राशिफल और पंचांग

20 सितम्बर, शुक्रवार, 2019 ——– आज और कल का दिन खास ===================== 20 सितम्बर- छठ का श्राद्ध आज। 20 सितम्बर- चन्द्र षष्ठी व्रत आज। 21 सितम्बर- सप्तमी का श्राद्ध कल। 21 सितम्बर- रोहिणी व्रत कल। 21 सितम्बर- महालक्ष्मी व्रत कल होगा पूर्ण। आज का राशिफल ****************** 20 सितम्बर, 2019 —————————– मेष राशि : आज आपके … Read more

क्यों मनाते हैं श्राद्ध (कनागत)?

रामायण और महाभारत में भी है श्राद्ध की व्याख्या =============================== कई बार हम सभी के मन में यह सवाल आता है कि कनागत यानी श्राद्ध क्या होते हैं? क्या यह मनाना जरूरी है? श्राद्ध कर्म कब से शुरू हुए? यह सिर्फ अंधविश्वास है या इसका कोई शास्त्रीय आधार है। पितृ पक्ष जिसे श्राद्ध या कनागत … Read more

पित्र पक्ष विशेष

पित्र दोष शांति हेतु विशेष कर्मकांड पूजाए जिनसे पित्र तृप्त होते ह:- पित्रो की शांति एवं तर्पण आदि न करने वाले मानव के शरीर का रक्तपान पित्रृगण करते हैं अर्थात् तर्पण न करने के कारण पाप से शरीर का रक्त शोषित हो कर मनुष्य रोगों को प्राप्त करता है।इस हेतु विभिन्न कर्म शास्त्रो में वर्णित … Read more

श्राद्ध किस लिए करना है?

क्या हमारे ऋषि मुनि पागल थे? जो कौवौ के लिए खीर बनाने को कहते थे? और कहते थे कि कव्वौ को खिलाएंगे तो हमारे पूर्वजों को मिल जाएगा? नहीं, हमारे ऋषि मुनि क्रांतिकारी विचारों के थे। *यह है सही कारण।* तुमने किसी भी दिन पीपल और बड़ के पौधे लगाए हैं? या किसी को लगाते … Read more

कैसे मिलता है पितरों को भोजन, साथ में जानिए श्राद्ध करने से मिलते हैं कौन से 6 लाभ

प्राय: कुछ लोग यह शंका करते हैं कि श्राद्ध में समर्पित की गईं वस्तुएं पितरों को कैसे मिलती है? कर्मों की भिन्नता के कारण मरने के बाद गतियां भी भिन्न-भिन्न होती हैं। कोई देवता, कोई पितर, कोई प्रेत, कोई हाथी, कोई चींटी, कोई वृक्ष और कोई तृण बन जाता है। तब मन में यह शंका … Read more

पितृ दोष होने पर परेशानिया

पितृ दोष होने पर व्यक्ति को जीवन में तमाम तरह की परेशानियां उठानी पड़ती है जैसे घर में सदस्यों का बिमार रहना मानसिक परेशानी सन्तान का ना होना कन्या का अधिक होना या पुत्र का ना होना पारिवारिक सदस्यों में वैचारिक मतभेद होना जीविकोपार्जन में अस्थिरता या पर्याप्त आमदनी होने पर भी धन का ना … Read more

हिन्दु धर्म ग्रंथो में पितरों को संदेशवाहक भी कहा गया है

शास्त्रों में लि खा है………….. ॐ अर्यमा न तृप्यताम इदं तिलोदकं तस्मै स्वधा नम:।ॐ मृर्त्योमा अमृतं गमय|| अर्थात, अर्यमा पितरों के देव हैं, जो सबसे श्रेष्ठ है उन अर्यमा देव को प्रणाम करता हूँ । हे! पिता, पितामह, और प्रपितामह। हे! माता, मातामह और प्रमातामह आपको भी बारम्बार प्रणाम है . आप हमें मृत्यु से … Read more

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