उत्कृष्ट डिवेलपमेंट इंपैक्ट बॉन्ड ने सुरक्षित डिलिवरी सुनिश्चित की और राजस्थान में 4,51,012 महिलाओं और नवजात शिशुओं को प्रभावित किया

जयपुर, 21 दिसंबर, 2021 : राजस्थान में गुणवत्तापूर्ण मातृत्व देखभाल प्रदान करने के मिशन के तहत विश्व में जच्चा-बच्चा की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए बनाए गए हेल्थ डिवेलपमेंट इंपैक्ट बॉन्ड उत्कृष्ट के तहत राजस्‍थान के 32 जिलों में 516 स्वास्थ्य केंद्रों के विशाल नेटवर्क में 2,25,583 नवजात शिशुओं की सुरक्षित ढंग से डिलिवरी कराने में सफलता हासिल की। राजस्थान में इन स्वास्थ्य केंद्रों पर मान्यता और एनएबीएच के मानकों के तहत 4,51,012 महिलाओं और नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य की देखभाल की बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराई गई। उत्कृष्ट का असर 600,000 गभर्वती महिलाओं पर होने की संभावना है। इस अभियान के तहत पांच साल की अवधि में 13,449 लोगों की जिंदगी को बचाया गया (जिसमें 12,221 नवजात शिशु, कोख में ही दम तोड़ने की स्थिति में 674 नवजात शिशु और बच्चों को जन्म देने के दौरान 554 गर्भवती महिलाओं को जीवनदान देना शामिल है।)

उत्कृष्ट डीआईबी को निजी स्वास्थ्य केंद्रों को पूर्ण रूप से समर्थन प्रदान करने के लिहाज से डिजाइन किया गया। इन केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मचारियों के प्रशिक्षण से वहां मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार किया गया। इन केंद्रों को क्वॉलिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (एनएबीएच) और एफओजीएसआइ (मान्यता) के तहत तय किए गए मानकों के आधार पर मान्यता और प्रमाणपत्र दिलाने में काफी मदद की गई। उत्कृष्ट डीआईबी में शामिल साझीदारों में यूएसएआईडी, यूबीएस ऑप्टिमस फाउंडेशन, पैलेडियम, पीएसआई, एचएलएफपीपीटी और एमएसडी फॉर मदर्स शामिल है।

जयपुर में राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में मातृत्व स्वास्थ्य के परियोजना निदेशक डॉ. तरुण चौधरी ने कहा, निजी अस्पतालों में नवजात शिशुओं के जन्म के समय जच्चा-बच्चा की मौत के मामलों में कमी लाने के लिए इन प्राइवेट अस्पतालों को एनएबीएच और मान्यता से बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रमाणपत्र या मान्यता दिलाने की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई क्योंकि प्राइवेट अस्पतालों में ही करीब 25 प्रतिशत नवजात शिशुओं का जन्म होता है।”

नीति आयोग में वरिष्ठ सलाहकार (स्वास्थ्य) डॉ. के. मदन गोपाल ने उत्कृष्ट डीआइबी के अब तक के प्रभाव पर टिप्पणी करते हुए कहा, “डिवेलपमेंट इंपैक्ट ब़ॉन्ड के मैकेनिज्म ने उत्कृष्ट डीआईबी को सफलता से लागू कर इसकी उपयोगिता साबित कर दी है। नई तकनीक से मिश्रित वित्तीय तंत्र को स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए लागू करने पर विचार किया जा सकता है, जिसमें स्थिर विकास के लक्ष्य 3 को हासिल करने के लिए टीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को मजबूत बनाने और परिवार नियोजन को दमदार तरीके से लागू करने की दिशा में किए जाने वाले प्रयास शामिल है।”

उत्कृष्ट इंपैक्ट बॉन्ड के इन कंट्री टीम लीड और फील्ड डायरेक्टर डॉ. आदेश चतुर्वेदी ने दावा किया, “देश में पहली बार मान्यता और एनएबीएच के तहत मान्यता और प्रमाणपत्र हासिल करने के मानकों और कसौटी पर खरे उतरकर देश भर के कई अस्पतालों ने जॉइंट क्वॉलिटी स्टैंडर्ड हासिल कर लिया है, जिससे अस्पतालों में होने वाली जच्चा बच्चा की मौत और दूसरी बीमारियों के मामलों में कमी आएगी और स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता पर दीर्घकालीन प्रभाव पड़ेगा।”

उत्कृष्ट के तहत मान्यता आकलन का नेतृत्व करने वाली एफओजीएसआइ की डॉ. लीला व्यास ने कहा, “राजस्थान में 25 फीसदी से ज्यादा नवजात शिशुओं का जन्म प्राइवेट सेक्टर के अस्पतालों में होता है। कई सामाजिक और आर्थिक वर्ग की महिलाओं द्वारा इस सुविधा का उपयोग किया जाता है। निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य रक्षा केंद्रों में स्थिति को सुधारने, उनका आकलन करने और स्थिर रूप से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का नया नजरिया विकसित कर अब तक उत्कृष्ट ने राज्य भर में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधारों को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।“

उत्कृष्ट ने एनएबीएच और मान्यता के तहत प्रमाणपत्र दिलाने के लिए निजी स्वास्थ्य रक्षा केंद्रों के कर्मचारियों को ट्रेनिंग और पूर्ण रूप से सहयोग देने के लिए इन केंद्रों के साथ मिलकर काम किया है, जिससे इन स्वास्थ्य केंद्रों को सर्वश्रेष्ठ मानकों पर खरा उतरने के लिए तैयार किया जा सके और वह मान्यता या प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकें। नेशनल एक्रिडिशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) भारतीय गुणवत्ता परिषद का एक घटक बोर्ड है। यह स्वास्थ्य रक्षा संगठनों के लिए मान्यता के कार्यक्रमों को बनाती है और उसका संचालन करती है।

मान्यता फेडरेशन ऑफ ऑब्स्ट्रेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (एफओजीएसआइ) की ओर से चिकित्सा सुविधाओं में गुणवत्तापूर्ण सुधार और प्रमाणन की पहल है, जो निजी अस्पतालों में विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना और मरीजों को सुरक्षित और सम्मानपूर्ण ढंग से देखभाल सुनिश्चित करती है। यह पहल 16 क्लिनिकल स्टैंडर्ड के माध्यम से सेहत की देखभाल के लिए डॉक्टरों और नर्सों की कुशल और अपने काम में दक्ष प्रतिस्पर्धी टीम बनाने पर फोकस करती है। यह गर्भावस्था के हर पहलू को शामिल करती है। इसमें प्रसव पूर्व और डिलिवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की देखभाल और प्रसव के बाद परिवार नियोजन के लिए दी जाने वाली सलाह शामिल है। इस पहल के तहत चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। इस प्रशिक्षण से नर्सों के व्यवहार और गभर्वती महिलाओं और अन्य गंभीर रूप से बीमार और जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की देखभाल करने के तरीकों में जबर्दस्त अंतर आया है। इसमें पीपीएच (प्रसव के बाद रक्तस्राव) और एकलम्पसिया शामिल है।

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