महात्मा गांधी, मार्च का महीना और अजमेर

बी एल सामरा “नीलम “
आज से सौ वर्ष पूर्व महात्मा गाँधी ने अजमेर की धरती से अंग्रेजी राज के खिलाफ बगावत का बिगुल बजा कर आजादी की लड़ाई का आगाज़ किया , वह समय मार्च का महीना ही था और इसी मार्च माह में उन्होंने अपने साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन प्रारंभ किया था, हिन्दी संवत के प्रथम दिवस वर्ष प्रतिपदा को । इतना ही नहीं हमारे राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर से पहली मुलाक़ात भी शांति निकेतन में 6 मार्च 1914 को की थी तथा वहां शांति निकेतन में ही विद्यार्थियों को स्वावलम्बन का प्रशिक्षण दिया था ।इसी मार्च माह में 8 मार्च को गांधी जी अजमेर आये, यहाँ उन्होंने सार्वजनिक सभा में अंग्रेजी कानून का बहिष्कार करने का आव्हान किया जिसे राजद्रोह माना गया और अजमेर में ही 9 मार्च को उनके गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए मगर वे रेल द्वारा अहमदाबाद के लिए प्रस्थान कर गए ।अहमदाबाद पहुँचने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया । 10 मार्च को वे गिरफ्तार हुए और उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया तथा महज आठ दिन चली कार्यवाही के बाद अदालत ने उनको छः वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुना दी । इसके विरोध में 18 मार्च को राष्ट्र व्यापी बंद आयोजित कर काला दिवस मनाया गया । यह तमाम जानकारी स्वयं गांधी जी के अखबार हिन्दी नवजीवन में प्रकाशित विवरण पर आधारित है जिसके 52 अंक मेंरे संग्रह में सुरक्षित है ।
*बी एल सामरा नीलम*

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