
महंगाई रैली पर सवाल खडा करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि 12 दिसम्बर को राजधानी में महंगाई के खिलाफ रैली नहीं है बल्कि यह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की भक्ति रैली है। प्रदेश संभाल पाने में विफल गहलोत अपने आलाकमान को खुश करने और जनता का ध्यान भटकाने के लिए महंगाई हटाओ रैली का पाखंड रच रहे है। गहलोत महंगाई को लेकर केन्द्र पर छाती पीटने के बजाए प्रदेश में सरकार द्वारा वस्तुओं पर लगाए हुए भारीभरकम वैट हटाकर जनता को राहत देने की तरफ ध्यान दें।
देवनानी ने कहा कि गहलोत आए दिन महंगाई को लेकर केन्द्र को कोसते रहते हैं जबकि प्रदेश में महंगाई के लिए दोषी राज्य सरकार है। वस्तुओं पर राज्य द्वारा अन्य राज्यों की तुलना में भारीभरकम वैट लगा रखा है जिसके चलते प्रदेश में वस्तुएं अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा महंगी हो चली है। इन सबके चलते कांग्रेस स्वयं के खिलाफ महंगाई हटाओ रैली आयोजित कर रही है ऐसा प्रतीत होता है। पेट्रोल व डीजल को ही ले तो अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान में महंगा है। केन्द्र ने वैट घटाकर पेट्रोल और डीजल सस्ता कर जनता को काफी राहत दी लेकिन राज्य सरकार को जो राहत देनी चाहिए थी वह नहीं दी गई। ऐसी स्थिति अन्य वस्तुओं के साथ है। सरकार वैट घटाएं तो जनता को मूलभूत आवश्यकता की वस्तुएं सस्ती मिल सके।
कोरोना पर बोलते हुए देवनानी ने कहा कि प्रदेश में लगातार कोरोना के मरीज बढ रहे हैं। राजधानी जयपुर में आज ही 25 कोरोना मरीज मिले हैं और अन्य राज्यों की स्थिति तो और भी खराब है। यह जानकारी होने के बाद भी मुख्यमंत्री गहलोत आलाकमान को खुश करने के लिए जनता का जीवन खतरे में डालने के लिए उतारू है।
उन्होंने कहा कि गहलोत का प्रदेश और जनता की सुरक्षा की तरफ रतीभर भी ध्यान नहीं है। महिलाएं एवं बच्चियां असुरक्षित है। आए दिन राजकीय स्कूलों में पढने वाली छात्राओं के साथ बलात्कार, दुष्कर्म इत्यादि वारदाते एक के बाद एक घट रही है। यह स्थिति तो तब है जब गृहमंत्री का प्रभार स्वयं मुख्यमंत्री गहलोत के पास है। महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के मामले में गहलोत ने अपनी आंख और कान दोनों बंद कर लिए है। प्रदेश में महिलाएं त्रस्त है और प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में मस्त है। प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में जाकर महिला सुरक्षा को लेकर लड. सकती है तो राजस्थान के मामले में चूप क्यों है? 12 दिसम्बर को रैली में आने से पहले प्रियंका गांधी मुख्यमंत्री गहलोत से महिला उत्पीडन से त्रस्तों की सुध लेगी या फिर केवल भाजपा शासित राज्यों में ही नोटंकी करने तक सीमित रहेगी।