भारत ने 2021 में मोबाइल ब्राॅडबैंड डेटा में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की

नयी दिल्ली, 15 मार्च, 2022 – नोकिया वार्षिक मोबाइल ब्राॅडबैंड सूचकांक रिपोर्ट 2022 से यह खुलासा हुआ है कि पिछले पांच वर्षों में साल दर साल 53 प्रतिशत की वृद्धि दर से भारत विश्व में सबसे अधिक डेटा उपयोग करने वाले देशों में से एक बन गया है। डेटा यूज़र्स की बढ़ती संख्या और प्रति यूज़र उपभोग से इस देश को डिजिटल इंडिया का विज़न साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल रही है। वर्ष 2021 में डेटा ट्रैफिक 31 प्रतिशत तक बढ़ा जिसमें औसत मोबाइल डेटा खपत प्रति यूजर 17 जीबी प्रति माह पहुंच गया। भारत के बढ़ते 4जी नेटवर्क ने 2021 में लगभग सभी मोबाइल ब्राॅडबैंड ट्रैफिक को संभाला। इस रिपोर्ट में आगे खुलासा किया गया है कि वर्ष 2021 में 4 करोड़ से अधिक उपभोक्ता जोड़े गए या 4जी सेवाओं में अपग्रेड किए गए। डिजिटलीकरण के निरंतर बढ़ते रहने से यह संख्या आगे और बढ़ेगी। पूर्व के वर्षों की तुलना में महानगरों में ट्रैफिक उल्लेखनीय रूप से बढ़ा।
4जी सामथ्र्य वाले उपकरणों के बढ़ते पारितंत्र से 4जी उपभोक्ताओं और डेटा की खपत में वृद्धि को बल मिल रहा है। भारत में 2021 में 3 करोड़ 5जी उपकरणों सहित 16 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन की बिक्री दर्ज की गई है जो अब तक की सबसे अधिक बिक्री है। 4जी सामथ्र्य वाले एक्टिव उपकरण 80 प्रतिशत से अधिक है , जबकि 5जी सामथ्र्य वाले उपकरणों की संख्या एक करोड़ का स्तर पार की गई है।
इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि कैलेंडर वर्ष 2025 तक यूज़र एडाप्शन बढ़कर स्मार्टफोन यूजर आधार के 60-75 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। बड़ी संख्या में लोगों के स्मार्टफोन अपनाने से ग्रामीण क्षेत्र में मोबाइल ब्राॅडबैंड और वीडियो कंटेंट की व्यापक खपत होगी।
नोकिया एमबिट रिपोर्ट का अनुमान है कि 5जी सेवाओं से राजस्व पांच वर्षों में साल दर साल 164 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है। यह 5जी के वैश्विक उपभोग के मुताबिक है। इस प्रौद्योगिकी के 2030 तक 1 प्रतिशत तक की वैश्विक जीडीपी या राजस्व में 1.3 ट्रिलियन डाॅलर का योगदान करने की संभावना है और यह स्वास्थ्य, जनोपयोगी सेवाओं, अगली पीढ़ी के मीडिया एप्लीकेशंस, विनिर्माण और स्मार्ट सिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग के अनूठे मामलों से संचालित होगा।

नोकिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भारतीय बाजार के प्रमुख संजय मलिक ने कहा, भारत के मोबाइल ब्राॅडबैंड पारितंत्र को विकसित करने में 4जी ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब आगामी 5 जी स्पेक्ट्रम नीलामी और इस साल के अंत तक सेवाओं की व्यावसायिक शुरूआत से भारत को डिजिटल खाई पाटने में मदद मिलेगी और सेवा प्रदाता इंडस्ट्री 4.0 जैसे नए और उत्साहजनक उपयोग के मामले उपलब्ध करा सकेंगे और स्मार्ट सिटीज इस डिजिटल अर्थव्यवस्था में तेजी लाएंगे। हम 5जी नेटवर्क स्थापित करने में भारतीय दूरसंचार कंपनियों की मदद करने और नागरिकों एवं एंटरप्राइस को विश्वस्तरीय नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद करते हैं।

नोकिया एमबिट 2022 रिपोर्ट की अन्य खास बातेंः

भारत में डिजिटल विज्ञापन बाजार में लघु वीडियो सेगमेंट 20 प्रतिशत योगदान कर सकता है और इसके 2030 के अंत तक 25-30 अरब डाॅलर पहुंचने का अनुमान है
भारतीय जेन जेड प्रतिदिन ऑनलाइन पर औसतन 8 घंटे खर्च करता है
भारत में 90 प्रतिशत इंटरनेट यूजर्स अपनी स्थानीय भाषा में कंटेंट का उपभोग करना पसंद करता है
भारत में 5 जी उपयोग के मामलों में नवप्रवर्तन, डिजिटलीकरण का दबदबा होगा
भारत में मोबाइल ब्राॅडबैंड की पैठ 80 प्रतिशत पहुंचने का अनुमान है जिसमें औसत उपयोग 40 जीबी है।

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