबना यह है कि इस संकट के नाम पर जो तात्कालिक उपाय लागू किए जाते हैं, उनका सबसे बड़ा खामियाजा वही तबका भुगतता है, जिसकी इसमें सबसे … Read more

इच्छा मृत्युः संवेदना एवं संविधान के बीच फंसा मानवीय प्रश्न

इच्छा मृत्यु यानी व्यक्ति की अपनी इच्छा के अनुसार जीवन का अंत, भारत में लंबे समय से सामाजिक, नैतिक और कानूनी विमर्श का विषय रही है। यह प्रश्न केवल मृत्यु से जुड़ा नहीं है, बल्कि असहनीय पीड़ा, मानवीय गरिमा, करुणा और आत्मनिर्णय के अधिकार से गहराई से संबंधित है। इनदिनों एक 32 वर्षीय युवक, जो … Read more

सर्दियों में हार्ट अटैक क्यों बढ़ते हैं: हर परिवार को जानना चाहिए

जयपुर, 15 दिसंबर 2025 : सर्दियों में दिल के दौरे (हार्ट अटैक) के मामले बढ़ जाते हैं। ठंडा मौसम दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनमें पहले से दिल, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, 2023 में हार्ट अटैक से 2,853 लोगों की जान गई, जिनमें 11 से 25 वर्ष के युवा भी शामिल थे। ऐसे में … Read more

कटघरे में सियासतः विधायक निधि या वसूली निधि?

 राजस्थान की राजनीति एक बार फिर उस सवाल के कटघरे में खड़ी है, जो भारतीय लोकतंत्र को भीतर से खोखला करता रहा है-क्या जनप्रतिनिधि जनता की सेवा के लिए चुने जाते हैं या सत्ता को निजी कमाई का साधन बनाने के लिए? जनता के विकास के लिए बनी विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि अब सवालों के घेरे … Read more

स्वामिभक्त दूधा

जरूरी    न    था   रोटी   लाना। जो   हाथ   यूं   कटवा   आया।। एक  दिन  अगर  मैं  नहीं खाता, मुझको   राम   रखता    भाया।। देख   दशा   भील   बालक  की, राणा   का    हृदय   भर  आया। मैं   केसे   ऋण  मुक्त   होऊंगा, तेने  जो  कर्ज  मुझ  पर ढ़ाया।। प्रताप   को    दुश्मन    घेरे    थे, तब  भील  … Read more

सोशल मीडिया का बढ़ता वर्चस्व और खोता हुआ बचपन

पिछले एक दशक में जिस सोशल मीडिया को आधुनिकता की उपलब्धि, अभिव्यक्ति की आजादी और वैश्विक संपर्क का सबसे बड़ा माध्यम माना गया था, उसी सोशल मीडिया ने अब अपने छिपे डरावने एवं वीभत्स चेहरे दिखाने शुरू कर दिए हैं। पश्चिमी देश, जो कल तक इसके गुणगान करते नहीं थकते थे, अब उसके दुष्परिणामों से … Read more

पाक में हिन्दू-सिख अल्पसंख्यकों की चिन्ताजनक तस्वीर

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के हालात पर उठती चिंताएँ कोई नई बात नहीं हैं, पाक में हिन्दू-सिख अल्पसंख्यकों पर किस कदर अत्याचार हो रहे हैं और यह समस्या दिन-ब-दिन गहरी होती गयी है। लेकिन हाल ही के आधिकारिक आँकड़ों ने एक बार फिर इस सच्चाई को निर्मम रूप से सामने ला दिया है कि वहाँ रहने … Read more

ट्रांसजेंडर की पहचान और अधिकार: समानता की राह में जरूरी सवाल

भारतीय समाज विविधताओं से भरा हुआ है, लेकिन इस विविधता के बीच कुछ समुदाय ऐसे भी हैं जिन्हें लंबे समय से उपेक्षा, भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा है। ट्रांसजेंडर समुदाय उन्हीं में से एक है। यद्यपि सुप्रीम कोर्ट और संविधान ने इस समुदाय को समान गरिमा और अधिकार दिए हैं, फिर भी … Read more

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