फ़िरोज़ खान
बारां 6 अप्रेल । बिलासगढ़ व पींजना तथा बासथूनी ग्राम पंचायत के गांवों में मनरेगा का काम बंद होने के कारण लोग बेरोजगार बैठे हुए । बासथूनी की भरोसी बाई, सोना बाई, इंद्रेश बाई, बनवारी, दिनेश सहरिया ने बताया कि मनरेगा में काम मे बंद होने के कारण लोग परेशान है । इसी तरह पींजना निवासी नारायण, लक्ष्मीनारायण, घनश्याम खैरूआ ने बताया कि मनरेगा काम बंद पड़ा हुआ है । उंन्होने मनरेगा में काम देने की मांग की है । बिलासगढ़ निवासी बहादुर सहरिया, रुक्मणी बाई ने बताया कि काफी दिनों से काम बंद होने के कारण लोग बेरोजगार बैठे हुए है । इसी तरह रामपुरिया में करीब 370 सहरिया परिवार निवास करते है । सुरेश बाई, लल्ली बाई, मन्नी बाई ने बताया कि लम्बे समय मनरेगा का काम बंद पड़ा हुआ है । वही रामपुरिया निवासी परित्यक्ता महिला चंद्रकला सहरिया ने बताया कि मेरा जॉबकार्ड बने हुए 4 वर्ष से भी अधिक समय हो गया उसके बाद भी मुझे आजतक भी मनरेगा में एक दिन का भी काम नही मिला है । उसने बताया कि कई बार काम मांगने ग्राम पंचायत में भी गयी आवेदन भी किये उसके बाद भी काम नही मिला । इसी तरह सुशीला व कन्हैयालाल दोनों पति पत्नी है । इनको भी जब से जॉबकार्ड बना है, तब से ही मनरेगा में एक दिन का भी काम नही मिला है । इन्होंने मनरेगा में काम देने की मांग की है । पिपलघटा निवासी आनंदीलाल खैरूआ, नर्बदी बाई, किशन, रुक्मणी बाई खैरूआ ने बताया कि काफी समय मनरेगा की मस्टरोल नही चली है । इस कारण यहा के लोगो को काम नही मिलने के कारण बेरोजगार बैठे हुए है । इन्होंने बताया कि कई बार आवेदन किये जा चुके है । उसके बाद भी काम नही दिया जा रहा है । लोग मनरेगा में काम की मांग कर रहे है । इस सम्बंध में पीजना व बिलासगढ़ पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश निर्मल ने बताया कि दोनों पंचायत क्षेत्र के गांवों की डिमांड मंगवा ली है । आने वाले पखवाड़े से दोनों पंचायत क्षेत्रो में मनरेगा का काम चालू कर इनको रोजगार दे दिया जावेगा ।