भारतीय गणतंत्र के संविधान के शिल्पकार डॉक्टर अम्बेडकर Part 5

dr. j k garg
अनशन के कारण गांधीजी मरणासन्न हो गये थे अत: उस वक्त के वातावरण को देखते हुए अंबेडकर ने अपनी पृथक निर्वाचिका की माँग तो वापस ले ली किन्तु इसके बदले मे अछूतों के लिये सीटों में आरक्षण तथा मंदिरों में उनके एवं पूजा के अधिकार की मांग स्वीकार कर ली जो छूआ-छूत खत्म करने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ |

उन्होने अपनी पुस्तक ‘हू वर द शुद्राज़?’ के द्वारा हिंदू जाति व्यवस्था के पदानुक्रम में सबसे नीची जाति यानी शुद्रों के अस्तित्व मे आने की व्याख्या की | 1951 मे संसद में अपने हिन्दू कोड बिल के मसौदे को रोके जाने के बाद अंबेडकर ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया इस मसौदे मे उत्तराधिकार, विवाह और अर्थव्यवस्था के कानूनों में लैंगिक समानता की मांग की गयी थी। मार्च 1952 मे उन्हें संसद के ऊपरी सदन यानि राज्य सभा के लिए नियुक्त किया गया |

डा. जे. के. गर्ग

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