कांग्रेस को संसद से संगठन तक युवा नेतृत्व की जरूरत

-निरंजन परिहार भारतीय राजनीति में कांग्रेस के लिए ये बड़ी चुनौतियों का दौर है। एक ओर बीजेपी आक्रामक संगठन, मजबूत नेतृत्व और वैचारिक स्पष्टता के साथ अपनी संगठन और सत्ता दोनों को विस्तार दे रही है, तो उसके मुकाबले कांग्रेस अपने संगठनात्मक पुनर्निर्माण और वैचारिक पुनर्स्थापना की नई प्रक्रिया में है। कांग्रेस के सामने चुनौती केवल चुनाव … Read more

ऐसा भ्राता नही हूं मैं

स्वयं को होशियार समझता ऐसा भ्राता नहीं हूं मैं, गले मिलकर ही गला काटें ऐसी-मात्रा नहीं हूं मैं। गैरों का भी जो दर्द समझते ऐसा एक इंसान हूं मैं, क्या होता है यें प्रेम भली-भांति से समझता हूं मैं ।। दिल में अपनें दुःख समेटे उम्र भर जीता रहा हूं मैं, सब देखकर भी अनजानों … Read more

*कॉकरोच पार्टी ;-व्यंग्य विधा की जीत*

कॉकरोच ..कॉकरोच.. कॉकरोच… सोशल मीडिया की सीलन पर इस कदर फैले हुए है गोया हम  किसी मलबे के ढेर पर खड़े हैं और कॉकरोच हमारे दिमाग में चढ़ गए हैं ..।       जबकि सोशल मीडिया से उठे इस तकनीकी गुबार की बहुत दिनों तक बने रहने की संभावना बहुत कम है। बावजूद इसके … Read more

सेवादल संस्थापक डॉ एन एस हार्डिकर जी की 137वी जयन्ती पर विशेष

अजमेर 7 मई (    ) कांग्रेस सेवादल के संस्थापक डॉ नारायण सुब्बाराव जी हार्डिकर की 137वी जयन्ती के अवसर पर पुरे भारत वर्ष में कांग्रेस सेवादल के साथी उन्हें श्रद्धाभाव से याद कर उनके बताये रास्तों पर चलने का संकल्प ले रहे हैं l राजस्थान प्रदेश कांग्रेस सेवादल के प्रदेश मुख्य प्रशिक्षक पूर्व पार्षद … Read more

बंगाल का जनादेश: जहाँ मन भय से मुक्त हो

रविन्द्रनाथ टैगोर जयंती पर विशेष भारत के सांस्कृतिक आकाश में कुछ ऐसे नक्षत्र हैं, जिनकी आभा समय की सीमाओं को लाँघकर युगों तक प्रकाश देती रहती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर ऐसा ही एक नाम हैं—एक ऐसी चेतना, जिसने न केवल साहित्य को, बल्कि समाज, शिक्षा, राजनीति और मानवता की व्यापक अवधारणाओं को नई दिशा दी। 9 … Read more

किराये की संतान नहीं, अपनत्व का पुनर्जागरण चाहिए

जीवन की सांझ जब अपने पूरे विस्तार के साथ उतरती है, तब मनुष्य को सबसे अधिक आवश्यकता दवाइयों या धन की नहीं, बल्कि अपनों के सान्निध्य और अपनों की होती है। यह वही समय होता है जब व्यक्ति अपने जीवन की संचित स्मृतियों, अनुभवों और भावनाओं को साझा करना चाहता है। लेकिन आज का कठोर … Read more

आईसीयू के अमानवीय एवं अनैतिक पक्षों की निगरानी जरूरी

देश में स्वास्थ्य सेवा की वर्तमान स्थिति पर विचार करते समय एक अत्यंत चिंताजनक, मानवीय और संवेदनशील प्रश्न सामने आता है-क्या चिकित्सा अब सेवा न रहकर व्यवसाय का कठोर रूप एवं एक त्रासदी बनती जा रही है? विशेष रूप से निजी अस्पतालों के आईसीयू (गहन चिकित्सा कक्ष) से जुड़े मामलों ने इस प्रश्न को और … Read more

मीडिया की स्वतंत्रता आज की सबसे बड़ी जरूरत

3 मई विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस हर साल 3 मई को मनाया जाता है। विश्वभर में यह दिन मीडिया के योगदानों को याद करने के लिए समर्पित किया जाता है। यह दिवस हमें मीडिया की स्वतंत्रता के महत्व के बारे में बताता है और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने के … Read more

आज से जेठ मास, क्या खाएं क्या न खाएं

भारतीय संस्कृति के हिन्दू सनातन धर्म में धार्मिक व पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास को अत्यन्त पावन मास माना गया है। इस मास में गंगा स्नान, दान अनन्त पुण्य फलदायी है। ज्योतिषविद् श्री विमल जैन जी ने बताया कि स्कन्दपुराण के अनुसार ज्येष्ठ मास के समान दूसरा कोई मास नहीं, गंगा के समान कोई … Read more

ममता मरकर भी नहीं मरती

जब साँसों का धागा टूट गया, तन का हर बंधन छूट गया। जब हाथों की ताकत हार गई, जीवन की नैया पार गई। जब देह ने रिश्ता तोड़ दिया, हर नस ने चलना छोड़ दिया। तब भी देखो यह ममता थी, सीने से चिपकी जन्नत थी। मृत्यु जहाँ सब हर लेती है, माँ बाँहों में … Read more

करुणा, शांति और आत्मजागरण के प्रकाशस्तंभ हैं गौतम बुद्ध

बुद्ध पूर्णिमा (1 मई 2026) पर विशेषः मानव सभ्यता के इतिहास में कुछ ऐसे महापुरुष हुए हैं, जिनका जीवन केवल एक युग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि युगों-युगों तक मानवता के पथ को आलोकित करता है। गौतम बुद्ध ऐसे ही एक अद्वितीय प्रकाशस्तंभ हैं, जिनका करुणा, अहिंसा और आत्मजागरण का संदेश आज भी उतना ही … Read more

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