dr. j k garg29 अगस्त 1947 को उन्हें भारत के संविधाननिर्माण के लिए बनी के संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया।संविधान के प्रारूप मे धार्मिक स्वतंत्रता, अस्पृश्यता का अंत और सभी प्रकार के भेदभावों को गैर कानूनी करारदिया गया। बाबा साहिब ने और अनुसूचितजाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए सिविल सेवाओं, स्कूलों और कॉलेजों की नौकरियों मेआरक्षण प्रणाली शुरू के लिए स2 का समर्थन किया | डा बी.आर. अम्बेडकर ने दीक्षा भूमि, नागपुर, भारत में ऐतिहासिक बौद्ध धर्मं में परिवर्तन के अवसर पर,14 अक्टूबर 1956 को अपने अनुयायियों के लिए 22 प्रतिज्ञाएँ निर्धारित कीं | स्मरणीय है कि बाबासाहेब को भारतीयबौद्ध भिक्षुओं ने बोधिसत्व की उपाधि प्रदान की थी किन्तु उन्होने खुद को कभी भीबोधिसत्व नहीं कहा। 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा दुवारा संविधान को स्वीकार किये जाने के वक्त बाबासाहेबने कहा था “ मैं महसूस करता हूं कि संविधान, साध्य है, यह लचीला है पर साथही यह इतना मजबूत भी है कि देश को शांति और युद्ध दोनों के समय जोड़ कर रख सके” आज भी बाबासाहेब कोभविष्यद्रष्टा और सामाजिक समरसता के पुजारी रूप में जाना जाता है |