मिलावट-मुक्त भारत से ही विकसित भारत संभव

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (7 जून 2026) पर विशेषः हर वर्ष 7 जून को मनाया जाने वाला विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस केवल सुरक्षित भोजन की आवश्यकता का स्मरण कराने वाला दिवस नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, आर्थिक समृद्धि और सतत विकास के लिए एक वैश्विक संकल्प का अवसर भी है। वर्ष 2026 … Read more

तृणमूल कांग्रेस में टूट और ममता की बढ़ती चिन्ताएं

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), जिसने पिछले डेढ़ दशक से बंगाल की राजनीति पर लगभग एकाधिकार स्थापित कर रखा था, आज आंतरिक असंतोष, नेतृत्व संबंधी प्रश्नों और जनविश्वास के संकट से जूझती दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर असंतुष्ट नेताओं और विधायकों … Read more

पर्यावरण : संविधान का मूल्य, जीवन का आधार

5 जून विश्व पर्यावरण दिवस – बाबूलाल नागा हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। यह केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानव समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराने का अवसर है। जल, जंगल, जमीन, स्वच्छ वायु और जैव विविधता केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि जीवन के मूल आधार हैं। यदि प्रकृति संतुलित रहेगी तो … Read more

जब परीक्षा व्यवस्था स्वयं परीक्षा में असफल होने लगे ?

रात के दो बजे हैं। देश के किसी छोटे शहर में एक विद्यार्थी अभी भी जाग रहा है। मेज पर खुली हुई पुस्तकें हैं, दीवार पर समय-सारिणी चिपकी है और मोबाइल फोन महीनों से लगभग निष्क्रिय पड़ा है। घर के बाकी सदस्य सो चुके हैं, पर उसकी आँखों में नींद नहीं, भविष्य है। वह अकेला नहीं है। भारत … Read more

देश के प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, नमस्कार। मैं कोसीनोक जैन, अजमेर का निवासी, आपसे एक गंभीर विषय पर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। जानकारी के अनुसार, देश की संसद में वर्ष 2003 से कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसका उद्देश्य सांसदों और मंत्रियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा इन पेयों में … Read more

नशा: राष्ट्र की जड़ों को खोखला करने वाली चुनौती

भारत आज विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में अग्रणी है। देश की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी सामर्थ्य, सबसे बड़ी पूंजी और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। विज्ञान, तकनीक, उद्योग, शिक्षा, खेल और नवाचार के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों … Read more

पिंगल से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक

आज मानवता कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में प्रवेश कर चुकी है। मशीनें भाषा समझ रही हैं, चित्र बना रही हैं, निर्णय ले रही हैं और अनेक क्षेत्रों में मनुष्य की क्षमताओं को चुनौती देती दिखाई दे रही हैं। विश्व के अधिकांश देशों में एआई को तकनीकी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। किंतु भारत के … Read more

स्वस्थ जीवन एवं स्वस्थ पर्यावरण का आधार है साइकिल

विश्व साइकिल दिवस, 3 जून 2026 पर विशेषः हर वर्ष 3 जून को मनाया जाने वाला विश्व साइकिल दिवस केवल एक साधारण वाहन के सम्मान का अवसर नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समानता और सतत विकास के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, बढ़ती … Read more

क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता कोरा बुलबुला है या वास्तविक चुनौती?

मानव सभ्यता के इतिहास में कुछ ऐसी क्रांतियां हुई हैं जिन्होंने जीवन की दिशा और दशा दोनों को बदल दिया। कृषि क्रांति ने मनुष्य को स्थायित्व दिया, औद्योगिक क्रांति ने उत्पादन और श्रम की परिभाषा बदली, सूचना क्रांति ने ज्ञान और संचार की सीमाएं समाप्त कर दीं। अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की क्रांति मानव … Read more

देश-प्रदेश की सवैधानिक सामाजिक महत्वपूर्ण कड़ी अधिवक्ता समुदाय है

राजनीतिक आर्थिक सामाजिक रूप से अधिवक्ताओं की देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका भी रहती रही है। पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस संगठन में कांग्रेस समर्थित अधिवक्ताओं से कांग्रेस के आला कमान की दूरी देखने को मिली है, जबकि समाज से जन समुदाय से सीधा संपर्क रखने वाला सबसे बड़ा समुदाय अधिवक्ता परिवार है, भाजपा … Read more

माता-पिता हैं वर्तमान की शक्ति और भविष्य की प्रेरणा

विश्व माता-पिता दिवस- 1 जून, 2026 विश्व के अधिकतर देशों की संस्कृति में माता-पिता का रिश्ता सबसे बड़ा एवं प्रगाढ़ माना गया है। भारत में तो इन्हें ईश्वर का रूप माना गया है। माता-पिता को उनके बच्चों के लिए किए गए उनके काम, बच्चों के प्रति उनकी निस्वार्थ प्रतिबद्धता और इस रिश्ते को पोषित करने … Read more

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