
हिंदू पूजा पद्धति और ज्योतिष शास्त्र में चांदी को पवित्र और शुद्ध धातु माना गया है। चांदी का संबंध चंद्र और शुक्र से है। घर में चांदी रखना शुभ होता है। यह सौभाग्य की वृद्धि करता है। इसीलिए महिलाएं पायल और बिछिया चांदी की पहनती हैं।
चांदी के बर्तन
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घर में चांदी के बर्तन होना शुभ है। यदि रोजमर्रा के जीवन में चांदी के बर्तनों का उपयोग नहीं कर पाएं तो कम से कम भगवान की पूजा में चांदी के दीपक, आचमनी, लोटा, घंटी होना ही चाहिए। इससे वैभवता, संपन्नता आती है।
घर के किसी भी दिशा में चांदी की कोई वस्तु रखना शुभ होता है। ईशान कोण में चांदी का बर्तन रखना समृद्धि लाते है। वायव्य कोण में एक मिट्टी के बर्तन में चांदी के चार सिक्के लाल कपड़े में बांधकर रखें। बर्तन को अक्षत चावल से भर दें। इससे धन का आगमन सुगमता से होता है।
व्यापारियों को अपनी तिजोरी में चांदी का ठोस हाथी रखना चाहिए इससे तिजोरी कभी खाली नहीं रहती। अपने जेब में भी छोटा सा चांदी का ठोस हाथी रखें इससे विफलता आपसे दूर रहेगी।
यदि परिवार में कोई सदस्य लगातार बीमार चल रहा हो तो तीन गोमती चक्र को चांदी के तार में पिरोकर रोगी के सिरहाने पलंग पर बांध दें। जल्द सेहत सुधरने लगेगी।
दिमाग शांत और एकाग्र
तनाव और डिप्रेशन आजकल आम बात हो गई है, और कई लोग डिप्रेशन में आकर आत्महत्या जैसा कदम भी उठा लेते हैं। तनाव और डिप्रेशन से बाहर निकालने में चांदी चमत्कारिक असर दिखाती है। डिप्रेशन से पीडि़त व्यक्ति चांदी के गिलास में रोज पानी पिये। साथ ही चांदी की अंगूठी, चेन या कड़ा पहनें।
चांदी का आभूषण धारण करने से चंद्र प्रसन्न होते हैं।
चांदी धारण करने वाले जातक का दिमाग शांत और एकाग्र रहता है।
चंद्र के साथ-साथ शुक्र भी मजबूत होता है।
चांदी धारण करने से त्वचा संबंधी रोग भी दूर होते हैं। चेहरे पर तेज आता है।
हार्मोन बैलेंस करने में चांदी काफी असरकारक है।
कफ संबंधी परेशानियों से पीडि़त हैं तो गले में चांदी की चेन धारण करें। सर्दी-जुकाम से पी़ड़ित हैं तो चांदी की चम्मच से शहद खाएं।
गले में चांदी की चेन धारण करने से आवाज स्पष्ट और मधुर होती है। चांदी धारण करने से व्यक्ति की वाणी में ओज आता है।
चांदी धारण करने से चंद्र के साथ-साथ शुक्र भी मजबूत होता है। इससे मन प्रसन्न रहता है।
राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9611312076