खाद एवं नकद राषि ऋण के रूप में दिए जाने की मांग

फ़िरोज़ खान
बारां 22 अक्टूबर। जिला बारां में सहकारी समितियों/काॅपरेटिव बैंकों के माध्यम से ऋण माफी के नाम पर किसानों को भ्रमित कर खाद एवं नकद राषि उपलब्ध नही करवायी जा रही है। किसानों को खाद एवं नकद राषि उपलब्ध करवाए जाने की मांग को लेकर सोमवार को जिलाध्यक्ष पानाचंद मेघवाल के नेतृत्व में पूर्व जिला प्रमुख रामचरण मीणा, पूर्व मंडी अध्यक्ष प्रदीप काबरा, डीसीसी उपाध्यक्ष भंवरलाल सुमन, महासचिव शिवराजसिंह पलायथा, सचिव राजेन्द्र मीणा मूण्डला, सहकारिता प्रकोष्ठ अध्यक्ष कोैषल राठौर, ब्लाॅक अध्यक्ष बारां बनवारी मीणा, पूर्व ब्लाॅक अध्यक्ष रामस्वरूप मीणा, चितरंजन पाठक का षिष्ट मण्डल जिला कलक्टर, बारां से मिला।
जिला संगठन महामंत्री कैलाष जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में किसानों को फसल बुवाई हेतु राषि तथा खाद की जरूरत पड़ रही है। राज्य सरकार द्वारा बारां जिले में सहकारी समितियों/काॅपरेटिव बैंको के माध्यम से किसानों को एक से डेढ लाख रूपए ऋण के रूप में बिना ब्याज के दिए जाने का प्रावधान है। बजट घोषणा 2018-19 में राज्य सरकार द्वारा सहकारी/काॅपरेटिव बैंक के खातेदार किसानों को 50 हजार रूपए के ऋण माफ करने की घोषणा की गई थी। इसके लिए शासन-प्रषासन द्वारा कैम्प आयोजित कर किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरीत किए गए तथा जिसका जमा खर्च भी किसानों के खातों में हो चुका है।
लेकिन जब किसान सहकारी समितियों/काॅपरेटिव बैंकों में फसल में खाद एवं नगदी राषि लेने जाते है तो उनको यह कहकर वापस लौटाया जा रहा है कि कांग्रेस नेताओं ने इस पर रोक लगवा रखी है। इस प्रकार किसानों को भ्रमित किया जा रहा है तथा किसानों को जरूरी आवष्यकता होने पर भी खाद/नगदी राषि का भुगतान नही करना किया जा रहा है। जबकि इससे पूर्व में ऋण राहत से जिन किसानों को भुगतान किया जा रहा था उसको भी इस दौरान बंद कर दिया गया है।
जिलाध्यक्ष पानाचंद मेघवाल ने कहा कि इस सम्बन्ध में 12 अक्टूबर 2018 को भी जिला कलक्टर बारां को उनके द्वारा पत्र लिखा जाकर किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की गई थी लेकिन जिला कलक्टर द्वारा इस सम्बन्ध में अभी तक कोई कार्यवाही नही की गई। मेघवाल ने बताया कि 29 सितम्बर 2018 को बारां जिले की सभी सहकारी समितियों के अध्यक्षों के साथ बैंक की वार्षिक आमसभा की गई थी जिसमें निर्णय लिया गया था कि कृषकों को जितनी लिमिट खाली हो चुकी है, उसका 40-60 अनुपात में नगद एवं खाद वितरण किया जाए, लेकिन इसके उपरान्त भी सम्बन्धित शाखाओं द्वारा किसानों को ऋण राषि/खाद वितरीत नही किया जा रहा है।
जिलाध्यक्ष मेघवाल ने जिला कलक्टर बारां को प्रबन्ध संचालक, काॅपरेटिव बैंक बारां को निर्देषित कर किसानों को उनको मिलने वाली समस्त राषि तत्काल उपलब्ध करवाकर राहत प्रदान करवाने तथा साथ ही जिले के समस्त शाखा प्रबन्धकों को कांग्रेस पार्टी के खिलाफ दुष्प्रचार नही करने हेतु लिखित में आदेष जारी करने की मांग की गई।

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