सिन्धु संस्कृति का केन्द्र बनेगा जयपुर में – मोहनलाल वाधवाणी

भारतीय सिन्धु सभा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक सम्पन्न
25 मार्च – सिन्धु संस्कृति का केन्द्र जयपुर में बनेगा व आगामी वर्ष को संगठन साधना वर्ष के रूप में मनाने हेतु संगठन की 150 ईकाईयों को प्रदेश में सक्रिय किया जायेगा। भारतीय सिन्धु सभा प्रदेश कार्यकारिणी की दो दिवसीय होटल विन्नी जयपुर में आयोजित बैठक में उक्त निर्णय लिये गये। प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल वाधवाणी ने कहा कि कार्यकर्ताओं को प्रदेश के सभी ईकाईयों का पूर्ण गठन कर कार्य का विस्तार करना है।
उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय महामंत्री भगवानदास सबनाणी ने कहा कि सभा के 40 वर्ष पूर्ण होने पर सशक्तिकरण वर्ष को संगठन साधना वर्ष के रूप में कार्यक्रम आयोजित किये जायेगें जिसकी रचना करने के लिये आगामी 27 व 28 जुलाई को भोपाल में चिंतन शिविर किया जायेगा प्रदेश के ऐसे दायित्वान कार्यक्रम में सम्मिलित होवें।
प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने बताया कि दो दिवसीय बैठक में प्रदेश पदाधिकारी, उपाध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष, संगठन मंत्री, युवा व महिला ईकाई के प्रदेश उपाध्यक्ष व प्रदेश मंत्री उपस्थित थे।
बैठक का शुभारंभ भारत माता, ईष्टदेव झूलेलाल, सिन्ध व शहीद हेमू कालाणी के चित्र पर दीप प्रज्जवलन व माल्यार्पण कर किया गया। संगठन गीत जिलाध्यक्ष डॉ. कैलाश शिवलाणी व भगवानदास नथराणी ने प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण संभाग प्रभारी हीरालाल तोलाणी व आभार नवलकिशोर गुरनाणी ने प्रकट किया। समापन सामूहिक राष्ट्रगान से किया गया।
पूर्व कुलपति मनोहरलाल कालरा ने कहा कि बाल संस्कार शिविरों को निरंतर अभ्यास में जोडे रखने के लिये साप्ताहिक बाल संस्कार केन्द्र स्थानीय भवनो में प्रारम्भ करने है जिससे विद्यार्थियों को जोडा जा सके। संरक्षक लेखराज माधू व सुरेश कटारिया ने कहा कि चेटीचण्ड व वर्ष प्रतिपदा के कार्यक्रम सभी पंचायतों व सामाजिक संगठनों को जोडकर आयोजित किये जाये।
23वां सिन्धु दर्शन यात्रा कार्यक्रम 23 जून से लेह लद्धाख में होगा- माखीजा
सिन्धुदर्शन तीर्थयात्रा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरलीधर माखीजा ने सिन्धुदर्शन यात्रा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुये कहा कि यात्रा का ऑनलाइन पंजीयन जारी है और पांच मार्गों से चलने वाली यात्रा की पूर्ण तैयारी कार्यकर्ताओं ने अलग अलग कमेटियां बनाकर कर ली है। यह धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व की सबको जोडने की यात्रा है।
मातृशक्ति संगठन का विस्तार करना है – डॉ. मायाबेन कोडनाणी
सभा की प्रदेश ईकाईयों में सेवा करने वाली मातृशक्ति की ईकाईयों को सक्रिय करने के लिये अलग अलग कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमति वंदना वजीराणी ने संभाग स्तर पर प्रवास व बैठकों के आयोजन की रूपरेखा रखी।
सत्रों में अलग अलग विषयों पर चर्चा हुई जिसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नवलराय बच्चाणी, घनश्यामदास हरवाणी, हीरालाल लखवाणी, नानकराम, गोपाल माधवाणी, टीकम पारवाणी, मोहन आलवाणी, मनीष ग्वालाणी, वासदेव बसराणी, गोरधनदास, ईश्वर मोरवाणी, निर्मल लखवाणी, अशोक रावताणी दीपेश सामनाणी, हासानन्द मंगवाणी ने विचार प्रकट किये। सत्रों का संचालन डॉ.प्रदीप गेहाणी, महेश टेकचंदाणी व गिरधारीलाल ज्ञानाणी ने किया।

(दिलीप पारवाणी) प्रदेश प्रचार मंत्री, मो.9829994888

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