तुष्टीकरण कर मंदिरों को हटाना नहीं होगा बर्दास्त: देवनानी

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 5 अप्रेल। विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने जिला प्रशासन व स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि सड़के चैड़ी करने के नाम पर तुष्टीकरण की नीति अपनाते हुए केवल मंदिरों को हटाने के लिए चिन्हित किया जा रहा है जिसे किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
देवनानी ने प्रशासन पर यह आरोप लगाया है कि पुष्कर रोड पर नोसर घाटी से पहले तथा जयपुर रोड पर टीटी काॅलेज के सामने सड़क पर मजारें स्थित है परन्तु उन्हें हटाने के बजाय सड़कों के किनारे स्थित हिंदूओं के मंदिरों को ही हटाने की कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है जो कि सराकर की तुष्टीकरण की नीति को दर्शाती है। प्रशासन द्वारा पक्षपात करते हुए मंदिरों को हटाने के लिए प्रस्तावित कार्यवाही को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई धार्मिक स्थल वास्तव में सड़क पर यातायात को प्रभावित करता है तो क्षेत्रवासियों व समाज के व्यक्तियों से चर्चा कर उन्हें विश्वास में लेकर कोई कार्यवाही की जानी चाहिए तथा ऐसी कोई भी कार्यवाही निष्पक्षतापूर्वक ही की जानी चाहिए।
देवनानी ने अग्रवाल समाज के लोगों से बिना चर्चा किये अग्रसेन सर्किल के आकार को बदलने का भी पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि यहां पर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित है। लिहाजा इस सर्किल से अजमेंर के अग्रवाल समाज की भावना जुड़ी है। प्रशासन को ऐसी कोई कार्यवाही नहीं करनी चाहिए जिससे सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने अजमेर को स्मार्ट सिटी की सौगात इसलिए दी थी कि धार्मिक व पर्यटन नगरी के निवासियों तथा यहां पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को सुविधाएं मिल सके, आमजन को सड़क, नाली, पानी, बिजली, पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध हो सके जबकि शहरवासियों को समय पर पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है। शहर में आधे-अधूरे क्षेत्र में सीवरेज लाईने बिछा दी गई जिसमें घरों से कनेक्शन तक नहीं जोड़े जा सके है। शहर का ड्रेनेज सिस्टम खराब है। कुछ मार्गो को छोड़कर कहीं भी भूमिगत विद्युत लाइने नहीं बिछाई जा सकी। प्रशासन ऐसे जरूरी कामों को छोड़कर स्मार्ट सिटी योजना में स्वीकृत राशि को जैसे-तैसे खर्च करने पर तुला है।

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