पानी में तैरती कला प्रदर्शनी को देखने उमड़ें कला-प्रेमी

– राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध चित्रकार, कार्टूनिस्ट व कलाविद् नवलसिंह चौहान के चित्रों की प्रदर्शनी
– कूकडा पंचायत के कडियादेह बांध की पाल पर पानी के अंदर लगाई तैरती प्रदर्शनी

20170614_195753 (1)जवाजा
निकटवर्ती ग्राम पंचायत कुकडा के कडियादेह बांध की पाल पर पानी के अंदर भारत के जाने-माने चित्रकार, कार्टूनिस्ट व कलाविद् नवलसिंह चौहान ने बुधवार को अपने चित्रों की तैरती हुई अनूठी कला प्रदर्शनी लगाई। इस प्रदर्शनी को देखने के लिए दूर-दराज क्षेत्र से सैंकड़ों कला-प्रेमी पहुंचे। यहां प्रकृति और कला का एक साथ संगम देखते ही बनता नजर आया। प्रदर्शनी में प्रमुखता से तेल, एक्रेलिक रंगों से बने चित्रों में राजस्थानी परिवेश, विभिन्न हाव-भाव वाले व्यक्ति चित्र, स्टील लाइफ, नृत्य, कंटम्पररी आदि चित्र आकर्षण का केन्द्र रहे। प्रदर्शनी का विधि-विधान के साथ वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद् डॉ. हरिसिंह चौहान, स्थानीय सरपंच भैरूसिंह कुकडा, सरपंच दिलीपसिंह सीरमा, केवीएस देवगढ स्कूल प्रचार्य केशव वरनोती, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव परमेश्वरसिंह सीरमा, विहिप ब्यावर परियोजना प्रमुख पृथ्वीसिंह पंवार, रावत खेल महासंघ अध्यक्ष त्रिभुवन नारायणसिंह चौहान, रणजीतसिंह मंडावर, लक्ष्मणसिंह छापली के आतिथ्य एवं सानिध्य में उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। जहां अतिथियों ने पानी में दिप-दान कर एक साथ चित्रों को पानी के अंदर छोडा। बांध की सुरक्षा वॉल के अंदर जमा पानी पर तैरते चित्र एकाएक आकर्षण का केन्द्र बन गए। समारोह में वैज्ञानिक डॉ. हरिसिंह चौहान ने बताया कि चित्रकार नवलसिंह चौहान ने छोटे से गांव देव कासया (कोट-किराण) से निकल कर आज देशभर में अपनी कलाकारी का ढंका बजा कर मगरांचल को गौरवांवित किया है। प्रदर्शनी का दूर-दराज के कला-प्रेमियों ने अवलोकन कला के रंगों को नजदीकता से जाना और समझा। प्रदर्शनी को लेकर बच्चों में गजब का उत्साह नजर आया। सुबह से शाम तक प्रदर्शनी को देखने के लिए कला-प्रेमियों की भीड जुटी रही। कडियादेह बांध का पिकनिक स्पोट देखते ही बनता है। चित्रकार नवलसिंह ने मगरा क्षेत्र में प्रकृति के साथ यह तीसरी बार प्रदर्शनी लगाना बताया। जबकि वे देशभर में कई छोटे-बडे शहरों में प्रदर्शनी लगा चुके है।
IMG-20170614-WA0019स्कूल व खेजडी के पेड पर भी लगाई थी प्रदर्शनी : चित्रकार चौहान ने बताया कि सबसे पहले उन्होने अपने गांव के स्कूल परिसर में पेडों के ऊपर पेंटिंग्स प्रदर्शनी लगाई थी, इसके बाद गांव के जंगल में खेजडी के पेडों पर चित्र प्रदर्शनी लगाई। पानी पर तैरती यह तीसरी प्रदर्शनी भी उन्होने अपने पैतृक गांव के निकट ही लगाई। उन्होने इससे अपना प्राकृति के साथ प्रेम का इजहार करना बताया।

ढाई हजार में बिकी एक पेंटिंग्स : कला प्रदर्शनी में शामिल मैराथन ऑफ मेवाड की पेंटिंग्स यानि की मैवा का मथारा को रावत युवा नेता परमेश्वरसिंह सीरमा ने ढाई हजार रूपयें में खरीदी।

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