चातुर्मास द्वार है आत्मोन्नति और जीवन-परिवर्तन का

भारत की आध्यात्मिक परम्पराओं ने मानव जीवन को केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं माना, बल्कि उसे आत्मबोध, चरित्र-निर्माण और चेतना के उत्कर्ष की यात्रा के रूप में देखा है। इसी दृष्टि का एक अद्वितीय और कालजयी उपहार है चातुर्मास। यह केवल चार महीनों का धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा के परिष्कार, मन के अनुशासन, … Read more

डर का टूटा बाँध

जंतर मंतर पर युवाओं का अहिंसक आक्रोश, आदेशों की अनुपालना में लाठियों का प्रहार, सत्ता का ढहता मद, प्रधान चेहरों की सघन सलवटें, संसद का शोर और सड़क का आह्वान.. महज मंत्री के इस्तीफे की माँग या पेपर लीक की तात्कालिक प्रतीकात्मकता वजह भले ही रही हो, लेकिन इसके मूल में लंबे समय से अनिश्चित … Read more

चातुर्मास 29 जुलाई से, संयम और संस्कारों से जुड़ेगा समाज

चार माह तक एक ही स्थान पर रहकर जनजागरण करेंगे जैन साधु-साध्वी 21 जुलाई 2026 / जैन धर्म का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधना काल चातुर्मास इस वर्ष 29 जुलाई से प्रारंभ होगा। वर्षा ऋतु के चार महीनों में जैन साधु-साध्वियाँ एक ही स्थान पर निवास कर आत्मसाधना, स्वाध्याय, प्रवचन, तप, त्याग एवं धर्मप्रभावना के माध्यम से समाज … Read more

स्मार्ट सिटी की योजना की घोषणा से जितना अजमेर वासी खुशी हुई थे अब उससे कहीं ज्यादा दुखी

शहर में आई बिना उपयोगी सीमेंट कंक्रीट व लोहे से हुए निर्माण की बाढ़,सुविधाओं के नाम पर पहले के मुकाबले दुगनी हुई असुविधा  मुझे याद है जब अमेरिका के राष्ट्रपति ने अजमेर में सीधे #सचिन_पायलट से फोन पर बात की थी वह उसके बाद अजमेर को पूरे भारत में सबसे पहले अमेरिका के सहयोग से … Read more

विक्रम-1ः नए भारत की अंतरिक्ष उड़ान का स्वर्णिम अध्याय

भारत ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प, वैज्ञानिक दृष्टि और नवाचार का संगम हो तो आकाश भी सीमा नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रारंभ बन जाता है। भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था और विज्ञान-प्रधान भविष्य … Read more

वैचारिकी – असहमति के गर्भ से गढ़ा असत्य

  *निजी रूप से मेरा सोनम वांगचुंग, किसान आंदोलन या अन्य किसी आंदोलन/राजनीति से सीधा वास्ता नहीं है, सिवाय इसके कि मैं एक भारतीय नागरिक हूँ और नागरिक हित की हर आवाज को अपने भीतर महसूस करता हूँ ।*        *नहीं जानता कि वर्तमान वांगचुंग आंदोलन का सत्य क्या है..? पूर्ववर्ती अनुभवों के खट्टे … Read more

चातुर्मास 29 जुलाई से, संयम और संस्कारों से जुड़ेगा समाज

चार माह तक एक ही स्थान पर रहकर जनजागरण करेंगे जैन साधु-साध्वी 20 जुलाई 2026 /  जैन धर्म का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधना काल चातुर्मास इस वर्ष 29 जुलाई से प्रारंभ होगा। वर्षा ऋतु के चार महीनों में जैन साधु-साध्वियाँ एक ही स्थान पर निवास कर आत्मसाधना, स्वाध्याय, प्रवचन, तप, त्याग एवं धर्मप्रभावना के माध्यम से … Read more

सरोजिनी नानी सलुवा को तुम पर गर्व है

कु. सरोजिनी श्रेष्ठ  ने सलुवा को गौरवान्वित किया     मैंने अभी कुछ दिन पहले ही सलुवा से संबंधित एक लेख में लिखा था कि मुझे अथवा हमें सलुवा पर गर्व है कहना भर पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही सलुवा को भी हम यर गर्व होना चाहिए। तभी कोई बात बनेगी। तभी ‘गौरव’ शब्द … Read more

जहाँ एल्गोरिद्म रुक जाता है, वहाँ अनुभव शुरू होता है

हाल ही में अमेरिका की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी “फोर्ड” ने AI  को अपनाकर अपने कुछ कर्मचारियों को हटा दिया था। लेकिन शीघ्र ही उसे AI की सीमाओं के चलते होने वाले नुक्सान को देखते हुए उन्हें पुनः काम पर रखना पड़ा। इसी प्रकार ग्राहक सेवा क्षेत्र की एक नामी फिनटेक कंपनी “क्लार्ना” को भी यह स्वीकार करना पड़ा कि … Read more

मंदिरों में भ्रष्टाचारः वहां सुशासन की नई क्रांति का सूत्रपात हो

भारत की पहचान केवल उसकी प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक दर्शन से नहीं है, बल्कि उन मंदिरों से भी है जो करोड़ों लोगों की आस्था, विश्वास और जीवन का आधार हैं। अयोध्या का श्रीराम मंदिर, बद्रीनाथ धाम, माता वैष्णोदेवी, तिरुपति, काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, सालासर बालाजी, खाटू श्यामजी जैसे मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि … Read more

आस्था, परम्परा, आध्यात्मिक चेतना का विराट उत्सव

जगन्नाथ महायात्रा- 16 जुलाई, 2026 आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से प्रारम्भ होकर दस दिनों तक चलने वाली भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, लोकआस्था, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक दर्शन का विराट उत्सव है। पुरी की यह महायात्रा हजारों वर्षों की परम्परा का जीवंत प्रतीक है, जिसमें भगवान … Read more

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