राजस्थान में शेल एक्‍स्‍प्‍लोरेशन के लिए हॉलिबर्टन के साथ साझेदारी करेगी केयर्न ऑयल एंड गैस

अबू धाबी, 16 नवंबर 2021: भारत की सबसे बड़ी निजी ऑयल एंड गैस एक्‍स्‍प्‍लोरेशन एवं प्रोडक्‍शन कंपनी, केयर्न ऑयल एंड गैस ने राजस्थान में शेल की खोज शुरू करने के लिए हॉलिबर्टन ऑफशोर सर्विसेज इंक के साथ एक समझौता किया है। इस साझेदारी की पुष्टि एडीआईपीईसी 2021 में हुई – मौजूदा समय में अबू धाबी में इसकी मेजबानी की जा रही है, जो ऑयल और गैस सेक्टर की सबसे बड़ी कॉन्फ्रेंस में से एक है । 1919 में स्थापित, हॉलिबर्टन ऊर्जा उद्योग के लिए उत्पादों और सेवाओं के दुनिया के सबसे बड़े प्रदाताओं में से एक है। इस नए समझौते के तहत, केयर्न पश्चिमी राजस्थान के निचले बाड़मेर हिल (एलबीएच) के गठन को लक्षित करते हुए शेल की खोज शुरू करने के लिए हॉलिबर्टन के साथ साझेदारी करेगा। यह घोषणा केयर्न की अपनी क्षमताओं को दोगुना करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को प्राप्त करने के अपने लक्ष्य में देश की सहायता करने की प्रतिबद्धता का अनुसरण करती है।
इस मामले के बारे में केयर्न ऑयल एंड गैस के सीईओ, प्रचुर साह ने कहा, “ऊर्जा पर्याप्तता हासिल करने के लिए, भारत को अपस्ट्रीम एक्सप्लोरेशन में सुधार करना चाहिए, ब्राउन फीलड्स के लिए टेक्‍नोलॉजी को बेहतर बनाना चाहिए और शेल जैसे अपरंपरागत ऊर्जा संसाधनों को प्रोत्साहित करना चाहिए। इस साझेदारी के साथ, हम अपरंपरागत ईंधन के नए युग की खोज के वादे के साथ सर्वोत्तम वैश्विक टेक्‍नोलॉजी का संयोजन कर रहे हैं। शेल की खोज और उत्पादन ने संयुक्त राज्य अमेरिका के ऊर्जा परिदृश्य में क्रांति ला दी है और भारत के लिए भी, ईंधन एक गेम-चेंजर हो सकता है। केयर्न ने हमेशा भारत की हाइड्रोकार्बन क्षमता में दृढ़ विश्वास व्यक्त किया है, और यह साझेदारी उत्पादन क्षमता को 500 kboepd तक बढ़ाने के हमारे लक्ष्य की दिशा में एक और कदम है।”

बाड़मेर बेसिन में शेल की संभावना का पता लगाने के लिए केयर्न और हॉलिबर्टन पायलट ड्रिल्‍स विकसित करेंगे। यहां मौजूदा शेल क्षमता 3 अरब बैरल है और इस साझेदारी के साथ केयर्न 300 mmboe का भंडार स्थापित करना चाहती है। इस साल की शुरुआत में, केयर्न ने पड़ोसी ऐश्वर्या बाड़मेर हिल (एबीएच) साइट से तेल उत्पादन शुरू करने की भी घोषणा की थी। भारत ने अभी तक व्यावसायिक रूप से शेल का उत्पादन नहीं किया है और यह सहयोग उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
केयर्न देश भर में अपने क्षेत्रों में वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के साथ साझेदारी में नवीनतम तकनीक के कार्यान्वयन में अग्रणी रहा है। राजस्थान में मंगला क्षेत्र एक फुल फील्ड एनहैंस्ड ऑयल रिकवरी (ईओआर) पॉलीमर प्रोजेक्‍ट परियोजना का घर है। यह दुनिया में अपनी तरह की सबसे बड़ी परियोजना है। इसके साथ ही एक बड़ा एल्कलाइन सरफेक्‍टेंट पॉलिमर (एएसपी) प्रोजेक्ट भी डिजाइन किया जा रहा है, जो अगले कुछ सालों में अस्तित्व में आएगा। यह क्षेत्र मंगला पाइपलाइन के स्टार्टिंग पाइंट को चिन्हित करता है। यह दुनिया की लंबी लगातार गर्म और इंसुलेटेड पाइप लाइन है, जिससे राजस्थान के खेतों से कच्चा तेल गुजरात की रिफाइनरीज तक ले जाया जाता है। रावा फील्ड भारत के सबसे बड़े ऑफशोर एसेट्स में से एक है। यह बेहतरीन जलाशय प्रबंधन और अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने का उदाहरण है, जिसके परिणाम स्वरूप 50 फीसदी से ज्यादा एसेट्स को रिकवर किया जा सका है। यह नई साझेदारी भारत में ऊर्जा स्वायत्तता को हासिल करने की केयर्न की कोशिश में अगला कदम है।

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