अपनी खुशबू मन के आँगन में बिखेरती- “ टोर्नेडो “
अपनी खुशबू मन के आँगन में बिखेरती- कहानी “टोर्नेडो” अपने गर्भ में एक सन्देश लिये हुए है. सुधा ओम ढींगरा जी की यह कहानी ‘टोर्नेडो’ दो पीढ़ियों की कशमकश और समयानुसार जुड़े रिश्तों को शब्दों में बांधकर एक नया पहलू आज के पाठक के सामने रख पायीं हैं, जो कुछ पहलुओं की पठनीयता के बाद … Read more