अजमेर, 5 जून। विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने राजस्थान के माननीय राज्यपाल महोदय श्री कल्याण सिंह जी से जयपुर स्थित राजभवन में मुलाकात कर महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के कुलपति पर माननीय उच्च न्यायालय की रोक होने से विभिन्न शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यो के सम्पादन में आ रही कठिनाईयों से राहत दिलाने के लिए किसी अन्य विश्वविद्यालय के कुलपति को यहां का अतिरिक्त प्रभार दिलाने का आग्रह किया।
देवनानी ने राज्यपाल महोदय को अवगत कराया कि म.द.स. विश्वविद्यालय अजमेर में प्रो. आर.पी.सिंह द्वारा 06 अक्टूबर 2018 को कुलपति के पद पर कार्यग्रहण करते ही 11 अक्टूबर 2018 को माननीय उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा इन पर कुलपति पद से सम्बंधित दायित्वों/कार्यों के सम्पादन पर रोक लगा दी गई थी।
उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में कुलपति के कार्य सम्पादन पर रोक होने से विभिन्न कार्य बाधित हो रहे है। विश्वविद्यालय को रूसा (त्न्ै।) के तहत मिले 5 करोड़ की राशि लैप्स होने की सम्भावना है। पूर्व में विज्ञापित शिक्षक भर्ती नहीं हो पा रही है। कर्मचारियों को 7वें वेतन का लाभ नहीं मिल पा रहा है, यहां तक कि पिछले 6 माह में सेवानिवृत हुए कर्मचारियों को पेंशन लाभ तक नहीं मिल पा रहा है।
इसके अतिरिक्त कुलपति के अभाव में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डिग्रियां नहीं मिल पा रही है, एक लाख से अधिक राशि के कार्यो के टंेडर नहीं हो पा रहे है व नये महाविद्यालयों को मान्यता व सम्बद्धता नहीं मिल पा रही है। कुछ निजी महाविद्यालयों पर लगी पेनेल्टी का निस्तारण नही हो पाने से वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
विश्वविद्यालय में लम्बे समय से विद्या परिषद की बैठक नहीं हो पाने से अगले सत्र हेतु सिलेबस का प्रकाशन नहीं हो पा रहा है तथा नए पाठ्यक्रम लागू नहीं हो पा रहे है। नया खेल व शैक्षणिक कैलेण्डर जारी नहीं हो रहा है व नये सत्र में प्रवेश प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। इसके अतिरिक्त क्मंद ब्वउउपजजमम को दिये गये आर्थिक अधिकारों के तहत कर्मचारियों को जून माह तक का ही वेतन दिया जाना सम्भव हो सकेगा।
विधायक देवनानी ने राज्यपाल महोदय से आग्रह किया कि जब तक कुलपति के कार्यो पर माननीय उच्च न्यायालाय की रोक है तब तक के लिए किसी अन्य विश्वविद्यालय के कुलपति को अतिरिक्त प्रभार शीघ्र दिलवाया जाए ताकि विश्वविद्यालय का कामकाज सुचारू रूप से चल सके।