*गार्गी पुरुस्कार देने में भी अन्याय
अजमेर 23 सितंबर 2022।। अजमेर दक्षिण विधायक एवं पूर्व महिला बाल विकास मंत्री अनीता भदेल ने कांग्रेस सरकार पर विद्यार्थियों के साथ अन्याय के आरोप लगाए। भदेल ने कहा की कांग्रेस सरकार शिक्षा व खेल को प्रोत्साहन देने के लिए झूठी पब्लिसिटी तो बटोर रही है परंतु वास्तविक दृष्टिकोण में व विद्यार्थियों के साथ अन्याय कर रही है। विधान सभा में पूछे प्रश्नों के उत्तर अनुसार कांग्रेस सरकार विद्यार्थियों के फंड में भी घमोल घोल करने का इरादा रखती है।
भदेल के अतारंकित प्रश्न लगने से जागी सरकार
*गार्गी पुरुस्कार देने की मंशा थी नही कांग्रेस सरकार की: भदेल*
भदेल ने अतारंकित पत्र के माध्यम से पूछा था कि कई वर्षो से राजस्थान के विद्यार्थियों का प्रोत्साहन गार्गी पुरुस्कार 2021-22 जो की बसंत पंचमी को मिलना था , वो क्यों नहीं दिया गया ? यह प्रश्न विधानसभा में चयनित होने के पश्चात सरकार ने 31 अगस्त 2022 को आदेश जारी किया और ऑनलाइन पोर्टल पर गार्गी पुरुस्कार वाली बालिकाओं को फॉर्म भरने को कहा।
भदेल ने कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा की इस मंजर से सरकार की मंशा साफ थी , की वो गार्गी पुरुस्कार देने की इच्छुक ही नही थी, सिर्फ छात्र हितों की बात कर झूठी वाह वाही लूटने की मंशा रखती है सरकार ।। और अब उनकी पोल न खुल जाए इस डर से जल्दबाजी में उन्होंने प्रश्न चयनित होने के पश्चात ये ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन का निर्णय लिया। परंतु किसी प्रकार का गार्गी पुरस्कार के आवेदन की तिथि का प्रचार नहीं किया ताकि मेहनती बालिकाएं गार्गी पुरुस्कार से वंचित हो जाए। दुखद विषय है, कांग्रेस सरकार इतनी गिरी हुई हरकत भी कर सकती है की विद्यार्थियों का हक छीन ले। क्या कांग्रेस सरकार अपने इस लेट लतीफ वाले रविए से पूर्ण बालिकाओं को गार्गी पुरुस्कार de पाएंगी। शायद नहीं क्योंकि जो बालिकाएं कॉलेज में जा चुकी है उनको संपर्क करने में असफल हो जाएगी सरकार, और बालिकाओं को गार्गी पुरुस्कार से वंचित होना पड़ेगा, क्योंकि जो आवेदन करेगा सिर्फ उसे ही गार्गी मिलेगा।।
*खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन कर, झूठी वाह वाही लूट रही सरकार
राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेल-कूद प्रतियोगिता का उदहारण ले लीजिए सरकार ने इसके लिए कोई बजट आवंटित नहीं किया, जो विद्यालयों को खेल के लिए मिलने वाला बजट था उसी का उपयोग कर उन्होंने खेल का राजनीतीकरण किया और खेल भावना के परे कांग्रेस के झंडे लगाकर खेल कूद प्रतियोगिता कराई। और सभी विद्यार्थियों को साल भर मिलने वाले खेल बजट को खत्म कर दिया।
भदेल ने अतारंकित प्रश्न के माध्यम से पूछा था की क्या सरकार खेलो को बढावा देने के लिये प्रदेश में निजी खेल एकेडमी निर्माण हेतु निवेशकर्ताओं को प्रोत्साहन देने का विचार रखती है? जिस पर सरकार ने जवाब दिया कि नही निजी क्षेत्र में खेल एकेडमी को स्थापित करने वालो को कोई प्रोत्साहन राशि नही देना चाहते? असंभव!! एक तरफ तो राजीव गांधी खेलो के नाम से वाह वाही लूटना दूसरी तरफ खेलो को विकसित करने के लिए खेल अकादमी से साफ इंकार करना। भदेल ने कांग्रेस सरकार को अपनी मंशा साफ करने को कहा की क्या झूठे प्रचार के परे भी कांग्रेस सरकार विद्यार्थियों जनहित के लिए कुछ करना चाहती है। या राज्य सरकार की योजना का मतलब सिर्फ कांग्रेस सरकार को झूठा प्रचार बटोरना है? राजीव गांधी खेलो प्रतियोगिता में लगे कांग्रेस के झंडे और बैनर से तो बस प्रचार ही दर्शनीय है, जमीनी स्तर पर तो इस प्रतियोगिता से विद्यार्थियों को पूरे साल खेलो से वंचित रहना पड़ रहा है। क्योंकि खेल बजट तो सारा राजीव गांधी खेलो प्रतियोगिता और कांग्रेस सरकार के प्रचार में बने बैनर और झंडो में आवंटित हो गया।
*विधानसभा में लगी याचिका से जल्द पूर्ण होगा नाला निर्माण
अजमेर दक्षिण विधायक अनीता भदेल ने क्षेत्र हित में यूनियन बैंक रामगंज के पीछे से बहने वाला कच्चा नाले को पक्का बनाया जाने के संबंध में विधानसभा में कार्य संचालन नियम 97 के अंतर्गत याचिका लगाई थी । जिसमे स्थानीय निकाय विभाग ने अपनी बैठक में याचिका पर संतोष व्यक्त किया और शीघ्र ही नाले के पक्के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित कर दी गई है।जल्द ही कार्य पूर्ण होकर क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी।
[23/09, 7:18 pm] Anita Bhadel: *राजस्थान स्वास्थ्य अधिकार विधेयक पर सदन में चर्चा कीः- भदेल*
विधायक भदेल ने राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक बिल पर सदन में चर्चा करते हुए कहा कि सरकार की मंशा इस बिल के अनुसार बहुत अच्छी है परंतु इस बिल पर खुलकर चर्चा करना आवश्यक है इसलिए इसे स्टेडिंग कमेटी में भेजना उचित होगा अन्यथा सिर्फ वाहवाही बटोरने के लिए यदि यह बिल पास कर दिया जाता है तो उससे इसकी क्रियान्विती को नुकसान पहुचेगा। पूर्व में भी हमारे द्वारा आरटीई, आरटीआई, नरेगा जैसे बिलो को जल्द बाजी के अंदर लागू कर दिया गया जिससे इसकी क्रियान्विती पर फर्क पडा। और आज तक आम जनता पूर्ण रुप से इसका फायदा नही ले पा रहे है। कुछ समय पहले सरकार का वादा था कि राईट टू फुड के बिल के अनुसार हम 100 प्रतिशत पात्र परिवारो को लाभ पहुचायेगे परंतु सरकार ने खुद माना है कि हम 100 प्रतिशत पात्र परिवारो को लाभ नही पहुचा पाए है। इस बिल को लागू करना ही हमारी मंशा नही होनी चाहिए परंतु इस बिल से आम आदमी को पूर्णतया फायदा पहुचे इस मंशा के साथ यह बिल लागू होना चाहिए।