सामाजिक और पारिवारिक एकबद्धता का सांस्कृतिक पर्व – रक्षाबन्धन

विविधता में एकता का संदेष देती भारतीय संस्कृति विषाल है। यहां यहां विभिन्न धर्मो में अपने अपने अनेक पर्व एवं त्यौहार काफी धूमधाम के साथ मनाये जाते है। इन्ही पर्वो में भाई बहनों के प्रेम तथा सामाजिक और पारिवारिक एकबद्धता का सांस्कृतिक पर्व है – रक्षा बंधन। रक्षाबन्धन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को … Read more

विकसित भारत को गढ़ने के संकल्पों का उद्बोधन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लालकिले की प्राचीर से 78वें स्वतंत्रता दिवस का अब तक का सबसे लम्बा 98 मिनट का 11वां राष्ट्रीय उद्बोधन एक विशाल एवं विराट इतिहास को समेटे हुए नये भारत के नये संकल्पों की बानगी है। जो आजादी के अमृतकाल को अमृतमय बनाने के लिये लोगों को ऊंचे सपने देखने, बड़े लक्ष्य … Read more

*स्वराज तो आ गया, सुराज कब आएगा*

*▶️जिन मूलभूत समस्याओं पर फोकस होना था, आज तक नहीं हुआ* *▶️सुराज की लच्छेदार बातें महज राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह गईं* *✍️प्रेम आनन्दकर, अजमेर।* 📱8302612247 *👉देश को आजाद हुए 77 साल बीत गए हैं। आजादी के दौरान जिस स्वराज की कल्पना की गई थी, वह आजादी मिलते ही पूरी हो गई। स्वराज यानी खुद का … Read more

खीरु सुठो कोन्हे!(नंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी “अमा मूंखे खीरु न खपे, सुठो कोन्हे।” चवंदे टिनि वरिह्यनि जे बंटीअ कोपु हेठि रखी छडि॒यो। “खीरु त डा॒ढो सुठो आहे, डा॒ढो मिठो….!खीरु पीअंदे त वडो॒ थींदे, इस्कूलु वेंदे, पढ़ंदे, लिखंदे, वडो॒ माण्हूं थींदे….!” माउ हुन खे विंदराईंदे चयो। “अमा सुठो कोन थो लगे॒, तूं पी … Read more

एक शहीद की अभिलाषा

नहीं चाहिए मुझे सम्मान पत्र न ही कोई वीरता का पदक सरकार मेरे, मेरे माई- बाप मेरे क्षेत्र के सांसद, विधायक और छुटभैये नेतागण बस आप सबसे मेरी इतनी विनती है सचमुच मेरे बलिदान ने आपको दुखी किया है सचमुच आप मेरे बलिदान को सम्मान देना चाहते हैं तो बस इतना करना देखना मेरे बच्चों … Read more

दमु थो घुटिजे….(नंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी घोट जे कज़े खां पोइ पंहिंजी खानदानी जग॒ह विकिणी अमृता देवीअ पैसनि जा बराबरु बराबरु हिसा करे टिन्ही पुनि खे विरहाए छडि॒या। हुननि बि पंहिंजी घुरिज जे मुताबिक घर वठी छडि॒या ऐं खुशीअ सां रहण लगा॒। पैसनि जे विरिहाङे साणु ज॒णु त अमृता देवीअ जो विरिहाङो … Read more

“अंधों द्वारा बांटी गई रेवड़ियां”

15 अगस्त और 26 जनवरी पर होने वाला सम्मान *अमित टण्डन* अजमेर। “सम्मान” शब्द की परिभाषा का मूल तथ्य “दिल से उपजी “भावना” है, लेकिन मंचों पर दिए जाने वाले सम्मान में भावना का स्रोत “दिल” की जगह “दिमाग” होता है। और सम्मान के मद्देनज़र जहां दिमाग का इस्तेमाल शुरू होता है, वहां भावना तो … Read more

साहस और शौर्य की प्रतीक हैं वीरांगना अवंतीबाई लोधी

(193वीं जन्म-जयंती 16 अगस्त 2024 पर विशेष आलेख) आज भी भारत की पवित्र भूमि ऐसे वीर-वीरांगनाओं की कहानियों से भरी पड़ी है जिन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश के आजाद होने तक भिन्न- भिन्न रूप में अपना अहम योगदान दिया। लेकिन भारतीय इतिहासकारों ने हमेशा से उन्हें नजरअंदाज किया है। देश में … Read more

तब ही देश खुशहाल होंगे

हिन्दू, मुसलमान जब एक होकर रहेंगे तब ही देश खुशहाल होंगे, हिन्दू, मुसलमान जब एक होकर रहेंगे तब ही देश खुशहाल होंगे। मंदिर के टूटने पर जब मुसलमान दुःखी होंगे मस्जिद के टूटने पर जब हिन्दू दुःखी होंगे तब ही देश खुशहाल होंगे। हिन्दू के मरने पर जब मुसलमान रोएंगे मुसलमान के मरने पर जब … Read more

स्वतंत्रता दिवस की महत्वपूर्ण जानकारी

1) क्या आप जानते हैं कि, भारत माता का नाम किसने दिया था ? भारत माता का नाम बंगाल के रहने वाली किरण चन्द्र बेनेर्जी ने दी थी । 2) क्या आप जानते हैं भारत माता का चित्र किसने बनाया था ? भारत माता का चित्र भारत के महान चित्रकार अवनिंद्र नाथ टैगोर जी ने … Read more

महिला डॉक्टर से दुष्कर्म-हत्या से जुड़े सवाल

कोलकाता के एक मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के दुराचार, बलात्कार व बर्बर हत्या पर स्वाभाविक ही देशभर के आमजन में तीखी प्रतिक्रिया एवं डॉक्टरों तीव्र रोष, गम और गुस्सा है, उसे समझा जा सकता है। जीवन-रक्षा करने वाले अस्पतालों एवं जीवन-रक्षक डाक्टरों पर हो रहे हमले, बर्बर एवं वीभत्स घटनाएं चिन्तनीय है। यह सरकारों … Read more

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