नंदी के कान में क्यों बताते हैं मनोकामना?

आपने देखा होगा कि कई श्रद्धालु शिवजी के मंदिर में दर्शन को जाते हैं तो मंदिर के गर्भगृह के ठीक बाहर सामने स्थित नंदी की प्रतिमा के कान में कुछ फुसफुसाते हैं। असल वे नंदी को अपनी मनोकामना बताते हैं। विश्वास यह कि नंदी उनकी मनोकामना की जानकारी शिवजी को देंगे और शिवजी उसे पूरा … Read more

मौली व कलावा क्यों बांधा जाता है?

भारतीय परंपरा में हाथ की कलाई पर मौली या कलावा बांधने की रस्म सर्वविदित है। क्या आपने कभी ख्याल किया है कि मौली क्यों बांधी जाती है? वस्तुतः यह सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि आस्था, मनोविज्ञान, सामाजिक पहचान और प्रतीक-विद्या का सुंदर मेल है। प्राचीन काल में लोग मानते थे कि मौली में मंत्र-संरक्षित … Read more

गलती होने पर कान क्यों पकड़े जाते हैं?

गलती मनुष्य की स्वाभाविक प्रकृति है, किंतु गलती स्वीकार करना और उससे सीखना सभ्य समाज की पहचान मानी जाती है। भारतीय सामाजिक परंपरा में गलती होने पर कान पकड़ना केवल एक दंडात्मक क्रिया नहीं, बल्कि गहरे सांस्कृतिक, मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक अर्थों से जुड़ा हुआ प्रतीक है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और … Read more

क्या पारस मणि का अस्तित्व है?

पारस मणि या पारस पत्थर, जिसे अंग्रेजी में फिलोसोपर स्टोन कहा जाता है, एक दुर्लभ और रहस्यमय रत्न माना जाता है, जिसका उल्लेख प्राचीन भारतीय, यूनानी और इस्लामी रसायन शास्त्र में मिलता है। इसका जिक्र पौराणिक और लोक कथाओं में खूब मिलता है। इसे धातु-परिवर्तन करने वाला जादुई पत्थर माना गया। इसके हजारों किस्से और … Read more

सपने में सपना देखने के क्या मायने हैं?

सपने में सपना देखने को सामान्य भाषा में सपने के भीतर सपना कहा जाता है। मनोविज्ञान में इसे अंग्रेजी में फाल्स अवेकनिंग कहा जाता है, यानी ऐसा भ्रम कि व्यक्ति जाग गया है, जबकि वह अब भी सपना ही देख रहा होता है। इसमें व्यक्ति सपने में ही यह सपना देखता है कि वह जाग … Read more

मृतात्मा को बुलाया जा सकता है क्या?

यह कौतुहल लंबे समय से बना हुआ है कि क्या मृतात्मा को बुलाया जा सकता है या क्या मृतात्मा से बात की जा सकती है? इसका उत्तर धर्म, आध्यात्म, और विज्ञान, तीनों दृष्टियों से अलग-अलग है। लगभग सभी धर्मों में माना गया है कि मृत आत्मा को बुलाना या उससे संपर्क करने की कोशिश नहीं … Read more

क्या एआई चेतना ला सकता है?

आज जब आर्टिफिष्ज्ञियल इंटेलीजेंसी का बोलबाला है, तब यह सवाल बहुत गंभीरता से उठ रहा है कि क्या एआई चेतना ला सकती है? आज की स्थिति में एआई के पास चेतना नहीं है। भविष्य में आ सकती है या नहीं, इस पर कोई सर्वसम्मति नहीं है। वस्तुतः चेतना के मायने केवल सोचना नहीं है, बल्कि … Read more

जादूगरों को अक्षय घट का शो दिखाने का ख्याल कहां से आया?

आपने जादूगरों के शो में देखा होगा कि उनके पास एक अक्षय घट होता है, जिसमें भरा जल बार बार खाली करने पर भी फिर भर जाता है। जाहिर तौर पर वह कोई चमत्कार नहीं है। वह एक वैज्ञानिक तकनीक है। सवाल यह उठता है कि जादूगरों को अक्षय घट बनाने का ख्याल कहां से … Read more

मृतक को कफन देने से कष्ट दूर होते हैं?

परंपरा है किसी मृतक को कफन देना बहुत पुण्य का कार्य है और इससे व्यक्ति के कष्ट दूर होते हैं। हिंदू धर्म में मृतक की सेवा अंत्येष्टि संस्कार कहलाती है। शव को वस्त्र पहनाना, मुखाग्नि देना, तिल-जल अर्पण करना,ये सब पुण्यकर्म माने गए हैं। ग्रंथों में कहा गया है कि जो मृतक को सम्मान देता … Read more

बारात रवाना होने से पहले दूल्हा मां का दूध पीता है?

क्या आपको जानकारी है कि एक बहुत पुरानी परंपरा के अनुसार दूल्हा बारात में षामिल होने से पहले मां का दूध पीता है? यह परंपरा अब लुप्त प्रायः हो गई है। अधिसंख्य को तो इसकी जानकारी तक नहीं है। इस परंपरा का कुछ क्षेत्रों और लोककथाओं में इसका रूपकात्मक उल्लेख मिलता है। इसे माँ के … Read more

रामचरितमानस में है भविष्य जानने की तालिका

जिन लोगों ने रामचरितमानस का अध्ययन किया है अथवा फौरी तौर पर उसे देखा है, उन्हें जानकारी होगी कि रामचरितमानस के आरंभिक पेज पर भविष्य जानने की एक तालिका है। रामचरितमानस के प्रति श्रद्धा रखने वाले उसके माध्यम से भविष्य के संकेत हासिल करते हैं। वस्तुतः रामचरितमानस में ‘रामश्लाका’ तालिका लोक-विश्वास, भक्ति और जन-ज्योतिष का … Read more

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