*आपको जानकर यह बड़ा आश्चर्य होगा कि नगर निगम अजमेर द्वारा शहर की गंदगी , साफ सफाई और अवैध निर्माण को लेकर शहर वासियों पर कई तरह के जुर्माना लगाए जाते हैं । हम याद करें उस कोरोना काल को जिसमें नगर निगम दुकानदारों से जुर्माना वसूल कर रहा था और खुद बड़े जोर शोर से फागुन महोत्सव बना रहा था। जिसमें कोरोना गाइडलाइन का जमकर उल्लंघन किया गया। अब स्वयं नगर निगम पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लगाए जा रहे जुर्माने को लेकर राजस्थान में नगर निगम अजमेर ने जो नाम कमाया है वह इतिहास बन गया है और हमें उस पर हमें गर्व होना चाहिए। जिस तरह 2 साल की कड़ी मेहनत के बाद जलकुंभी हटाई गई है 6 करोड रुपए खर्च करके वह भी कोई कारगिल युद्ध से कम नहीं है। अजमेर की ऐतिहासिक और सुरम्य आनासागर झील में मल मूत्र युक्त पानी गिर रहा है 13, नालों का दूषित पानी सालों से गिर रहा है जिसपर एनजीटी ने प्रति नाला प्रतिदिन 25 हजार का जुर्माना लगाया। जबकि नगर निगम के जनप्रतिनिधि और अधिकारी पंचशील में करोडों की लागत से निर्माणाधीन नगर निगम भवन अपने का निरीक्षण करने जाते हैं लेकिन आनासागर की चिंता नहीं है। अब आईए जीएनटी द्वारा लगाए गए जमाने का हिसाब किताब करते हैं।*
*यह जुर्माना राशि 10 नवंबर 2018 से गणना की जाएगी*,
*नगर निगम अजमेर को आनासागर झील में तेराह 13 नालों के गिरने के संदर्भ में गलत एफिडेविट शपथ पत्र देने पर एनजीटी द्वारा यह जुर्माने लगाया गया है अजमेर के ही रहने वाले भारतीय पब्लिक लेबर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आरटीआई एक्टिविस्ट व्हिसल ब्लोअर, बाबूलाल साहू की शिकायत पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भोपाल बेंच के न्यायाधीश के द्वारा यह आदेश जारी करने की कार्रवाई की गई। है, 10 नवंबर 2018 से लेकर मार्च 2024 तक उपरोक्त आना सागर झील में गिरने वाले 13 नालों के प्रति गणना की जाती है तो यह राशि करोड़ों रुपए के ऊपर जाएगी यानी कि 13×* *25000= 325000, प्रतिदिन= 3250000×365=11,26,25000 प्रतिवर्ष,*
*11,26,25000,× 6 वर्ष ÷71,17,50000,*
*अगर राशि इस प्रकार गणना की जाती है तो 70 करोड़ से अधिक की राशि का जुर्मना नगर निगम पर लग सकता है। देखना है कि जुर्माने की कार्रवाई से बचने के लिए नगर निगम प्रशासन ने क्या सोच रखा है*! *अभी तो एक बात और है दिल्ली की टीम आ रही है अजमेर की स्वच्छता जांचने पता नहीं आना सागर उनके दायरे में आता है या नहीं*! *छोड़ो सब बातों को अभी तो अगले 15 दिनों में नगर निगम की मेहरबानी से अजमेर में जो बाढ़ आने वाली है उसकी चिंता करो खुद को सुरक्षित करो। जुर्माने की रकम तो पब्लिक की जेब से ही निकलेगी*! *कभी यूजर चार्ज वसूल करके तो कभी एलिवेटेड रोड के नीचे पार्किंग की राशि वसूल करके।*
राजेन्द्र याग्निक