मुंबई। भगवान शिव, हनुमान और देवी दुर्गा किसी खास धर्म से ताल्लुक नहीं रखते हैं। बल्कि वे तो ब्रह्मांड की आदिशक्ति हैं। इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल ने नागपुर के एक मंदिर की अपील पर सुनवाई के दौरान यह बात कही।
ट्रिब्यूनल के मुताबिक, मंदिर में रख-रखाव और पूजा-पाठ पर किया गया खर्च धार्मिक कार्यो में हुआ खर्च नहीं माना जा सकता है।
इनकम टैक्स कमिश्नर ने नागपुर के शिव मंदिर देवस्थान पंच कमेटी संस्थान को टैक्स पर छूट देने से इनकार करते हुए कहा कि मंदिर अपनी पांच फीसदी रकम धार्मिक गतिविधियों पर खर्च करता है।
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक टैक्स पर छूट तभी मिल सकती है, जब संस्थान किसी धर्म, जाति या वर्ग से सीधा-सीधा फायदा नहीं उठा रहा हो। इनकम टैक्स कमिश्नर के फैसले के खिलाफ मंदिर संस्थान ने ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया, जहां पर आईटी कमिश्नर के आदेश को खारिज कर दिया गया।
ट्रिब्यूनल ने कहा कि ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया गया, जो यह साबित करता है कि मंदिर संस्थान धर्म का प्रचार कर रहा था। भारतीय संस्कृति में जिस तरह किसी खास धर्म को मान्यता नहीं है। उसी तरह किसी खास भगवान को भी मान्यता नहीं दी गई है। समानता के आधार पर सभी धर्म और सभी भगवान समान माने गए हैं।