यूनेस्को ने दीपावली को विश्व धरोहर घोषित किया

यूनेस्को द्वारा दीपावली को अमूर्त विश्व धरोहर घोषित किया जाना भारत की सांस्कृतिक चेतना का ऐसा महत्त्वपूर्ण क्षण है, जो न केवल भारतीयों को गौरवान्वित करता है बल्कि यह सिद्ध करता है कि भारतीय सभ्यता की आत्मा आज भी मानवता का मार्गदर्शन करने की क्षमता रखती है। दीपावली मात्र एक त्योहार नहीं, बल्कि जीवन, आत्मा, … Read more

फिल्मी दुनिया की दिलचस्प बातें

अभिनेता-निर्देशक टीनू आनंद की वजह से अमिताभ बच्चन को उनकी पहली फिल्म ‘ सात हिंदुस्तानी ‘ में काम करने का मौका मिला….// जी हां, अब तो शायद बहुत थोड़े फिल्म प्रेमी ही होंगे जो इस बात से अंजान होंगे कि अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म  का नाम ‘सात हिंदुस्तानी’ है। जो सन् 1969 में प्रदर्शित  … Read more

मानवाधिकार दिवस: संकल्प समानता, न्याय और गरिमा का

हर वर्ष 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। यह सिर्फ एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि उन मूल्यों की याद है जो हर इंसान को सहज रूप से मिलने चाहिए—सम्मान, समानता, स्वतंत्रता और न्याय। दुनिया में सभी को समानता का अधिकार मिले, इस दुनिया में जो भी है, सभी समान रूप से जीने … Read more

अब भारत बनेगा सनातन राष्ट्र दिल्ली में होगा शंखनाद महोत्सव, 300 से ज्यादा संत और देशभर की कई हस्तियां करेंगी शिरकत

अयोध्या जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद अब भारत को सनातन राष्ट्र बनाने की तैयारी है। सुरक्षा, संस्कृति और शौर्य का पुनर्जागरण करने के उद्देश्य से सनातन संस्था एवं सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन के बैनर तले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का भव्य आयोजन होगा। आगामी 13 व 14 दिसंबर … Read more

हास्य व्यंग्य : मेरी एक तो तेरी दोनों आंखें फूटे

नहीं नहीं स्वयं को अब च्यवन ऋषि मत समझ लेना। कोई राजकुमारी आएगी और तुम्हारी दोनों आंखें गलती से फोड़ जाएगी और बदले में उस दीमक से ढके हुए बूढ़े घूसट को सुंदर सुकन्या राजकुमारी मिल जाएगी। हां, माना लड़की जब पत्नी बन जाती है दोहरी भूमिका निभाती है। खैर अभी हम आंख में धूल … Read more

कैंपस प्लेसमेंट में धांधलीः नैतिकता और छात्र हितों का हनन

देश के प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थानों-विशेषतः आइआइटीज द्वारा 20 से अधिक कंपनियों को कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया से बाहर करना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में नैतिकता, पारदर्शिता और छात्र-हित संरक्षण को मजबूती प्रदान करने वाला साहसिक कदम है। इन कंपनियों ने छात्रों को ऑफर लेटर दिए, उनके परिवारों के भीतर … Read more

*कलम से क्रांति तक: डॉ. अंबेडकर की पत्रकारिता और मीडिया दृष्टि*

6 दिसंबर डॉ. भीमराव अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस        भारत के सामाजिक, राजनीतिक और वैचारिक इतिहास में डॉ. भीमराव अंबेडकर एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने समाज के हर वर्ग के लिए न्याय, समानता और मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ी। वह सिर्फ संविधान निर्माता, अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता और समाज सुधारक ही नहीं थे, बल्कि एक दूरदर्शी मीडिया … Read more

समता, न्याय और मानवता के अग्रदूत-डॉ. भीमराव अंबेडकर

6 दिसंबर डॉ. अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस 6 दिसंबर का दिन भारतीय इतिहास में केवल एक तिथि भर नहीं है, बल्कि यह उस महामानव की स्मृति का दिन है जिसने सामाजिक असमानता, जाति व्यवस्था और मानव शोषण के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। यह दिन भारत के संविधान निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, समाज सुधारक, मानवतावादी और क्रांतिकारी चिंतक डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण … Read more

चंद खयालात

 – श्याम कुमार राई          ” सलुवावाला “ 1) चुनाव भी एक जादू का ही खेल होता है इधर चुनाव में जीता मामूली शर्ट पैंट धोती गंजीवाला गांव-कस्बे का छुटभैय्या नेता गायब होता है फिर … कोट सूट में सजा धजा मर्सिडीज में ठसक से बैठा शहर में प्रकट होता है,,,, 2) … Read more

हिंदी पत्रकारिता के महानायक सुरेंद्र प्रताप सिंह

77वीं जयंती पर किंवदंती पत्रकार को सादर स्मरण 4 दिसंबर 2025 को, हिंदी पत्रकारिता के उस महानायक का स्मरण करते हैं, जिन्होंने कलम को लोकतंत्र का सबसे मजबूत हथियार बनाया। सुरेंद्र प्रताप सिंह (एस.पी. सिंह) की 77वीं जयंती के अवसर पर, उनकी जीवन यात्रा, प्रमुख कार्यों और सत्ता को चुनौती देने वाली रिपोर्टिंग का स्मरण … Read more

नए भारत को सुरक्षा एवं संवेदना वाली नई पुलिस चाहिए

भारतीय लोकतंत्र में पुलिस व्यवस्था कानून-व्यवस्था की आधारभूत धुरी है, परंतु आम नागरिक के मानस में पुलिस की छवि अभी भी कठोरता, डर और दमन से जुड़ी हुई है। इसे केवल अधिकार जताने वाली शक्ति समझा गया है, संवेदनशीलता, जवाबदेही और मित्र भाव से नहीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर में पुलिस … Read more

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