निवर्तमान जिला कलेक्टर आशीष मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर उतरा,उद्घाटन का इंतज़ार
चंदन सिंह भाटी
बाड़मेर पीत पाषाणों ,किले ,झरोखों और हवेलियों के शहर जैसलमेर में अब पर्यटन को नई ऊंचाइयां बॉर्डर टूरिज्म से मिलेगी।।निवर्तमान जिला कलेक्टर आशीष मोदी के अथक प्रयासों से जैसलमेर को बॉर्डर टूरिज्म से नई ऊंचाइयां देने वाले ड्रीम प्रोजेक्ट को नीति आयोग की मंजूरी के बाद अल्प समय मे पूर्ण कर इसे साकार किया गया।।बबलियान बॉर्डर टूरिज्म को न केवल विकसित कर पूर्ण कर लिया अपितु इसको पर्यटकों के सपनो का पर्यटन क्षेत्र बनाने में कोई कसर नही छोड़ी।।इसे पूर्ण हुए भी दो महीने करीब हो गया अब इस को पर्यटकों के लिए शुरू करने की दरकार है। पूर्व में इसे छब्बीस जनवरी को पर्यटकों को समर्पित करने। को लेकर अंतिम रूप दिया गया था। मगर कोरोना की तीसरी लहर की संभावना और राज्य सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के चलते इसका लोकार्पण एक बारगी टल गया मगर अब चूंकि 14 से 17 फरवरी को मरु महोत्सव शुरू करने की कवायद की जा रही है यही सही अवसर है जब बॉर्डर टूरिज्म के लिए तैयार बबलियान टूरिज्म प्रोजेक्ट को शुरू कर दिया जाए।।ताकि पर्यटकों के लिए बॉर्डर टूरिज्म खास आकर्षण का केंद्र बनकर उभर सके।।जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया इस प्रोजेक्ट के तहत सरहदी पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने के साथ ही सीमा सुरक्षा बल की कार्य शैली के बारे में सैलानियों को बताया जाएगा. बॉर्डर टूरिज्म के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल किस तरह से बॉर्डर पर काम करती है और यहां सैनिक कैसे जीवन बिताते हैं इससे सैलानियों को रू-ब-रू करवाया जाएगा. आशीष मोदी ने मरू महोत्सव से पूर्व इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा था लक्ष्य के अनुरूप बॉर्डर टूरिज्म बबलियान का कार्य पूर्ण हो चूका हैं ,मरु महोत्सव से पूर्व इसे पर्यटकों को समर्पित करना चाहिए ताकि इसमें आने वाले देसी और विदेशी सैलानियों को सरहद पर तैनात जवानों की शौर्य वीर गाथाओं और विषम परिस्थितियों में देश की सुरक्षा करने के जज्बे से रू-ब-रू करवाया जा सके.
बॉर्डर पर सीसुब की रिट्रिट सेरेमनी का होगा आयोजन
निवर्तमान जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत बबलियान सीमा चौकी पर वॉच-टावर, दर्शक दीर्घा, कैफेटेरिया इत्यादि का निर्माण किया गया हैं . बबलियान सीमा चौकी पर सीमा सुरक्षा बल की ओर से रिट्रीट सेरेमनी का प्रदर्शन किया जायेगा. भारतीय एवं विदेशी पर्यटकों को केवल पर्यटन के उद्देश्य से तनोट एवं बबलियान घूमने की परमिशन को ऑनलाइन किया जाएगा. इसके साथ ही जैसलमेर और तनोट में पर्यटक स्वागत केन्द्र एवं सुविधा केन्द्र का निर्माण किया जाना शामिल है.
भारत पाकिस्तान सीमा पर रेतीले धोरो के बीच बनी सीसुब की अग्रिम चौकी बबलियान को टूरिस पॉइंट के रूप में विकसित किया गया है ताकि पर्यटक यहां के सैनिकों के बलिदान और पराक्रम को नजदीक से जान सके. आशीष मोदी के सपनो के इस प्रोजेक्ट के जरिये जैसलमेर से अधिक से अधिक पर्यटक जोड़ना इसका मुख्य उद्देश्य है वही पर्यटकों के लिए स्थानीय लोक कला,संस्कृति और परंपराओं के साथ देशभक्ति का जज्बा इंकलाब कर सके।।