दिनांक 5 फरवरी 2022: अजमेर: राजस्थान महिला कल्याण मण्डल, चाचियावास के द्वारा कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउण्डेशन के सहयोग से अजमेर को बाल यौन शोषण, बाल मजदूरी एवं बाल तस्करी से मुक्त कराने हेतु “एन्शोरिंग एक्सेस टू जस्टिस फाॅर चिल्ड्रन” परियोजना के अन्तर्गत तीन दिवसीय स्टाफ इण्डक्शन प्रशिक्षण के दौरान संस्था के मुख्य लेखाधिकारी श्री नेमीचन्द वैष्णव एवं शिक्षा कार्यक्रम उपनिदेशक श्री रणसिंह चीता के द्वारा उपयोगी जानकारी दी गई।
संस्था निदेशक राकेश कुमार कौशिक के अनुसार प्रशिक्षण में श्रम निरीक्षक प्रियंका चैहान ने बालश्रम की पहचान, रोकथाम एवं बचाव के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों एवं श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। संस्था मुख्यकार्यकारी क्षमा आर. कौशिक एवं साइक्लोजिस्ट देवयांगी सोनी ने बाल यौन शोषण एवं यौन शोषण, श्रम एवं तस्करी से पीडि़त बच्चों की काउंसलिंग के उद्देश्य, महत्व, तरीकों के बारे में जानकारी दी। संयुक्त निदेशक अनुराग सक्सेना ने पाॅजिटिव थिंकिंग, अतिरिक्त निदेशक तरूण शर्मा ने कोर्डिनेशन, लेखाधिकारी नेमीचन्द वैष्णव ने संस्था लेखा नियमों, उपनिदेशक रणसिंह चीता ने परियोजना में स्टेक होल्डर्स की भूमिका विषय के बारे में समझाया। लोक अभियोजक विक्रम सिंह शेखावत के द्वारा पौक्सो कानून, संस्था आई.टी. इन्चार्ज लक्ष्मण सिंह चैहान ने सोशियल मीडिया की उपयोगिता एवं महत्व के बारे में बताया। प्रशिक्षण का संचालन उपनिदेशक नानूलाल प्रजापति ने किया एवं विक्रान्त बोयत ने सहयोग किया।