क्या सपना सच हो सकता है?

नींद और स्वप्न दोनों ही रहस्यमय लगते हैं, इसलिए जब कोई सपना सच निकल आता है, तो स्वाभाविक सा प्रश्न उठता है कि क्या सपने सचमुच भविष्य का पूर्वानुमान होता है? क्या सपना सच हो सकता है? मनोवैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो सपना दिमाग की भविष्यवाणी नहीं, बल्कि पैटर्न-रिकॉग्निशन है। दरअसल हमारा दिमाग दिनभर की … Read more

ज्योतिषी के लिए आस्तिक होना जरूरी नहीं?

क्या आपको इस बात पर यकीन होगा कि कोई नास्तिक भी ज्योतिश का प्रकांड पंडित हो सकता है। जाहिर है, आप यही कहेंगे कि ऐसा कैसे संभव हो सकता है। जो आस्तिक नहीं, उसे ज्योतिष का ज्ञान आ ही कैसे सकता है। मगर सच ये है कि ऐसा संभव होते देखा है मैने। मेरे एक … Read more

दुनिया का पहला परमाणु बम छोड़ा था अश्वत्थामा ने

वैज्ञानिक मानते हैं कि महाभारत काल में परमाणु बम का प्रयोग हुआ था। एक शोधकार्य के अनुसार महाभारत के समय जो ब्रह्मास्त्र इस्तेमाल किया गया था, वह परमाणु बम के समान ही था। संभवतः दुनिया का पहला परमाणु बम छोड़ा था अश्वत्थामा ने। रामायण काल में भी मेघनाद से युद्ध हेतु लक्ष्मण ने जब ब्रह्मास्त्र … Read more

जनेऊ संस्कार का क्या महत्व है?

जनेऊ संस्कार, जिसे उपनयन संस्कार भी कहा जाता है, हिंदू धर्म के प्रमुख सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है। यह बालक के जीवन में शिक्षा और आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। जनेऊ संस्कार में बालक को यज्ञोपवीत यानि जनेऊ धारण कराया जाता है। इसके साथ ही उसे गायत्री मंत्र … Read more

श्रीकृष्ण के सिर पर मोर पंख क्यों?

आपने देखा होगा कि भगवान श्रीकृष्ण के सभी चित्रों में सिर पर मोर पंख होता है। क्या कभी ख्याल आया कि ऐसा क्यों? वस्तुतः श्रीकृष्ण के सिर पर लगा मोर पंख केवल सजावट नहीं है, इसके पीछे गहरा धार्मिक, प्रतीकात्मक, दार्शनिक और प्राकृतिक अर्थ निहित है। परंपरा, पुराण, लोककथा और मनोविज्ञान, चारों स्तर पर इसके … Read more

अब भी संजीवनी बूटी मौजूद है?

कहते हैं कि हिमालय में एक ऐसी बूटी पाई जाती है, जिसके बल पर मृत व्यक्ति को भी जिंदा किया जा सकता है। “संजीवनी बूटी” के बारे में हमारी जानकारी पुराणों, रामायण और कुछ स्थानीय परंपराओं से आती है। वाल्मिकी रामायण अनुसार मूर्च्छित लक्ष्मण के लिए हनुमानजी यह बूटी लेकर आए थे। जब लक्ष्मण मेघनाद … Read more

मुण्डन संस्कार क्यों कराया जाता है?

मुण्डन संस्कार को चूड़ाकरण संस्कार या चौलकर्म भी कहते हैं, जिसका अर्थ है, वह संस्कार जिसमें बालक को चूड़ा अर्थात् शिखा दी जाता है। बच्चे का मुण्डन संस्कार कराने के पीछे हमारे ऋषि-मुनियों की बहुत गहरी सोच थी। माता के गर्भ से आए सिर के बाल अपवित्र माने गये हैं। इनके मुण्डन का उद्देश्य बालक … Read more

तुलसी वास्तु दोष भी दूर करती है

क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया कि आपके घर, परिवार या आप पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तो उसका असर सबसे पहले आपके घर में स्थित तुलसी के पौधे पर होता है। आप उस पौधे का कितना भी ध्यान रखें धीरे-धीरे वो पौधा सूखने लगता है। तुलसी का पौधा ऐसा है … Read more

समानांतर ब्रह्मांड का वजूद है?

पिछले दिनों सपने के दौरान ऐसा महसूस हुआ कि एक और दुनिया में विचरण कर रहा हूं। मगर ठीक वैसी ही, जैसी कि हमारी दुनिया है। वहां घटनाएं ठीक वैसी घट रही हैं, जैसी इस दुनिया में घट चुकी हैं। फर्क सिर्फ यही है कि वह दुनिया कुछ और रंगीन है, कुछ और सजीव। तब … Read more

कम पूजित मूर्ति जल्द ही फल देती है?

मान्यता है कि जिस मूर्ति की पूजा कम होती है, अथवा निर्जन स्थान पर मौजूद है, उसकी पूजा करने से त्वरित व अधिक फल मिलता है। यानि वहां सुनवाई तुरंत होती है। यह मान्यता लोकविश्वास मात्र नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरा दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक आधार है। वस्तुतः कम पूजित मूर्ति प्रायः पुराने मंदिरों में, गांव … Read more

क्या पुनः जन्म लेती है आत्मा?

आत्मा के बारे में विभिन्न धार्मिक और दार्शनिक दृष्टिकोण हैं, और ये इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप किस परंपरा या विश्वास प्रणाली से आते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार, आत्मा अमर होती है और शरीर के नष्ट हो जाने पर पुनर्जन्म लेती है। आत्मा किसी कब्र या शरीर में स्थायी रूप से … Read more

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