संस्कृत की तरह प्रतीकात्मक होती हिंदी

(14 सितंबर 2016 हिंदी दिवस पर विशेष) हिंदी शब्द है हमारी आवाज का हमारे बोलने का जो की हिन्दुस्तान मैं बोली जाती है। आज देश में जितनी भी क्षेत्रीय भाषाएँ हैं उन सबकी जननी हिंदी है। और हिंदी को जन्म देने वाली भाषा का नाम संस्कृत है। जो की आज देश में सिर्फ प्रतीकात्मक रूप … Read more

टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की स्मृति के मायने

सुभाष लखोटिया के प्रशंसकों एवं चहेतों के लिए यह विश्वास करना सहज नहीं है कि वे अब इस दुनिया में नहीं रहे। भारत के शीर्ष टैक्स और निवेश सलाहकार के रूप में चर्चित एवं सीएनबीसी आवाज चैनल पर चर्चित शो ‘टैक्स गुरु’ के 500 से अधिक एपिसोड पूरा कर विश्व रिकार्ड बनाने वाले श्री लखोटिया … Read more

राजस्थान के लोक देवता तेजाजी —-part 5

(माघ शुक्ला, चौदस संवत 1130 —- भाद्रपद शुक्ल 10 संवत 1160) ( 29 जनवरी 1074– 28 अगस्त 1103) तेजाजी के मंदिर और चबूतरे तेजाजी के मंदिर राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गजरात तथा हरियाणा के विभिन्न स्थानों में मोजूद हैं। प्रसिद्ध इतिहासकार श्री पी.एन. ओक ने दी इल्ल्सट्रेड वीकली ऑफ़ इंडिया के 28 जून 1971 के जाट … Read more

राजस्थान के लोक देवता तेजाजी —–Part 4

(माघ शुक्ला, चौदस संवत 1130 —- भाद्रपद शुक्ल 10 संवत 1160) (29 जनवरी 1074– 28 अगस्त 1103) प्राण जाहि पर वचन न जाहि के धनी—तेजाजी : तेजाजी विजयी होकर वापस पनेर आये | तेजाजी तुरंत नागराज के पास पहुंच कर उन्हें डसंने को कहा | लहूलुहान तेजाजी को नागराज बोले तुम्हारे रोम- रोम से खून … Read more

राजस्थान के लोक देवता तेजाजी —–Part 2

(माघ शुक्ला, चौदस संवत 1130 —- भाद्रपद शुक्ल 10 संवत 1160) (29 जनवरी 1074– 28 अगस्त 1103) पत्नी पेनल को उसके पीहर से लाने के लिये तेजाजी का ससुराल की तरफ कूंच करना: अपनी बहिन राजल को उसके ससुराल से लोटा आने के बाद तेजाजी ने अपनी माँ और भाभी से पनेर जाने की इजाजत … Read more

राजस्थान के लोक देवता तेजाजी -Part 1

(माघ शुक्ला, चौदस संवत 1130 —- भाद्रपद शुक्ल 10 संवत 1160) (29 जनवरी 1074– 28 अगस्त 1103) कहा जाता है कि तेजाजी के जन्म के समय तेजा की माता को एक आवाज सुनाई दी – “कुंवर तेजा ईश्वर का अवतार है किन्तु यह तुम्हारे साथ अधिक समय तक नहीं रहेगा” | तेजाजी ने मरते समय … Read more

भारतीय संस्कृति में सर्वाधिक लोकप्रिय हैं गणेश

गणेश भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं, वे सात्विक देवता हैं और विघ्नहर्ता हैं। वे न केवल भारतीय संस्कृति एवं जीवनशैली के कण-कण में व्याप्त है बल्कि विदेशों में भी घर-कारों-कार्यालयों एवं उत्पाद केन्द्रों में विद्यमान हंै। हर तरफ गणेश ही गणेश छाए हुए है। मनुष्य के दैनिक कार्यों में सफलता, सुख-समृद्धि की कामना, बुद्धि … Read more

शिक्षक ही समाज का शिल्पकार और मार्गदर्शक

(05 सितंबर 2016 शिक्षक दिवस पर विशेष) शिक्षक का दर्जा समाज में हमेशा से ही पूज्यनीय रहा है। कोई उसे गुरु कहता है, कोई शिक्षक कहता है, कोई आचार्य कहता है, तो कोई अध्यापक या टीचर कहता है ये सभी शब्द एक ऐसे व्यक्ति को चित्रित करते हैं, जो सभी को ज्ञान देता है, सिखाता … Read more

गणेश चतुर्थी – (सोमवार) 5 सितम्बर 2016 को गणेश जी का पूजन मुहूर्त

हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल चतुर्थी को हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार गणेश चतुर्थी मनाया जाता है। गणेश पुराण में वर्णित कथाओं के अनुसार इसी दिन समस्त विघ्न बाधाओं को दूर करने वाले, कृपा के सागर तथा भगवान शंकर और माता पार्वती के पुत्र श्री गणेश जी का आविर्भाव हुआ था। … Read more

विभिन्न प्रांतों में गणेश चतुर्थी मनाने के तरीके

गणेशोत्सव गणेशोत्सव (गणेश+उत्सव) हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण एवम् लोकप्रिय पर्व है। गणेशोत्सव हिन्दूपंचांगके अनुसार भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दशी तक यानि दस दिनों तक चलता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेशचतुर्थी भी कहते हैं। जहाँ जहाँ हिन्दू रहते हैं वहां सारे विश्व में गणेशोत्सव’ हर्षोल्लास व श्रद्धा के साथ मनाया … Read more

गणेशजी के जन्म से सम्बंधित अनेकों लोक गाथाये

एक बार भगवान शंकर स्नान करने के लिए कैलाश पर्वत से भोगावती नामक स्थान पर गए। उनके जाने के बाद पार्वती ने स्नान करते समय अपने तन के मैल से एक पुतला बनाया और उसे सजीव कर दिया। उसका नाम उन्होंने गणेश रखा। पार्वती जी ने गणेश जी से कहा ‘हे पुत्र तुम एक मुद्गर … Read more

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