मृतक का सिर उत्तर दिशा की ओर क्यों रखा जाता है?

हमारे यहां मृत्यु से जुड़ी अनेक परंपराए हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक परंपरा है कि मरणासन्न यानि कि मृत्यु जब करीब हो, जब यह निश्चित हो जाए कि मृत्यु आने ही वाली है, किंतु प्राण निकलने में कष्ट अधिक हो रहा हो तो मृत्यु को प्राप्त करने वाले व्यक्ति का सिर उत्तर दिशा की … Read more

अगरबत्ती जलाना अनुचित है?

हमारे यहां धर्म स्थलों व घर के मंदिरों में अगरबत्ती जलाने का चलन है। यह आम बात है। मगर कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि ऐसा करना अनुचित है। आइये, जानते हैं कि उसकी क्या वजह है? वे शास्त्रों के हवाले से सवाल खड़ा करते हैं कि जिस बांस की लकड़ी को चिता में भी … Read more

क्या उठावने के दिन बारहवां उचित है?

इन दिनों ऐसा चलन में आ रहा है कि कई लोग अपने परिजन के निधन के बाद उठावने अर्थात तीसरे की रस्म के साथ ही बारहवें की रस्म कर इतिश्री कर रहे हैं। वर्तमान दौर में ऐसा लोग समयाभाव के कारण कर रहे हैं, तो ठीक प्रतीत होता है, मगर षास्त्र के जानकारों का कहना … Read more

नंदी के कान में क्यों बताते हैं मनोकामना?

आपने देखा होगा कि कई श्रद्धालु शिवजी के मंदिर में दर्शन को जाते हैं तो मंदिर के गर्भगृह के ठीक बाहर सामने स्थित नंदी की प्रतिमा के कान में कुछ फुसफुसाते हैं। असल वे नंदी को अपनी मनोकामना बताते हैं। विश्वास यह कि नंदी उनकी मनोकामना की जानकारी शिवजी को देंगे और शिवजी उसे पूरा … Read more

मौली व कलावा क्यों बांधा जाता है?

भारतीय परंपरा में हाथ की कलाई पर मौली या कलावा बांधने की रस्म सर्वविदित है। क्या आपने कभी ख्याल किया है कि मौली क्यों बांधी जाती है? वस्तुतः यह सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि आस्था, मनोविज्ञान, सामाजिक पहचान और प्रतीक-विद्या का सुंदर मेल है। प्राचीन काल में लोग मानते थे कि मौली में मंत्र-संरक्षित … Read more

गलती होने पर कान क्यों पकड़े जाते हैं?

गलती मनुष्य की स्वाभाविक प्रकृति है, किंतु गलती स्वीकार करना और उससे सीखना सभ्य समाज की पहचान मानी जाती है। भारतीय सामाजिक परंपरा में गलती होने पर कान पकड़ना केवल एक दंडात्मक क्रिया नहीं, बल्कि गहरे सांस्कृतिक, मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक अर्थों से जुड़ा हुआ प्रतीक है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और … Read more

क्या पारस मणि का अस्तित्व है?

पारस मणि या पारस पत्थर, जिसे अंग्रेजी में फिलोसोपर स्टोन कहा जाता है, एक दुर्लभ और रहस्यमय रत्न माना जाता है, जिसका उल्लेख प्राचीन भारतीय, यूनानी और इस्लामी रसायन शास्त्र में मिलता है। इसका जिक्र पौराणिक और लोक कथाओं में खूब मिलता है। इसे धातु-परिवर्तन करने वाला जादुई पत्थर माना गया। इसके हजारों किस्से और … Read more

सपने में सपना देखने के क्या मायने हैं?

सपने में सपना देखने को सामान्य भाषा में सपने के भीतर सपना कहा जाता है। मनोविज्ञान में इसे अंग्रेजी में फाल्स अवेकनिंग कहा जाता है, यानी ऐसा भ्रम कि व्यक्ति जाग गया है, जबकि वह अब भी सपना ही देख रहा होता है। इसमें व्यक्ति सपने में ही यह सपना देखता है कि वह जाग … Read more

मृतात्मा को बुलाया जा सकता है क्या?

यह कौतुहल लंबे समय से बना हुआ है कि क्या मृतात्मा को बुलाया जा सकता है या क्या मृतात्मा से बात की जा सकती है? इसका उत्तर धर्म, आध्यात्म, और विज्ञान, तीनों दृष्टियों से अलग-अलग है। लगभग सभी धर्मों में माना गया है कि मृत आत्मा को बुलाना या उससे संपर्क करने की कोशिश नहीं … Read more

क्या एआई चेतना ला सकता है?

आज जब आर्टिफिष्ज्ञियल इंटेलीजेंसी का बोलबाला है, तब यह सवाल बहुत गंभीरता से उठ रहा है कि क्या एआई चेतना ला सकती है? आज की स्थिति में एआई के पास चेतना नहीं है। भविष्य में आ सकती है या नहीं, इस पर कोई सर्वसम्मति नहीं है। वस्तुतः चेतना के मायने केवल सोचना नहीं है, बल्कि … Read more

जादूगरों को अक्षय घट का शो दिखाने का ख्याल कहां से आया?

आपने जादूगरों के शो में देखा होगा कि उनके पास एक अक्षय घट होता है, जिसमें भरा जल बार बार खाली करने पर भी फिर भर जाता है। जाहिर तौर पर वह कोई चमत्कार नहीं है। वह एक वैज्ञानिक तकनीक है। सवाल यह उठता है कि जादूगरों को अक्षय घट बनाने का ख्याल कहां से … Read more

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