
सम्पूर्ण भारत में माघ शुक्ल पंचमी को “वसंत पंचमी” उत्सव मनाया जाता है।बसंत पंचमी के दिन से ही वसंत ऋतु प्रारंभ होती है | इसे “श्री पंचमी”, ऋषि पंचमी, मदनोत्सव, वागीश्वरी जयंती और “सरस्वती पूजा का उत्सव” भी कहा जाता है। वसंत पंचमी के दिन ही होलिका दहन स्थान का पूजन किया जाता है और होली में जलाने के लिए लकड़ी और गोबर के कंडे आदि एकत्र करना शुरू कर देते हैं। इस दिन से होली तक 40 दिन फाग गायन यानी होली के गीत गाए जाते हैं।