प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त, बलात्कार एवं महिला अत्याचार में नम्बर वन-दिलावर

कोटा 13 जनवरी। भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं रामगंजमण्डी विधायक मदन दिलावर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर अलवर जिलें में मूक-बधिर नाबालिग बालिका के साथ हुये गेंगरेप की घटना को शर्मसार बताते हुये कहा कि अब प्रदेश में बच्चियां व महिलाऐं सुरक्षित नहीं हैं। कानून को ठंेगा बता कर रोज महिलाओं पर अत्याचार की घटनायें हो रही है, लेकिन प्रदेश के मुखिया को इन सब घटनाओं से कोई सरोकार नहीं है। वे तो इन घटनाओं को सामान्य घटना मानकर उसी अनुसार कार्यवाही को अंजाम देने के निर्देश पुलिस के आला अधिकारियों को दे रहे हैं।
दिलावर ने कहा कि राजस्थान में निर्भया जैसी दरिंदगी एक मूक-बधिर बेटी के साथ हुयी है, इतना ही नहीं पीड़िता के गुप्तांगों में नुकीली वस्तु या रोड़ डालकर दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गई है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है, इस घटना को अंजाम देने वाले अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। इस सरकार के मुखिया को तो पीड़िता की चींखें तक सुनाई नहीं दे रही हैं। आज प्रदेश बलात्कार एवं महिला अत्याचार में नम्बर एक पर है।
दिलावर ने यह भी कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा दो दिन से राजस्थान के रणथम्भौर में अपना जन्मदिन बना रही है, वे अपने पूरे परिवार सहित सैर-सपाटे पर आयी हुयी है, लेकिन इस दिल दहलादेने वाली एवं मानवता को शर्मसार करने वाली घटना पर एक शब्द बोलने को तैयार नहीं है। क्योंकि कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा से फर्क रहा है। यदि यही घटना भाजपा शाषित सरकारों के यहां घटित हो जाती तो वे अपने चमचों के साथ घटना स्थल तक पहुंच कर नौटंकी करने में कोई कसर नहीं छोड़ती। प्रियंका ने खुद लड़की हूं लड़ सकती हूं का झूठा नारा देकर बच्चियों एवं महिलाओं को बेवकूफ बनाने का काम किया है। दिलावर ने यह भी कहा कि प्रियंका वाड्रा को राजस्थान में हर रोज बहिन बेटियों के साथ हो रही हैवानियत नजर नहीं आ रही है। लेकिन प्रदेश कि जनता अब सब जान चुकी है और समय आने पर इस कांग्रेस की सरकार से दो-दो हाथ करने को तैयार है।
दिलावर ने इस गंभीर घटना को लेकर मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है और कहा है कि जो भी इस घटना में लिप्त हैं तथा जिन्होंने अपराधियों को सहयोग किया है उन सभी की सम्पत्तियों को जप्त कर सरकार में समाहित की जावे, ताकि कोई भी इस प्रकार की घटना को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचने को विवश हांे।

(मदन दिलावर)

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