जयपुर। पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत पर छह माह में ये दूसरा हमला किया गया है। मुंबई हमले के गुनहगार अजमल कसाब की फांसी के समय भी सरबजीत पर पाकिस्तानी कैदियों ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। ये खुलासा किया है लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद रहे राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी लेखूराम मेघवाल (50) ने। श्रीगंगानगर जिले की घड़साना तहसील के गांव 13 एमडी का लेखूराम 2007 में गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया और पकड़ा गया था। पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में साढ़े छह साल गुजारने के बाद मार्च 2013 में वह रिहा हुआ था।
लेखूराम मेघवाल ने बताया कि कोट लखपत जेल में रहते हुए मेरी चार बार सरबजीत सिंह से मुलाकात हुई। इस दौरान मुझे यह देखकर खुशी हुई कि सरबजीत ने रिहाई की उम्मीद नहीं छोड़ी थी, जबकि उसे फांसी की सजा मिल चुकी है। हालांकि, कभी-कभी वह घबरा भी जाता था, लेकिन साथी कैदी उसकी हौसला-अफजाई करते थे। आखिरी मुलाकात जब हुई उन दिनों सरबजीत की सेहत ठीक नहीं थी और उसका काफी वजन बढ़ चुका था। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय पर वहां की सरकार के अफसरों की शह पर ही हमले होते है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान से सटे राजस्थान के श्रीगंगानगर, बाड़मेर, जैसलमेर जिलों के कई लोग जानवर चराते हुए अथवा अंधेरे में पाकिस्तान सीमा में चले जाते है, इस तरह की गलती से पाक सीमा में जाने वाले करीब एक दर्जन राजस्थानी वहां की जेल में बंद है। इधर राजस्थान महिला कांग्रेस की ओर से आज सरबजीत की सलामती को लेकर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल पुष्कर सरोवर में पूजा अर्चना की गई।
महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता रश्मी सुमन शर्मा ने बताया कि इस पूजा में शामिल महिलाओं ने सरबजीत की जानकारी हासिल करने के लिए केन्द्रीय गृह सचिव से मुलाकात करने का निर्णय किया है।