केकडी 15 अप्रैल,(पवन राठी)
गोर गोर गोमती ईसर पूजे पार्वती के मदर गीतों व बेंड की धुनों से गुरुवार को गणगौर के पावन पर्व पर प्रातः काल से ही बालिकाएं व महिलाएं नए नए परिधान पहनकर सज-धज कर आकर्षक व मनमोहक फूलों व घास से “जेले” सजाकर बैंड बाजों की सुमधर राजस्थानी गणगौर के गीतों की धुनों पर नगर के विभिन बगीचों में से जले लेने निकल पड़ी थी जो बैंड की धुन पर हर्षोल्लास से अपने अपने नियत स्थान पर पहुंचकर सुहाग पर्व माता पार्वती की आराधना के लिए हर्षोल्लास से निकल पड़ी व लडकिया इसर व गणगौर का रूप धर कर बारातके रूप में चल रही थी व महिलाएं मंगलगीत भी गाती हुई चल रही थी,कंवारी कन्याएं माता पार्वती से अच्छे वर की कामना व सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के साथ गणगौर पूजा कर रही थी ।केकडी की हर गली मोहल्लों कालोनियों व मंदिरों में भी सामूहिक रूप से गणगौर पूजा ह्यो रही थी व ईस पावन मौके पर “उजमन”के रूप में सुहागिन महिलाओं को अपने यहां जिमनवार कर माता पार्वती से मनोती पूर्ण होने पर तो कोई मनोती मांग रही थी,।