राजस्थान केबल ऑपरेटर यूनियन के आह्वान पर केबल प्रसारण रहा पूर्णतः बंद

1 फरवरी 2019 से केबल व्यवसाय पर TRAI द्वारा जो कुठाराघात होने जा रहा है उसकी किसी जनप्रतिनिधियों व भारत सरकार को फिक्र नही है कि इस नई नीति से लाखों लोग बेरोजगार हो जायेंगे तथा उपभोक्ताओं को तो अभी तक इस बात का होश ही नही है कि अब जो चौनल वो फ्री में ही या बेहद न्यूनतम मूल्य में देख रहे थे उसकी कीमत बेतहाशा बढ़ने वाली है ।
ऑपरेटर उपभोक्ताओं को यह अवगत कराना चाहते हैं कि ट्राई की नई नीति के बाद फ्री टू एयर चौनल में जहां पहले कोई शुल्क नहीं लगता था। वहीं, अब 154 रुपए चुकाना पड़ेंगे इसके अलावा सभी चौनलों के अलग-अलग रेट भी तय कर दिए गए है वो भी कितना ?.. सिर्फ आपको स्टार इंडिया का ही उदाहरण बताते है कि स्टार इंडिया के कुल 51 पे चौनल्स हैं। इसमें 23 चौनलों 19 रुपए की एमआरपी वाले हैं। पांच चौनल 1 रुपए की कीमत वाले हैं। यदि आप इसका पूरा पैकेज लेते हैं तो मंथली इसके लिए 646 रुपए चुकाना होंगे, गौर कीजिए सिर्फ स्टार इंडिया के ही 646 रु मात्र ।
अम्बानी के वॉयकॉम-18 के टोटल 32 पे चौनल्स हैं। इनकी एवरेज कॉस्ट 7.80 रुपए है। 32 की टोटल कॉस्ट 250 रुपए प्रतिमाह पड़ेगी
सोनी के 25 पे चौनल्स हैं। एवरेज प्राइस 12 रुपए प्रतिमाह है। सभी चौनल्स को मिलाकर मंथली पैक 301 रुपए के करीब पड़ेगा । इस तरह से 42 ब्रॉडकास्टर्स के कुल 332 चौनलों का इनडिविजुअली प्राइस भी बताया है ।
अभी भी बहुत से घरो इन सब चौनलो को आप 250 से 350 रु में आसानी से देखा जा रहा है जिसे अब आप भूल ही जाइए, और एक बड़ी कमाल की बात और हुई है अब आपको इन चौनलों को देखने का खर्च पहले चुकाना होगा बाद में सर्विस दी जाएगी यानी केबल नेटवर्क भी अब प्रीपेड मोबाइल सिम की तरह एडवांस रुपए जमा करवाने पर ही चलेगा अभी तक केबल ऑपरेटर उपभोक्ताओं से केबल का किराया महीने के बाद या अपनी सुविधा के अनुसार लेते आए थे लेकिन नए कानून के पास हो जाने के बाद उपभोक्ताओं को पहले पैसा जमा करना होगा, उसके बाद वे केबल टीवी का उपयोग कर पाएंगे यानी बिलकुल डीटीएच जैसा,
ओर खास बात यह है कि केबल ऑपरेटर्स और डीटीएच कंपनियों को अब एक समान ही पैक उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने होंगे ।
उपभोक्ता अभी तक इस कुठाराघात से अनभिज्ञ हैं कि उनके साथ कितना बड़ा धोखा होने जा रहा है कि जो मनोरंजन की सुविधा उन्हें औसतन 250 से 300 रु प्रतिमाह में उपलब्ध हो रही थी उसके अब मजबूरीवश न्यूनतम 600 से 1000 रु प्रतिमाह देने होंगे।
उपभोक्ताओं पर अत्याचार के साथ साथ ही देश भर में करीब 10 लाख के लगभग केबल ऑपरेटर होंगे और तकरीबन 10 से 15 लाख इस व्यवसाय से जुड़े कर्मचारी व व्यापारी होंगे जो ट्राई की नई नीति के बाद से एक झटके में बेरोजगार हो जाएंगे।
केबल ऑपरेटर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सोहन लाल शर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं व केबल आपरेटर पर हो रहे इस भीषण कुठाराघात के विरोध स्वरूप राजस्थान केबल ऑपरेटर यूनियन ने एकमुखी होकर ट्राई के इस निर्णय का प्रत्येक जिला स्तर पर पुरजोर विरोध किया गया व विरोधस्वरूप पूरे राजस्थान के हर जिले में केबल प्रसारण बन्द रखकर ब्लैक आउट कर सरकार को चेतावनी दी गई कि अगर अब भी भारत सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आगे इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
शर्मा ने समस्त उपभोक्ताओं एवं जिलाध्यक्षों एवं ऑपरेटरों को इस बंद के आह्वान को सफल बनाने मे दिए गए योगदान पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए सभी से आगे भी होने वाले आंदोलन में इसी प्रकार के सहयोग की अपील की।

सोहनलाल शर्मा
अध्यक्ष
राजस्थान केबल आपरेटर एसोसिएशन

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