फ़िरोज़ खान
बारां 17 जुलाई । प्रदेश सरकार दुआरा बाल श्रम रोकने के लिये विभिन्न उपाय किये जा रहे है, ओर समय समय पर अभियान चलाकर बाल श्रम रोकने की कवायद की जा रही है। वह पूरी तरह से फैल होता नजर आ रहा है। शाहबाद व किशनगंज ब्लाॅक के विभिन्न क्षेत्रों मे बाल श्रम की तस्वीरे आसानी से देखी जा सकती है। यहाॅ के होटलो व अन्य प्रतिष्ठानों पर सैकड़ों बाल श्रमिक कार्य करते हुए नजर आते है। परन्तु अधिकारीओं को यह दिखाई नही दे रहा है, ओर खुलेआम बाल श्रम रोकने को लेकर चलाये जा रहे अभियानों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
विकास खण्ड़ शाहबाद के समरानियां, केलवाड़ा, शाहबाद, देवरी, कस्बाथाना इन क्षेत्रों मे होटलों ओर विभिन्न प्रतिष्ठानों पर बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है। जिस उम्र मे बच्चों को पढ़ना – लिखना ओर खेलना चाहिये, उस उम्र मे वे मजदूरी करके अपना भविष्य चौपट कर रहे है। शाहबाद ब्लाॅक क्षेत्रों के होटलों, ढ़ाबों, सब्जी के ठेलो, मोटर पार्टस की दुकानों पर बाल मजदूरी आसानी से कार्य करते दिखाई दे रहे है। दूकानदार भी कम पैसे मे बाल मजदूरों को उनकी मजदूरी का फायदा उठा कर मजदूरी करा रहे है।
प्रदेश सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद इस पर कोई रोक नही लगा पा रहा है। श्रम विभाग के उदासीनता के चलते विभिन्न प्रतिष्ठानो पर यह बच्चे पढ़ाई छोड़कर कार्य कर रहे है। इन बच्चों के हाथों मे काॅपी, किताब ओर कलम होनी चाहिये थी, वहा वे होटलो पर कार्य करते है। जो लगातार चिंता का बिषय बनता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने 8 वर्ष से लेकर 15 वर्ष तक के बच्चों से कार्य करवाने पर कठोर सजा ओर जुर्माने का प्रावधान बनाया है, परन्तु जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या की ओर आंखे मूंदे बैठे है। उप खण्ड अधिकारी भूपेंद्र कुमार यादव शाहाबाद ने बताया कि समय समय पर जांच करवाई जाती रही है । अभी तक तो इस तरह का कोई मामला सामने नही आया है । फिर भी इस तरह का मामला सामने आता है तो नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी ।