साहित्य अकादेमी एवं सिंधी अदबी सभा, पुणे के तत्वाधान के अंतर्गत वरिष्ट सिन्धी साहित्यकार नन्द जवेरी के एकल काव्य पाठ के कार्यक्रम के अवसर पर देवी नागरानी की अनूदित काव्य संग्रह ‘रूहानी रूह जा पांधीअड़ा’ का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ. पुष्पा हाल, अगरवाल कॉलोनी में हुए इस कार्यक्रम में मंचस्त रहे -अकादमी के प्रतिनिधि श्री कृष्ण किम्बाहुने, श्री नन्द ज़वेरी, श्री अशोक कामदार, प्राध्यापिका जयश्री जेठवाणी श्री कमलेश मूरजानी व मुख्य महमान प्राध्यापिका अरुणा जेठवाणी व देवी नागरानी।रस्म की अदायगी करते हुए सभी मुख्य मेहमानों ने ज्योत जगाई और सुखमनी साहब के कुछ अंश गायन स्वरूप पेश किए गए। सभा के अध्यक्ष श्री गोवर्धन शर्मा ‘घायल’ ने संचालन करते हुए सभी का परिचय भी करवाया।
नन्द ज़वेरी जी की सुपुत्री ज्योति नारंग ने भी उपस्थिती दर्ज की, जयश्री चेतवाणी, अरुणा जेठवानी, माया मीरपुरी, रेखा पोहानी, सी. टी. केसवानी। श्री गोपीचन्द सचदेव ने एक गीत प्रस्तुत किया। तीन पुस्तकों का विमोचन हुआ….
देवी नागरानी के अनूदित संग्रह का विमोचन किया – जयश्री जेठवाणी –रूइया कॉलेज ने, मोतीलाल लुल्ला के संग्रह का –प्रोफेसर अरुणा जेठवानी, तोलाराम रहेजा के सिंधू सागर का विमोचन –-श्री कृष्ण किमबाहुने जी ने।
देवी नागरानी के इस अनुदित काव्य संग्रह में 50 अलग-अलग प्रान्तों के प्रबुध लेखकों की कविताओं का हिन्दी से सिंधी में अनुवाद हुआ है। अनेक प्रान्तों से स्थापित कवि व राष्ट्रकवि कुसुमाग्रज, विष्णु प्रभाकर, खलील जिब्रान, रूमी, रवीन्द्रनाथ ठाकुर, कुसुम अंसल…..! पुस्तक का स्वरूप देवनागरी लिपि में है, जो नव पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
देवी जी के साहित्य सफ़र की बात करते हुए श्री गोवेर्धन शर्मा जी ने इस बात का खुलासा किया किया कि नुवाद सिन्ध और हिन्द के बीच का एक सेतु बन रहा है और साहित्य के बीच में संधि पूरक विस्तार भी है। भाषा की टहनियों पर प्रांत-प्रांत के परिंदे आश्रय पा रहे है, जो अपने आप में एक मुबारक क़दम है। यह देवी जी की अपनी लगन और मेहनत का प्रतिफल है। सभाग्रह में मौजूद थे पूना के अनेक शायर, लेखक व् पत्रकार, रहे जिनमें प्रमुख रहे- नीलम छाबरिया, अर्जुन मोटवानी, सी ॰ टी॰ केसवानी जी, सरोज भरवानी, इंदिरा शबनम, गोवर्धन शर्मा घायल, प्रेम शर्मा, नरेन्द्र चंचलानी, दीपक शर्मा। समस्त कार्यक्रम का संचालन श्री गोवर्धन शर्मा जी ने किया और अंत में नीलम छाबरिया ने सभाग्रह में उपस्थित मेहमानों का आभार प्रकट किया.