फर्जी चिटफण्ड कंपनी के चेयरमैन डायरेक्टर निदेशक मंडल सहित 5 के खिलाफ मुकदमे के आदेश

प्रिया होम स्टडी (प्रा)लिमिटेड का मामला
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केकड़ी 20 सितंबर(पवन राठी)अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या एक केकड़ी ने फर्जी चिट फण्ड कंपनी प्रिया होम स्टडी (प्रा)लिमिटेड के चेयरमैन तेजपाल सिंह
नूनिया डायरेक्टर सुरेंद्र सिंह नूनिया एवम निदेशक मंडल सदस्य महेश कुमार नूनिया सहित 5 जनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश केकड़ी पुलिस को जारी किए है।
प्रकरण में केकड़ी निवासी अताउर रहमान वल्द मुहम्मद शब्बीर सहित 12 जनों ने अदालत में परिवाद पेश कर बताया कि देश मे बढ़ते शिक्षित बेरोजगारों की मनोदशा को भांप कर सभी आरोपियों द्वारा प्रिया होम स्टडी (प्रा)लिमिटेड का गठन कर उसका अखबारों व टी वी के जरिये जोर शोर से प्रचार किया गया।
2006 में कंपनी के प्रचारको ने परिवादियों से संपर्क कर बताया कि कंपनी को जॉइन करो उसके बाद कंप्यूटर की शिक्षा प्रदान करके अच्छी जगह पोस्टिंग देते है।
कंपनी के सभी प्रचारकों ने एक साजिश रचते हुए प्रलोभन दिया कि कंपनी का विश्व विद्द्यालय सहित उच्च अध्ययन की संस्थाएं है जिनके द्वारा कंप्यूटर विज्ञान हार्डवेयर सॉफ्टवेयर नेटवर्किंग एकाउंटेंसी बिज़नेस जैसे क्षेत्रों की शिक्षा प्रदान करने का उद्देश्य बताया।कंपनी द्वारा प्रथम पैक में 7800रुपये व दूसरे तीसरे और चतुर्थ पैक में 11800 रुपये रखे गए तथा पढ़ो और कमाओ का स्लोगन देकर अन्य लोगो को जोड़ने का प्रलोभन दिया गया।इसके साथ ही कंपनी ने अपने मेमोरेंडम में 90 दिनों में चेन में 3 सदस्य जोड़ने पर कमीशन सहित मोटर साईकल अल्टो कार देना अपने विज्ञापनों में साया किया जाकर प्रलोभन दिया गया कि चार गुना राशि 5 वर्षो बाद वापस लौटने को कहा एक साल की बीमा पालिसी देने का भी आश्वासन दिया गया था। कंपनी के प्रलोभनो में आकर अनेक लोगो ने फर्जी कंपनी जॉइन करके 4 करोड़ रुपये जमा करवा दिए।
इसके बाद भी कंपनी द्वारा जो आश्वासन दिए गए थे उनको पूरा नही किया गया ना किसी को नोकरी दी गई और ना ही बताए गए प्रचारित किये गए लाभ परिलाभ दिए गए। छल कपट करके कूट रचित पॉलिसियों के जरिये 4 करोड़ की रकम हड़प ली गई।
अनेक बार जयपुर जाकर मूल रकम लौटने का अनुरोध करने पर हमारी मूल पॉलिसियां ले ली गई और मूल रकम भी नही लौटाई गई।इस बावत पुलिस अधीक्षक अजमेर को भी शिकायत की गई परंतु कोई कार्यवाही नही की गई।
ACJM प्रथम ने पूरे मामले की सुनवाई करके मुकदमा दर्ज कर जाँच करने के आदेश केकड़ी पुलिस को जारी किए है।
परिवादियों की और से अधिवक्ता आसिफ हुसेन ने पैरवी की।

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