मानसिक स्वास्थ्य तथा नशामुक्ति विभाग, पी0बी0एम0 अस्पताल तथा पण्डित कृष्ण चन्द्र मेमोरियल न्यूरोसांइस सेन्टर बीकानेर के संयुक्त तत्वाधान में इण्डियन साइेकेट्रिक
सोसायटी-राजस्थान शाखा की 33 वीं वार्षिक दो दिवसीय क्रॉन्फ्रेन्स राजसाइकोन 2018 का
आयोजन दिनांक 20 तथा 21 अक्टुबर 2018 को मानसिक स्वास्थ्य एंव नशामुक्ति विभाग
पी. बी.एम. अस्पताल एंव होटल पार्क पेराडाइज में किया गया। इस क्रॉन्फ्रेन्स
मे राजस्थान ही नही वरन देश के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 300 के करीब मनोचिकित्सक
हिस्सा लेकर मानसिक चिकित्सा के क्षेत्र में अर्जित अपने ज्ञान को परस्पर साझा किया। इस
क्रॉन्फ्रेन्स की थीम “इनोवेशन इन साइेकेट्री” रखी गई। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति
महोदय, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय डॉ0 भागीरथ सिंह, डॉ0 आर.पी. अग्रवाल, प्रधानाचार्य
एवं नियंत्रक, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, डॉ0 आलोक माथुर, डिप्टी डायरेक्टर जनरल
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, भारत सरकार, डॉ0 के.के. वर्मा, आचार्य एवं विभागाध्यक्ष मानसिक
स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति विभाग ने दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ0 भारीरथ सिंह ने कार्यक्रम को
संबोधित करते हुवे कहा कि वर्तमान में मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा एक महत्वपूर्ण विषय बना हुआ
है क्योकि यह हमारे जीवन के सभी आयामो को समान रूप से प्रभावित करता है और इस प्रकार
के सम्मेलनो के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा को नये आयाम पर ले जाने में मदद
मिलती है। दो दिवसीय इस सम्मेलन में मनोचिकित्सा से संबंधित वर्तमान दौर में उपयोग ली
जाने वाली आधुनिक चिकित्सा पद्धतियो जैसे स्टेम सेल थैरेपी, डीप ब्रेन स्टीम्यूलेशन तथा
ट्रांसक्रेनियल डायेक्ट करंट स्टीम्यूलेशन आदि पर विस्तृत चर्चा की गई तथा इन पद्धितियो को
किस प्रकार मानसिक परेशानियो जैसे स्क्रीजोफ्रेनिया, ओसीडी, अवसाद, उन्माद, आटिज्म,
एडीएचडी आदि में उपयोग किया जाये, पर संवाद हुआ। कार्यक्रम में न्यू दिल्ली से डॉ0 रोहित
वर्मा र, डॉ0 अतुल अम्बेकर, डॉ0 पीके दलाल, डॉ0 एम.एस. भाटिया, डॉ0 आर.सी. जिलोआ, मुम्बई
से डॉ0 प्रदीप महाजन, चंडीगढ से डॉ0 अजीत अवस्थी तथा सिंगापुर से डॉ0 धनेश गुप्ता ने भाग
लिया।
राष्ट्रीय मानसिक चिकित्सा कानून 2017 के संबंध में अलग-अलग पहलुओ पर विचार
विमर्श हुआ। मनोचिकित्सा के क्षेत्र में होने वाले विभिन्न अनुसंधानो के शोध पत्रो का वाचन किया
गया जिसमें श्रेष्ठ पत्रो की श्रेणी में दो प्रमुख अवार्ड सोंलकी अवार्ड तथा गहलोत अवार्ड
मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति विभाग, बीकानेर के रेजीडेंट डॉ0 पिकाक्षी तथा डॉ0 संदीप शर्मा
ने जीते साथ ही पिछले वर्ष के अवार्ड का वितरण भी इस वर्ष किया गया। कार्यक्रम के अंत में
सभी मनोचिकित्सको ने वर्तमान परिवेश में असामान्य रूप से बदलते मानसिक स्वास्थ्य के प्रति
सही तथ्यो से लोगो को विभिन्न माध्यमो से जागरूक करने की प्रतिबद्वता जताई ।