आजादी के 72 साल बाद आज भी अभाव की जिंदगी जीने को मजबूर हैं ग्रामीण

फ़िरोज़ खान
बारां 16 सितंबर । बारां जिले की शाहाबाद ब्लॉक के मोहनपुर गांव में सड़क मार्ग नहीं होने के अभाव में लोगों को के लिए मुश्किल हो रहा है । 4 माह बारिश में यह गांव टापू बन जाता है ।
राज्य सरकार द्वारा विकास यात्रा निकाली जा रही है दूसरी तरफ ना जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे ना प्रशासन जाग रहा ! ऐसे में आज भी लोगों को रास्ता नहीं होने के अभाव में परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है । मोहन पुर गांव में 80 घरों की बस्ती है । जिसमें 30 सहरिया, 40 अहीर, 10 भील समुदाय के लोग निवास करते है । मामोनी मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली बिचि सड़क तक महज 3 किलोमीटर दूरी तक रास्ता ठीक नहीं होने के कारण लोगों को परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। इस रास्ते मे 3 नाले पड़ते है । जिन नालों पर आज तक पुलिया निर्माण भी नही हो पा रहा है । एसे में लोग शिक्षा चिकित्सा जेसी सुविधाओं से कट जाते है । गांव में प्राथमिक शिक्षा कर्मी विद्यालय के अलावा उच्च शिक्षा नहीं होने व चिकित्सा व्यव्स्था नहीँ होने पर बिमारी व डिलेवरी जेसी समस्या आ जाने पर एम्बुलेन्स की तो दूर की बात है पेदल ही आना जाना मुश्किल हो जाता है । मोहनपुर से 8-10 बच्चे बिचि विद्यालय में पढ़ने जाते हैं । यहां सड़क की तो दूर की बात है । नालों पर पुलिया निर्माण भी नहीं हुए है । अधिकारी व जनप्रतिनिधि वन विभाग का बहाना लेकर पल्ला झाड़ लेते हैं । गांव के समीप तालाब के भराव होने से पानी ही पानी भरा रहता है । लोगो का कहना है कि जगह वन विभाग में नहीँ है फिर भी पुलियाओं निर्माण नहीं नहीं हो पा रही है ।

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