नोट देव से विनय

नोट देव! तुम कागज के टुकडे हो पर, हो कितने शक्तिशाली। तुम्हारा ही आधिपत्य है दुनिया पर, हो कितने प्रभावशाली। सारी दुनिया की दृष्टि तुम पर, हो कितने गौरवशाली।। गरीबी की आशा, अमीरी की परिभाषा, सपनों की मंजिल, भागा-दौडी की भाषा। समस्त कर्मो के संचालक, तुम हो एकाधिकारी शासक। सर्व दुःख- दारिद्रय विनाशक, साक्षत् लक्ष्मी … Read more

गुजरात के ‘सरबजीत’ को मुआवजा तक नही दे रहे मोदी

कोट लखपत जेल में भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की मौत पर भारतीय जनता पार्टी के नेता और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्र की यूपीए सरकार पर जमकर निशाना साधा है और इस घटना के लिए यूपीए की कमजोरी को जिम्मेदार ठहराया है। नरेन्द्र मोदी कह रहे हैं कि यूपीए सरकार ने सरबजीत के … Read more

कमी पाकिस्तानी फौज में भी नहीं है

आप यह न समझ लें कि उधर की फौज में कम विद्वान हैं। ना, बिलकुल नहीं, ज्यादा ही हैं। ऐसा सोचने का पुख्ता कारण भी है। सारी बात का खुलासा यूं है- एक बार भारत-पाक सीमा पर कुछ गधे चर रहे थे। उनमें से एक गधा सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया। वहां यमराज की … Read more

सम्मान कला सिखाती है पाने से ज्यादा देना जरूरी

राजनीति के रंग निराले हैं। राज करना है तो राज करने की कला के साथ साथ और बहुत सी कलाओं का ज्ञाता भी होना लाजिमी हो जाता है। यूं कला का जानकार होना ही अपने आप में सम्मान का सूचक है। कला कोई भी हो, सम्मान ही दिलाती है। सम्मान देने की कला भी होती … Read more

कालेधन के मुद्दे पर स्विस बैंकों में गहराया संकट

इसी महीने में मैंने एक ब्लॉग लिखा था, जिसका शीर्षक था ”कालेधन पर श्वेत पत्र के बावजूद एक पैसा भी वापस नहीं आया।” इस ब्लॉग में बताया गया था कि कैसे भाजपा द्वारा कालेधन के विरुध्द चलाए गए ठोस अभियान ने यूपीए सरकार को इस मुद्दे पर श्वेत पत्र प्रस्तुत करने को बाध्य किया। श्वेत … Read more

चुनाव नजदीक आते ही आरोप प्रत्यारोप शुरू

जैसा कि हम सब को पता है चुनाव नज़दीक हैं और राजनीति गरमाने लगी है ….आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर अपने चरम पर है ….बस एक ही अभिलाषा है राजनैतिक पार्टियों की कि येन केन प्रकारेण जनता की आँखों में धूल झोंकी जाए और अपना उल्लू सीधा किया जाए …. एक बार बस वोट मिल … Read more

चुनावी घोषणा पत्र के साथ गारंटी और वारंटी… ओह… ओह…!

-मोहन थानवी- अचानक सामने जो देखा, यकीन नहीं हुआ। तसव्वुर में जरूर ऐसे नजारे किए लेकिन सामने… यथार्थ में… आश्चर्य ! कैसे तो ख्वाब आया ओर कैसे ख्वाब में ये नजारा आया फिर कैसे सामने हकीकत में देख कर आंखें चुंधिया रही हैं…! स्वप्न…! जरूर स्वप्न ही है ! बांह पर चिकोटी काटी… उई…! जागते का … Read more

सब वोटों की राजनीति चल रही है …..

-कीर्ति शर्मा पाठक- राजस्थान में यात्राओं और आरोप प्रत्यारोपों का दौर चालू है …… कांग्रेस और भाजपा दोनों एक दूसरे पर कीचड तो बहुत उछाल रहे हैं … पर इस खुद ने क्या सार्थक प्रयास किये इसे नहीं खोल रहे …… देखिये दोनों नेता क्या कह रहे हैं ?? वसुंधरा जी कहती हैं की प्रदेश में … Read more

पार्टी में ही कुछ बना दो न…!

-मोहन थानवी– अच्छा, कुछ तो कीजिए सर। प्लीज…। भीड़ में शामिल हम युवक की बात कम और नेताजी के चेहरे को अधिक तवज्जो से ताक रहे थे। युवक बार बार अपना संकट हरने के लिए नेताजी के आगे पसरा जा रहा था और हम मन ही मन कुढ़ रहे थे। कुढ़ इसलिए रहे थे कि युवक … Read more

लोभ ने खत्म किए रिश्ते

आज बेटों के लिए बूढ़े माता-पिता भार हो जाते हैं। बहुओं के लिए बुजुर्ग जैसे घरेलू काम करने वाले बन जाते हैं। ऐसे में मौसी को मां की तरह प्यार और सम्मान से रखना सराहनीय ही है। भीलवाड़ा में एक ऐसा परिवार है, जिसमें मौसी ने भांजे को बेटे की तरह पाला। मेहनत-मजदूरी करके पढ़ाया … Read more

माननीय सांसद अपने इलाके में

-रास बिहारी गौड- माननीय सांसद कल अपने इलाके में एक दिन के दौरे पर थे। दौरे के दौरान उन्होंने प्रति घंटे के हिसाब से उदघाटन किये, प्रति मिनिट के हिसाब से ज्ञापन लिए और प्रति सेकंड की दर से मुस्काने बांटी। वो तो उनकी घडी में इससे छोटी कोई सुई नहीं थी वरना जयकारे और जिंदाबाद … Read more

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