होली पर्व भारत में बहुसांस्कृतिक समाज के जीवंत रंगों का प्रतीक

होली पर्व भारत में धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया जाने वाला प्राचीन पर्व है। होली पर्व हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुल महीने के शुक्ल पक्ष के अंतिम दिन पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली पर्व भारत में परम्परागत रूप से दो दिन मनाया जाता है। पहले दिन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को पूजा की होली … Read more

अगर आप 50 वर्ष पार कर चुके तो जरा थम कर स्वयं को जांचें

विश्व किडनी दिवस ( 9 मार्च) पर विशेष मोटापा कहीं आपके गुर्दों का स्वास्थ्य तो नहीं बिगाड़ रहा अजमेर। आप जीवन मंे 50 की उम्र पार कर चुके हैं तो थोड़ा थम कर अपने आप को जांच लेवंे। शारीरिक रूप से आपका मोटापा कहीं अनजाने में आपके गुर्दों का स्वास्थ्य तो नहीं बिगाड़ रहा है। … Read more

नारी कब तक दोहरी मानसिकता का बोझ ढोती रहेगी

“फ़िर वही सवाल… फिर से वही बवाल… आखिर कब तक, कब तक हमारे समाज में ये सब चलता रहेगा… क्यों नारी को उसके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है… ये नारे कितने खोखले लगते है, जब कहा जाता है ‘नारी को पुरुषों के समान अधिकार है’ सभी क्षेत्रों में”….!!! “मगर जब सच के धरातल … Read more

मातृशक्ति को अपने अधिकारों और शक्ति को पहचानने की जरुरत

(अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च पर विशेष आलेख) हम विश्व में लगातार कई वर्षों से अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाते आ रहे हैं, महिलाओं के सम्मान के लिए घोषित इस दिन का उद्देश्य सिर्फ महिलाओं के प्रति श्रद्दा और सम्मान बताना है। इसलिए इस दिन को महिलाओं के आध्यात्मिक, शैक्षिक, आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के … Read more

गर्दभ जाति का ये अपमान ! नहीं सहेगा हिन्दुस्तान !!

बुरा न मानो होली है! अखिल भारतीय गर्दभ संघ का भारतीय नेताओं के नाम खुला ज्ञापन सारे देश के गधे गुस्से से तमतमाये हुए हैं। यूपी के चुनावी संग्राम में जिस प्रकार गुजरात के गधों की असम्मानपूर्ण चर्चा की गई है यह पूरी वैशाखनंदन जाति का घनघोर अपमान है। जातीय अपमान के इस मुद्दे पर … Read more

धरातल पर काम,कैनवास पर कूची ,यहाँ दोनों चलते है

-सिवाना प्रधान गरिमा की चित्रकारिता है मशहूर -जिले की पहली पोस्टग्रेजुएट महिला प्रधान बाड़मेर कहते है एक फनकार अपनी कूची से केनवास पर तो सुनहरे रंग भर सकता है लेकिन उसी फनकार के हाथ में कूची की जगह राजनीती की कमान दे जाए तो उस फनकार के चुनोती आना लाजमी है। रेतीले बाड़मेर के सिवाना … Read more

होलाष्टक 2017

प्रिय पाठकों/मित्रों, त्यौहारों के देश भारत में साल भर कोई न कोई त्यौहार आता ही रहता है परंतु साल के सभी त्यौहारों का अंतिम त्यौहार होली माना गया है। तभी तो कहते हैं ‘राखी लाई पूरी, होली लाई भात’। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से पूर्णिमा तक के अगले आठ दिन होलाष्टक के … Read more

जानिये भारत के विभिन्न प्रान्तों में कैसे मनायी जाती है होली Part-2

दक्षिण गुजरात के आदिवासि भील जाति के लोग होली को गोलगधेड़ों के नाम से मनाते हैं। इसमें किसी बांस या पेड़ नारियल और गुड़ बांध दिया जाता है उसके चारों और युवतियां घेरा बनाकर नाचती हैं। युवक को इस घेरे को तोड़कर गुड़,नारियल प्राप्त करना होता है। इस प्रक्रिया में युवतियां उस पर जबरदस्त प्रहार … Read more

जानिये भारत के विभिन्न प्रान्तों में कैसे मनायी जाती है होली Part-1

मथुरा व्रन्दावन मै होली को कृष्ण और राधा के पवित्र प्रेम से जोड़ कर देखा जाता है | होली का दिन शुरू होते ही नंदगाँव के हुरियारों की टोलियाँ बरसाने पहुँचने लगती हैं साथ ही पहुँचने लगती हैं कीर्तन मंडलियाँ |‘कान्हा बरसाने में आई जइयो बुलाए गई राधा प्यारी’ ‘फाग खेलन आए हैं नटवर नंद … Read more

राशिफल मार्च 2017

(नोट : यह वैदिक ज्योतिषीय फलकथन आपकी चन्द्र राशि या जन्म राशि पर आधारित हैं।) सर्दियों और बसंत के बीच का एक महत्वपूर्ण माह, जहाँ हम सकारात्मक परिवर्तन का इंतेज़ार करते हैं और ठंड को अलविदा कहते हैं. ये है मार्च का महीना जो कुछ लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण और कुछ के लिए बेहतर कल … Read more

देवों के देव महादेव की पूजा अर्चना का पर्व—महाशिवरात्रि Part-5

निसंदेह शिव सर्व समाज के सर्वमान्य देवता हैं |शिवरात्रि व्रत मनाने का अधिकार ब्राह्मण से लेकर चंडाल तक सभी को है| भोले बाबा के लिए सब एक समान हैं | भगवान शिव महायोगी भी कहलाते हैं, उन्होंने योग साधना के द्वारा अपने जीवन को पवित्रकिया है, वे असीमित गुणों के अक्षय भंडार हैं |शिवजी के … Read more

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