क्यों नही बना है अभी तक पुष्कर नगर पालिका का जोनल डेवलपमेंट प्लान

अरुण पाराशर
राजस्थान सरकार 2 अक्टूबर से शहरी क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं के समाधान और नगर के सुनियोजित विकास को गति प्रदान करने के लिए प्रशासन शहरों के संग अभियान चलाने वाली है,इसके लिए सरकार ने अभी स्थानीय निकायों को 30 जुलाई 2021 की डेड लाइन देकर उनके अपने शहरों के लिए मास्टर प्लान के समकक्ष ही जन हित से जुड़े विभिन्न कार्यों की नियमानुसार क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी रूप से विद्यमान मास्टर प्लान में नए प्रस्तावित प्रावधानों के लिए जोनल डेवलपमेंट प्लान बनाने के निर्देश प्रदान किए थे,जोनल प्लान बनने के पश्चात 20 दिन की समयावधि में आम आपत्तियां 31 अगस्त तक मांगी जानी है। राजस्थान की अधिकतर शहरी निकायों ने यह काम लगभग पूरा कर लिया है ,लेकिन पुष्कर नगर पालिका के जोनल डेवलपमेंट प्लान का आज दिन तक कहीं कोई अता पता नहीं दिखाई दे रहा कि पालिका पुष्कर तीर्थ नगरी में आम जन की समस्याओं व दीर्घ कालीन शहर के सुनियोजित विकास कार्यों के लिए क्या विजन , परिकल्पना का खाका बना रही है, इस संबंध में पालिका ने न तो अभी तक आम जन से कोई सुझाव मांगे है ना ही खुद ने कोई प्रारूप ड्राफ्ट प्लान बनाकर सार्वजनिक किया है।जिस पर आम जन, चर्चा विचार विमर्श कर सके कि तीर्थ व जनता के हित में क्या होना चाहिए।
1 भू उपयोग योजना में क्या सुधार हो सकते है 💐 आवासीय,वाणिज्यिक, चिकित्सा, शैक्षणिक,आमोद प्रमोद, सामाजिक, सांस्कृतिक,धार्मिक एवम ऐतिहासिक,पर्यटन आदि में।
2जन उपयोगी सुविधाओं में सुधार की संकल्पना क्या हो सकती है💐सीवरेज जल, मल निकास एवम ठोस कचरा प्रबंधन, विद्युत आपूर्ति, श्मशान आदि।
3💐परिसंचरण योजना: सड़कों के विस्तार एवम सुधार, चौराहों , पार्कों का सुधार, बस स्टैंड एवम परिवहन में सुधार आदि में नया क्या हो सकता है।
4💐 पुष्कर तीर्थ संरक्षण एवम टेंपल टाउन मास्टर प्लान की वृहद योजना:सरोवर,घाट,मंदिर,,पुष्कर घाटी का सौंद्रीयकरण,विरासत संरक्षण आदि के लिए सर्वांगीण विकास का विजन क्या हो सकता है।
उपरोक्त इन सब बहु आयामी संकल्पनाओं व योजनाओं के लिए विजन डॉक्यूमेंट, जोनल प्लान के माध्यम से ही तैयार किया जा सकता है जिसे राज्य सरकार ,मास्टर प्लान के समकक्ष ही मान्यता देकर क्रियान्वित करवा सकती है।तो क्या नगर पालिका की इस संबंध में कोई तैयारी मंशा दिखाई दे रही है, बिल्कुल नहीं, इस तरह से जोनल प्लान बनाए जाने की आज दिन तक कोई कार्रवाई न तो प्रारंभ हुई है ना ही सुनने में ही आई है।
💐हो सकता है पालिका ने अंदरखाने ही कागजों में अपनी मनमर्जी का तकमीना खींच रखा हो जिसे अपने और भूमाफियाओं के हितार्थ अचानक परोसा जा सके।
💐लगता है प्रशासन शहरों के संग महा अभियान के प्रति स्थानीय नगर पालिका के जन प्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी कत्तई गंभीर नहीं दिखाई दे रहे है, शायद इनको पुष्कर जैसे महान तीर्थ व यहां की जनता से कोई सरोकार ही नही रहा हो। जिस जनता ने इन्हें पुन: सत्ता में बैठाया। यह तो समझ में आता है कि पद मद अंध सत्ताधारी तो सोए पड़े है मगर कई गुटों में बंटे (कुछ को छोड़ कर) विपक्ष को भी जैसे सांप ही सूंघ गया हो वे भी अचेत पड़े अपने निजी स्वार्थ साधने के लिये आम जन के हितों को पलीता लगाकर ,प्रदेश में उनके दल की सरकार होने के बावजूद भी भाजपा बोर्ड के सत्ताधारियों की गोद में ही सोए पडे है।
यह जनता है जनाब यह सब खेला देख रही है। अभी भी समय है जाग जाओ वरना एक दिन समय जगा देगा।यह राज आज है फिर कल रहे ना रहे, होश में आ जाओ तीर्थ की पुकार है।कल कोई नहीं पूछेगा साहब की साहेबी को।आज आप है और सामने यह तीर्थ है।
जय पुष्कर राज की।
अरुण पाराशर, सामाजिक कार्यकर्ता, पुष्कर।

Leave a Comment

This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

error: Content is protected !!