ईमित्र केन्द्र पर मची लूट-प्रति आधार 100 रूपये फ़ीस

शिकायत कर्ता
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सरवाड़-अजमेर( इकबाल खान)आधार कार्ड के नाम पर कितनी लूट खसोट सरवाड़ क्षेत्र में हो रही है इस से अंदाजा लगा सकता है कि कितना भ्रष्टाचार इस आधार कार्ड में हो रहा। जहां भाजपा समाचार पत्र और टीवी चैनल के माध्यम से करोड़ो रूपये के विग्यापन लगा कर सरकार बड़े बड़े वादे कर रही है बड़े होल्डिंग लगा कर लोगो को जागरूक कर रही है। आधार कार्ड निशुल्क वही कस्बे में लगा एक ईमित्र केन्द्र प्रति आधारकार्ड बनाने के 200 रुपये की चोथ वसूली देखने को मिली। वेसे सरकार आधार कार्ड में एडिटिंग करने की फ़ीस 25 शुरू शुल्क निर्धारत कर रखी है। वहां पर सौ से डेढ़ सौ है दुकानदार की वसूली दुकानदार की दबंगई दुकानदार कहता है कि जिस को शिकायत करनी है करें उपखंड अधिकारी खुद लगा ले मशीन या मेरी की तनख्वाह फीक्स कर दे
क्या ऐसे लोगो के खिलाफ कारवाई नही होनी चाहिए।
आप अंदाजा लगा सख्ते हो एक दुकानदार ऐसा कर सकता है तो पूरे सरवाड़ शहर में क्या हो रहा होगा जहा एक पढे लिखे और जागरूक व्यक्तिओ को इस तरह का जबाब मिल रहा है तो इस केन्द्र पर आसपास के ग्रामीण भी आधार कार्ड बनवाने आते है जो ग्रामीण और पिछड़े और अनपढ़ भी होते है इनके साथ क्या होता होगा। अक्सर लोगो का कहना है की ईमित्र संचालक कई बार तो केंद्र में आये ग्रामीणों के अभद्र व्यवहार पर उतारू हो जाता है। इस तरह की मनमानी से अब तो ऐसा लग रहा है जैसे यह सब मिली भगत से हो रहा है इसलिए केन्द्र संचालक बेख़ौफ़ है और मनमर्जी कर रहा है। इस संचालक शिकायत का कोई ख़ौफ़ नही है।
ई-मित्र केंद्र पर लूट मचती रहेगी। कस्बे में चमन चौराहा स्थित धाकड ई-मित्र केन्द्र पर मची लूट मचा रखी है। जिससे क्षेत्रवासियो ने आरोप लगाते हुए आधार कार्ड बनाने की रेट को लेकर भारी आक्रोश जताया प्रति आधार कार्ड बनाने की 100-150 रूपये लेने से छात्रों ने नाराजगी जताते हुए पार्षद अतीक तंवर एएसयूआई टीम को मनमानी के बारे में बताया। पार्षद अतीक तंवर व एनएसयूआई टीम धाकड ई-मित्र पर जाकर आधार कार्ड बनवाने की रेट के बारे में जानकारी मांगी। वहीं दूसरी ओर ई-मित्र संचालक ने अपनी मनमर्जी से 100 रूपये आधार कार्ड बनने की फ़ीस बताते हए। दादागिरी दिखाते हुए कहां जो मेरी मर्जी होगी वही रेट लूंगा अगर तुम्हें आधार कार्ड बनवाना है तो बनवाओ नहीं तो कहीं और जाओ मेरी रेट सो रुपए हैं तो मैं सो रुपए ही लूंगा और तुम्हें उपखंड अधिकारी से शिकायत करनी है तो करो। जब तक हमारी सैलरी नहीं फिक्स नही होती में आधार कार्ड बनाने की 100 रुए रेट लेकर आधार कार्ड बनाऊंगा।
वहीं दूसरी ओर पार्षद अतीक तंवर ने आरोप लगाया कि यह केंद्र स्टेट बैंक ऑफ इंडिया न्यू 654 के नाम से चल रहा है जो सिर्फ मात्र इस बैंक के लिए है। जो की एक दिन में मात्र पाच से दस आधारकार्ड बना स्काता है। वही ईमित्र संचालक कैलास धाकड़ इसको को चमन चोराहे पर एक निजी किराये की दुकान में चला कर लाखो रूपये महीने छाप रहा है।

वर्जन-रोशिक खान गौरी
मेने दो दिन पहले मेरे आधार कार्ड में अपनी जन्म तारीख़ को एडिट करवाई थी उसकी फ़ीस सौ रूपये फ़ीस ली थी। और आधार बनवाने के लिए लाईन लगी हुयी थी दर्जनों आधार कार्ड रोजाना बनाये जाते है।क्यों की सरवाड़ क्षेत्र के आसपास बस मात्र यही एक आधार कार्ड बनाने का केन्द्र मात्र है।या फिर 17 किलोमीटर दूर केकड़ी जाना पड़ता है। इसलिए आधार कार्ड बनवाने की रेट ज्यादा वसूली जाती है।

पार्षद अतीक तंवर के वर्जन
जहाँ जहाँ भ्रष्टाचार होगा वहां हम खुलकर विरोध करेंगे वह लोगों के साथ आवाज बुलंद करेंगे लोगों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे यही हमारा सिद्धांत है। यह ई-मित्र संचालक रोजाना दर्जनों आधार कार्ड बनाकर पांच हजार रोजाना की वसूली करता है जो महीने के डेढ़ लाख होते है।

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