महाविद्यालय की रासेयो दोनों इकाइयों द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन की शुरूआत स्वयंसेवकों के द्वारा मां सरस्वती की प्रार्थना एवं योग से की गई।
इसके पश्चात् प्रथम सत्र में स्वयंसेवकों के द्वारा श्रमदान कार्य के अन्तर्गत स्थानीय अन्ध विद्यालय के खेल मैदान परिसर में एन.एस.एस. प्रभारी डॉ रीतेष व्यास, कार्यक्रम अधिकारी डॉ बालमुकन्द व्यास, डॉ शराफत अली, श्री भरत जाजडा, श्री ईषान नारायण पुरोहित के नेतृत्व में जाकर विद्यालय के स्कूल के मैदान में कटिंली झाडियों को काटकर एवं कंकड पत्थरों को हटाकर वहां सफाई की। स्वयंसेवकों ने अलग अलग टोलियों में वहां स्थित कंटीली झाडियों को हटाया तथा मैदान में इधर उधर बिखरे पडे पत्थरों तथा कंकडों को हटाया।
साथ ही स्वयंसेवकों ने पवनपुरी स्थित विमंदित तथा मूक बधिर बच्चों के आश्रम में जाकर वहां रहने वालो लडकों तथा लडकियों को भी भोजन करवाया।
द्वितीय सत्र में बीकानेर के महारानी सुदर्षना महाविद्यालय के संस्कृत विषय के षिक्षक डॉ. रजनी रमण झा ने स्वयं सेवको को पौराणिक काल में नारी की स्थिति एवं उसका वर्तमान परिदृष्य विषय पर अपना सम्बोधन किया। अपने सम्बोधन में डॉ. झा ने वाल्मिकी रामायण के विभिन्न प्रसंगों को अपनी शोध के आधार पर अनेक उदाहरणों को उडृधृत किया। उन्होनंे वाल्मिकि द्वारा रचित रामायण के कुछ विषिष्ट प्रसंगो पर अपने द्वारा किये गये शोध के निर्ष्कषांे को स्वंयसेवकों के साथ सांझा किया। स्वयंसेवकों को उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में महिला सषक्तिकरण के माध्यम से ही समाज में महिलाओं की स्थिति में सुधार किया जा सकता है। उन्होेंने कहा कि रासेयो इस कार्य के लिए सबसे उपयुक्त मंच है जिसके माध्ययम से महिला स्वयंसेवक अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकती है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों को मिलकर समाज में आगे आकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने द्वारा रचित कुछ पुस्तकें महाविद्यालय के प्रायार्य को भंेट की।
गोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनन्त जोशी ने अतिथियों को विश्वास दिलाया कि महाविद्यालय के स्वयंसेवक अपने व्यक्तित्व विकास के साथ महिला सषक्तिकरण के लिए समाज में जागृति कार्यक्रम करेंगे। उन्होंने डॉ. झा का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनके द्वारा बताई गई बातें निष्चित रूप से स्वयंसेवकों के राष्ट्र निमार्ण कार्य में सहायक सिद्ध होंगे।
गोष्ठी का संचालन रासेयो प्रभारी डॉ. रीतेश व्यास ने किया।
भोजनावकाश के पश्चात् तृतीय सत्र में स्वयंसेवकों के लिए भ्रष्टाचार कारण और निवारण विषय पर एक निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सभी स्वयंसेवकों ने बढ चढ कर हिस्सा लिया।
निबन्ध प्रतियोगिता के पश्चात डॉ. बालमुकुन्द व्यास ने आगामी दिवसों में होने वाले कार्यो तथा गतिविधियों के लिए स्वयंसेवकों से चर्चा की ।
रासेयो प्रभारी