मृदा एवं जल परीक्षण विषयक प्रशिक्षण सम्पन्न

बीकानेर, 2 दिसम्बर। स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय में स्नातकोत्तर छात्रों का मृदा एवं जल परीक्षण विषयक सात दिवसीय प्रशिक्षण रविवार को सम्पन्न हुआ।
महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं परियोजना अन्वेषक प्रो. आई पी सिंह ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की वित्तीय सहायता से राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के तहत यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। छात्रों को स्वरोजगार के लिए कौशल विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखकर यह परियोजना प्रारंभ की गई हैं। इसके तहत कृषि से सम्बंधित स्वरोजगारोंमुखी विषयों पर छात्रों के प्रशिक्षण आयोजित करवाए जा रहे हैं, जिससे छात्र स्वयं के उद्यम स्थापित कर सकें। 26 नवम्बर से आयोजित इस प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कुलपति प्रोफेसर बी आर छीपा ने कहा कि छात्रों को रोजगार के लिए ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अपने कौशल को और निखारने के अवसर प्राप्त होंगे। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे नौकरी करने के स्थान पर अपना व्यवसाय प्रारम्भ करके दूसरों को भी नौकरी देने की सोच रखें।
प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. नरेंद्र पारीक ने बताया कि इस प्रशिक्षण में नाबार्ड के रमेश ताम्बिया, कजरी से डॉ एम एल सोनी, केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के डॉ बी डी शर्मा, कृषि अनुसंधान केंद्र श्रीगंगानगर के डॉ जी एम माथुर, सीएडी की मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के प्रभारी एवं उपनिदेशक हरीश शर्मा, डूंगर महाविद्यालय के डॉ नरेन्द्र भोजक, विश्वविद्यालय के डॉ योगेश शर्मा, डॉ एस आर यादव, डॉ रणजीत सिंह, डॉ राजेन्द्र जाखड़, डॉ सुशील ने प्रतिभागियों को मृदा एवं जल परीक्षण के सभी बिंदुओं पर प्रायोगिक सत्रों के माध्यम से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के अंत में परीक्षा का आयोजन किया गया और प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पारितोषिक वितरण किया गया। सफलता पूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 37 विद्यार्थियों को कुलपति ने प्रमाण पत्र प्रदान किए।

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