स्वस्थ राजस्थान मिशन की धज्जियां उड़ाने में लगी हैं कांग्रेस

बी पी सारस्वत
अजमेर : 4 मार्च, राजस्थान की कांग्रेस सरकार जनता के स्वास्थ्य साथ खिलवाड़ करने पर तुली हुई हैं कांग्रेस चुनावी वादे करने में आगे रहती हैं लेकिन धरातल से कोसों दूर है।
भाजपा अजमेर देहात के जिलाध्यक्ष प्रो. बी.पी. सारस्वत ने आज प्रेस नोट जारी कर राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा पर आरोप लगाया हैं कि शर्मा अपने ग्रह जिला अजमेर में राजस्थान सरकार के स्वस्थ राजस्थान मिशन की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
प्रो. सारस्वत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में अजमेर सँभाग के सबसे बड़े अस्पताल जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में करोड़ों की लागत में इमरजेंसी यूनिट का नवीनीकरण किया गया था लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण लोकार्पण नही हो पाया, राजस्थान में कांग्रेस की सरकार को ढाई माह का समय बीत जाने के बावजूद भी इमरजेंसी यूनिट का लोकार्पण नही हो पाया हैं, जिससे दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगो की आये दिन मौतें हो रही हैं जिसकी जिम्मेदार राजस्थान की कांग्रेस सरकार है।
प्रो. सारस्वत ने बताया की दुर्घटना में गंभीर घायल लोग जांच के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं और पर्याप्त चिकित्सा सुविधा के अभाव में आए दिन मौतें हो रही हैं जबकि नवीन इमरजेंसी यूनिट में सभी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हैं किंतु गंभीर घायल लोग जांच के लिए प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं जिससे घायलों के परिवार पर आर्थिक भार पड़ रहा हैं, जिससे यह प्रतीत हो रहा कि कांग्रेस सरकार निजी अस्पतालों की जेब भरने में लगी हुई हैं।
प्रो. सारस्वत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पूर्व जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट का लोकार्पण करने की मांग करी हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा सँभाग के इतने बड़े अस्पताल पर ध्यान नही दे रहे है वह अजमेर की जनता के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। सारस्वत ने जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में कार्डियन सर्जन, नेफ्रोलॉजिस्ट, एंडोक्रोइनोलॉजिस्ट व न्यूरो सर्जन एवं फिजिशियन की नियुक्ति लोकसभा आचार संहिता से पहले करने की मांग करी हैं। व स्वाइनफ्लू के पॉजिटिव मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाने की अपील की हैं भाजपा नेताओं ने बताया कि स्वाइनफ्लू के संभावित पॉजिटिव मरीजो को पॉजिटिव मरीजो के साथ आइसोलेशन वार्ड में रखा जाता है और जब संभावित मरीज की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती हैं तब तक उस मरीज़ो के परिजनों को स्वाइनफ्लू का उपचार की प्रारंभिक दवाइयां दे दी जाती हैं, जो गलत हैं जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का काम चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा व गहलोत सरकार कर रही हैं जो कि निंदनीय हैं ।

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