बीकानेर,18 जनवरी। जिला कलक्टर वेद प्रकाश ने कहा कि बीकानेर की हैरिटेज सिटी के रूप में पूरे विश्व में अलग पहचान बने, इसके लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।
जिला कलक्टर बुधवार को कलेक्टेªट सभागार में आयोजित हैरिटेज मैनेजमेंट प्लान सम्बन्धित स्टेक हॉल्डर कन्सलटेन्सी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इंडियन हैरिटेज सिटीज नेटवर्क फाउण्डेशन बंगलुरू द्वारा बीकानेर शहर के लिए हैरिटेज मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत पहले फेज की इनिशियल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की गई है, जिस पर बैठक के दौरान विचार विमर्श किया गया।
जिला कलक्टर ने कहा कि बीकानेर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक स्थलों का संरक्षण व उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, जिससे यहां पर्यटन विकास के नए आयाम स्थापित हो सकें। हैरिटेज स्थलों के आस-पास सफाई सुनिश्चित की जाए व इन स्थलों पर कचरा फैलाने, पोस्टर बैनर आदि लगाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए। कार्य योजना बनाकर ऐतिहासिक स्थलों का सौन्दर्य खराब कर रहे विद्युत ट्रांसफार्मर हटाए जाएं। जेएनवी कॉलोनी के ग्रामीण हॉट व जूनागढ़ के सामने स्थित क्राफ्ट बाजार का अधिकतम रचनात्मक उपयोग लिया जाए। प्रवासी हवेली मालिकों से सम्पर्क कर उन्हें हवेलियों के रख रखाव के लिए प्रेरित किया जाए।
महापौर नारायण चौपड़ा ने कहा कि शहर में साफ सफाई के लिए निगम कीओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए भामाशाहों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि गंगाशहर की हवेलियों को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया जाए। फाउण्डेशन के निदेशक के एस रायकर ने बताया कि बीकानेर में संस्थान द्वारा लगभग 800 हैरिटेज भवनों, स्थानों की जियो रेफ्रेन्सिंग की गई है तथा फीडबैक के आधार पर रिपोर्ट बनाकर राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाएगी। होटल भंवर निवास के संचालक सुनील रामपुरिया ने कहा कि हैरिटेज स्थलों के पास पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, सड़कों व नालियों की नियमित साफ-सफाई हो, आवारा पशुओं को पकड़ कर निर्धारित स्थलों पर छोड़ा जाए।
पाइलेट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित करें एक स्थान- जिला कलक्टर ने कहा कि शहर की किसी एक गली, सड़क अथवा स्थान को पाइलेट प्रोजेक्ट के रूप में चिन्हित कर उस स्थान को विकसित किया जाए। वहां पैदल यात्रियों के लिए स्थान, साइन बोर्ड, सीवरेज, नाली, अंडरग्राउन्ड विद्युत केबल, सड़क मरम्मत आदि कार्यों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार करवाकर स्थान को हैरिटेज लुक दिया जाए।
रिपोर्ट में दिए गए सुझाव- फाउण्डेशन द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में हैरिटेज मैनेजमेंट प्लान के तहत शहर में पार्किंग स्थल चिन्हिकरण,यातायात दबाव कम करने, पैदल यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के उपाय,कचरे का उचित निस्तारण, सीवरेज सिस्टम की पुख्ता व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालय निर्माण, अतिक्रमण हटाने, सड़क मरम्मत, अंडर ग्राउन्ड केबल डलवाने आदि के सुझाव दिए गए।
बिन्दुवार बताए गए प्रस्ताव- फाउण्डेशन द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में शहर के अंदरूनी भाग में स्थित विभिन्न ऐतिहासिक द्वारों व दीवारों के संरक्षण की आवश्यकता जताई गई। शहर के विभिन्न चौक का विकास किया जाए। शहर के अंदरूनी बाजारों व गलियों का संरक्षण हो एवं आवश्यकतानुसार साइनबोर्ड लगाए जाएं, जिन पर हिन्दी के साथ अंग्रेजी में भी नाम लिखे जाएं। शिवबाड़ी मंदिर के पास स्थित तालाब, फूलनाथ बगीची, संसोलाव व देवीकंुड सागर तालाब का जीर्णोद्धार किया जाए। प्राचीन कुओं व बावड़ियों का जीर्णोद्धार हो। शहर में और अधिक हैरिटेज वॉक चिन्हित हों, धार्मिक स्थलों का विकास हो, जिला कलेक्टेªट भवन का संरक्षण हो।
इस अवसर पर फाउण्डेशन के आनन्द विश्वनाथन, परोमिता, रचना, गोपाल सिंह ने पावर पाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में निगम आयुक्त आर के जायसवाल, निगम उपायुक्त ताज मोहम्मद, सहायक निदेशक पर्यटन भारती नैथानी, यातायात उपाधीक्षक प्रताप सिंह, इंटेक के कनवीनर पृथ्वीराज रतनू, हवेली बचाओ यात्रा के निदेशक डॉ जिया उल हसन कादरी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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इतिहास विषय पर आयोजित होगी राष्ट्रीय कार्यशाला
बीकानेर 18 जनवरी। राजकीय डूंगर कॉलेज के इतिहास विभाग द्वारा 20 व 21 जनवरी को इतिहास पाठ्यक्रम निर्माण में राष्ट्रीय दृष्टि- विद्यार्थी संदर्भ विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। प्राचार्य डॉ. बेला भनोत ने बताया कि महाविद्यालय के प्रताप सभागार में होने वाले उद्घाटन समारोह के मुख्य वक्ता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी होंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. शिव कुमार भनोत होंगे। कार्यशाला में इतिहास पाठ्यक्रम में नवीनतम जानकारी मिल सकेगी।
दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी मंे उदयपुर के प्रो. कोठारी, जयपुर के डॉ. विकास नौटियाल व डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल, अलीगढ़ के डॉ. बी.एल.भादाणी, नई दिल्ली के प्रो. मूलचन्द एवं प्रो. एडवर्ड सहित देश के जाने माने इतिहासविद् भाग लेकर इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दंेगे। यूजीसी द्वारा प्रायोजित कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में इतिहास विषय के विभिन्न व्याख्याता एवं शोधार्थी भी भाग ले रहे हैं।
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वित्तीय साक्षरता एवं डिजिटल बैंकिंग विषय पर कार्यशाला आयोजित
बीकानेर, 18 जनवरी। जिले में कैशलैस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही गतिविधियों के क्रम में बुधवार को तिलक नगर स्थित आर.आर के.पब्लिक सीनियर सेकण्डरी विद्याालय में भारतीय रिजर्व बैंक एवं अग्रणी जिला बैंक कार्यालय के संयुक्त तत्वाधान में- बैंकिंग सुविधाओं एवं कैशलेस ट्रांजेक्शन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में अग्रणी जिला प्रबन्धक जितेन्द्र माथुर ने खाता खोलने, एटीएम का प्रयोग करने, जनधन योजना व ज्ञान ज्योति योजना के बारे में बताया । भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक जे.पी. जोईया ने छात्रों को केवाईसी, बचत के लाभ, बैंकिंग लोकपाल योजना सहित आरबीआई की साइट देखने व उपयोग लेने के बारे में विस्तार से जानकारी दी । अग्रणी बैंक कार्यालय के उपप्रबंधक हनुमान सोलंकी ने डिजिटल बैंकिंग के विविध आयाम यथा मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, रुपे कार्ड एवं मोबाइल एप्स के बारे में बताया । वित्तीय साक्षरता एवं परामर्श केन्द्र के एल.एस.चौहान ने प्रधानमन्त्राी सामाजिक सुरक्षा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेन्शन योजना पर प्रकाश डाला। शाला प्रधान सुरेन्द्र काजला ने आगन्तुकों का स्वागत करते हुए बताया कि विद्यालय में अध्ययनरत 1800 विधार्थियों की सुविधा हेतु प्रतिवर्ष खाता खोलने के कैंप लगाये जाते हैं तथा विद्यालय के अधिकांश कार्य कैशलेस बैंकिंग मॉड्यूल को अपनाकर किये जा रहे हैं ।
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एमजीएसयू परीक्षा-2017 -तीन गुना फीस के साथ आवेदन की अंतिम तिथि 20 जनवरी
बीकानेर, 18 जनवरी। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा 2017 में सम्मलित होने के इच्छुक परीक्षार्थियांे को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए तीन गुना परीक्षा शुल्क के साथ 20 जनवरी तक विभिन्न परीक्षाओं के लिए आवेदन करने की स्वीकृति दी गई है।
परीक्षा नियंत्राक डॉ जे एस खीचड़ ने बताया कि विद्यार्थी 20 जनवरी तक ऑनलाईन आवेदन कर सम्बंधित महाविद्यालय में आवश्यक रूप से आवेदन की हार्ड प्रति जमा करवा दें। हार्डप्रति सम्बंधित कॉलेज में जमा नहीं कराए जाने की स्थिति में महाविद्यालय द्वारा अभ्यर्थी का ऑनलाईन वेरीफिकेशन नहीं हो सकेगा। जिसके चलते विद्यार्थियों को रोल नम्बर आवंटित नहीं किए जा सकेंगे और वे परीक्षा देने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक विश्वविद्यालय में कुल 3.34 लाख परीक्षा फार्म भरे गए हैं, जिसमें से 3.22 लाख फार्म महाविद्यालयों द्वारा वेरीफाई कर दिए गए हैं। विश्वविद्यालय द्वारा मुख्य परीक्षाएं फरवरी 2017 के अंतिम सप्ताह से प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित है।
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राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न
बीकानेर, 18 जनवरी। राजकीय डूंगर कॉलेज के भूगर्भ शास्त्रा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला बुधवार को सम्पन्न हुई। कार्यशाला के दूसरे दिन प्रथम तकनीकी सत्रा में पेट्रोलियम मंत्रालय के हाइड्रोकार्बन निदेशालय के अधीक्षण भू वैज्ञानिक डॉ अभिराम देव शर्मा ने भारत और विश्व में शैल गैस की विपुल संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी । इस अवसर पर ओनएनजीसी के सेवानिवृत निदेशक डॉ अनिल भण्डारी ने हाइड्रो कार्बन व पेट्रोलियम अन्वेषण में सूक्ष्म जीवों की भूमिका व राज्य में पेट्रोल भंडारों की उपलब्धता पर प्रकाश डाला।
सत्रा के तृतीय व्याख्यान मैपमाई इण्डिया के जीआईएस विभाग के निदेशक डॉ मदन झा ने जीआईएस तकनीक व सैटेलाइट छाया चित्रों के माध्यम से खनिज निक्षेप व हाइड्रोकार्बन निक्षेपों की खोज व दोहन की जानकारी दी।
कार्यशाला के द्वितीय तकनीकी सत्रा में जय नारायण विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एमएस सिसोदिया ने उल्का पिण्डों एवं धरती पर पड़ने वालों प्रभावों पर व्याख्यान दिया। कार्यशाला में खनिज अन्वेषण में आने वाली तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
समापन सत्रा में विभागाध्यक्ष डॉ शिशिर शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओनएनजीसी के सेवानिवृत निदेशक डॉ अनिल भण्डारी, विशिष्ट अतिथि जयनारायण विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ एम एस सिसोदिया थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या डॉ बेला भनोत ने विभाग को आयोजन पर बधाई दी। डॉ बी एल शर्मा ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
मोहन थानवी